किसानों के लिए वरदान बन गई है यह मशीन, सरकार भी देती है सब्सिडी

किसानों के लिए वरदान बन गई है यह मशीन, सरकार भी देती है सब्सिडी
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रीपर मशीन : कम लागत, तेज कटाई और मुनाफे का शानदार मौका, सरकार देती है सब्सिडी

भारत में खेती-किसानी अब पहले जैसी नहीं रही, समय के साथ लगातार आधुनिक कृषि तकनीकों और यंत्रों को किसानों द्वारा अपनाया जा रहा है। इससे अब किसान न केवल श्रम और समय की बचत कर रहे हैं, बल्कि उनकी खेती लागत में भी कमी आई, साथ ही अधिक उपज और बेहतर मुनाफा भी मिल रहा है। इन्हीं उन्नत कृषि यंत्रों में से एक है “रीपर मशीन” जो फसल कटाई के काम को बेहद आसान, तेज और सटीक बना रही है। पहले जहां फसलों की कटाई में घंटों का समय और मजदूरों की आवश्यकता होती थी, वहीं अब इस मशीन की मदद से यह काम मिनटों में हो रहा है। बता दें कि किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए “कृषि यंत्र अनुदान योजना” के तहत अलग अलग राज्यों में सरकार की ओर से फसल कटाई की मशीन रीपर पर सब्सिडी दी जाती है। आइए जानते हैं इस मशीन की विशेषता, कीमत, इसके फायदे और इस पर मिलने वाली सब्सिडी के बारे में।

क्या है रीपर मशीन और क्यों है यह किसानों के लिए खास? (What is a reaper machine and why is it special for farmers?)

रीपर मशीन (reaper machine) एक बहु-उपयोगी कृषि यंत्र है, जिसे खासतौर पर फसलों की कटाई के लिए डिजाइन किया गया है। अभी कृषि बाजार में दो तरह की रीपर मशीन उपलब्ध है, जिसमें पहली स्वचालित रीपर मशीन और दूसरी ट्रैक्टर चलित है। आमतौर पर देखा जाए, अधिकतर किसान ट्रैक्टर चलित रीपर मशीन का इस्तेमाल अधिक कर रहे हैं। यह मशीन ट्रैक्टर से जुड़कर काम करती है और तेजी से फसल काटने में मदद करती है। ऐसे में यह मशीन कटाई के लिए काफी अच्छी मशीन मानी गई है।

रीपर मशीन को चलाने के लिए कितने एचपी का ट्रैक्टर चाहिए? (How much HP tractor is required to run a reaper machine)

यह मशीन ईंधन-कुशल ट्रैक्टर के साथ, लगभग 45 से 60 मिनट में एक एकड़ क्षेत्र में फसल की कटाई कर सकती है। मशीन को चलाने के लिए 35-40 एचपी का ट्रैक्टर पर्याप्त होता है। देखा जा रहा है कि, अधिकतर किसान रीपर मशीन के लिए स्वराज, महिंद्रा, जॉन डियर, न्यू हॉलैंड, सोनालिका, आयशर जैसे लोकप्रिय ब्रांड के ट्रैक्टर मॉडल का उपयोग करते हैं। इन ब्रांड के उपलब्ध मॉडल और कीमत की जानकारी के लिए ट्रैक्टर गुरु की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं, यहां आपके लिए नए और नए जैसे यूज्ड ट्रैक्टर उपलब्ध हैं, जो आसान लोन किस्तों के साथ आपके हो सकते हैं। 

कौन-कौन सी फसलों की कटाई के लिए हैं उपयोगी? (Which crops are these useful for harvesting)

यह मशीन उन किसानों के लिए वरदान बन गई है, जो मजदूरों की कमी या समय की बाधा के चलते फसल की कटाई समय पर नहीं कर पाते। इस रीपर मशीन से धान, गेहूं, मूंग, उड़द और चना जैसी फसलों की कटाई कर सकते हैं। पारंपरिक तरीकों की तुलना में रीपर मशीन न केवल अधिक प्रभावी होती है, बल्कि समय और श्रम की भी बचत करती है। मशीन के ब्लेड तेज गति से घूमते हैं और फसल को जड़ों से काटते हुए एक साइड में सलीके से गिरा देते हैं, जिससे आगे की कृषि प्रक्रिया आसान हो जाती है। फसल की जड़ के पास से कटाई होने से खेत में पराली भूसा नहीं बचती। यानी पराली जलाने की जरूरत नहीं है, साथ ही, यह मशीन कई मजदूरों का काम अकेले कर देती है यानी अब किसानों को मजदूरों की कमी से परेशान नहीं होना पड़ेगा। 

किसानों के लिए कमाई का जरिया भी बन सकती है यह मशीन (This machine can also become a source of income for farmers)

रीपर मशीन फसल की कटाई ही नहीं करती, बल्कि यह किसानों के लिए कमाई का जरिया भी बन सकती है। किसान इस मशीन से अपनी फसल की समय पर कटाई कर सकते हैं और समय पर अगली फसल बो सकते हैं। अन्य दूसरे किसानों के खेतों में किराए पर मशीन चला सकते हैं। इस मशीन का किराया लगभग 700 रुपए प्रति घंटे तक हो सकता है। भूसा भी अधिक मात्रा में तैयार कर सकते हैं, जिससे और कमाई हो सकती है। 

रीपर मशीन की कीमत और उपलब्ध सब्सिडी (Reaper Machine Price and Available Subsidy)

अभी बाजार में दो तरह की रीपर मशीन उपलब्ध है, एक स्वचालित और दूसरी ट्रैक्टर चलित। इसमें अलग अलग कंपनियों के रीपर की अलग अलग कीमत होती है। रीपर मशीन की कीमत 50,000 से लेकर 2,50,000 रुपए तक हो सकती है, जो ब्रांड, फीचर्स और क्षमता पर निर्भर करती है। किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कृषि यंत्र अनुदान योजना के अंतर्गत राज्य सरकारों द्वारा गरीब एवं सीमांत किसानों को फसल कटाई की मशीनों पर सब्सिडी दी जाती है। मान्य वर्ग के किसानों को 40 प्रतिशत तक का अनुदान और एसटी/एससी, लघु/सीमांत और महिला किसानों के लिए यह अनुदान 50 प्रतिशत तक हो सकता है। अनुदान प्राप्त करने के लिए किसान अपने जिले के सहायक कृषि अभियांत्रिकी विभाग में संपर्क कर सकते हैं। इसे स्थानीय डीलरशिप, कृषि उपकरण बिक्री केंद्रों या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खरीदा जा सकता है। 

मध्यप्रदेश में 1.50 लाख रुपए की सब्सिडी (Subsidy of 1.50 lakh rupees in Madhya Pradesh)

मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री नरवाई प्रबंधन योजना एवं सब-मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मेकेनाइज़ेशन (SMAM) के अंतर्गत रीपर कम बाइंडर मशीन पर एससी एवं एसटी वर्ग श्रेणी के किसानों को लागत का 50 प्रतिशत यानी अधिकतम 1 लाख 50 हजार रुपए और सामान्य वर्ग के किसानों को लागत का 40 प्रतिशत यानी अधिकतम 1 लाख 20 हजार रुपए का अनुदान दिया जाता है। अधिक जानकारी के लिए कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं या अपने नजदीकी कृषि विभाग से संपर्क कर सकते हैं।

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