कृषि उपकरणों पर मिलेगी 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, ये हैं टॉप 5 सब्सिडी योजना

कृषि उपकरणों पर मिलेगी 80 प्रतिशत तक सब्सिडी, ये हैं टॉप 5 सब्सिडी योजना
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सरकार की इन 5 योजनाओं के तहत खरीदें कृषि यंत्र, उठाएं 80 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ 

अगर आप किसान हैं और खेती संबंधित कामों को समय रहते पूरा करने के लिए कृषि मशीनों की खरीद करना चाहते हैं और पैसों की समस्या आड़े आ रही है, तो परेशान नहीं हो। आज ही इन 5 सरकारी योजनाओं में आवेदन कर आधे से भी कम कीमत पर कृषि यंत्रों को खरीद सकते हैं। इन सरकारी योजनाओं की जानकारी नीचे दी जा रही है।

देश में कृषि एवं कृषि से संबंधित क्षेत्र को पहले से कहीं अधिक एडवांस बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही है, जिनमें राज्य सरकारें भी अपने-अपने स्तर पर योगदान कर रही है। ऐसे में खेती-बाड़ी में आधुनिक कृषि मशीनों और तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न सरकारी योजनाएं संचालित है। इन योजनाओं में आवेदन कर किसान आधे से भी कम कीमतों पर आधुनिक कृषि मशीनों को खरीदकर खेती में प्रयोग कर सकते हैं। बता दें कि आज के बदलते समय में कृषि उत्पादों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए खेती-किसानी में कृषि यंत्रों का उपयोग बेहद जरूरी हो गया है। बिना कृषि उपकरणों के खेती से समय पर उत्पादन करना संभव ही नहीं, बल्कि ना मुमकिन भी है। 

आज खेती में बड़े से मध्यम किसान खेती करने के तरीकों में बदलाव के साथ-साथ अधिक कमाई के लिए खेतों में आधुनिक कृषि मशीनों (Agricultural Machines) का प्रयोग कर फसल उत्पादन कर रहे हैं। लेकिन मध्यम और लघु किसान आज भी इन कृषि मशीनों के प्रयोग से वंचित है, क्योंकि खेती के ये कृषि यंत्र कीमत में काफी महंगे आते हैं। लेकिन केंद्र सरकार देश के ऐसे सभी किसानों के पास कृषि मशीनों को पहुंचाने के लिए विभिन्न प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। इनमें सभी राज्य सरकारें अपने स्तर पर अंश जोड़कर हर छोटे-बड़े कृषि यंत्रों पर मोटी सब्सिडी मुहैया करवाती है। आप इन सरकारी योजनाओं में आवेदन करके 50 से 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर अपनी जरूरतों के अनुसार कृषि उपकरणों (Agricultural Machines)  को खरीद सकते हैं। 

इन सरकारी योजना के तहत कृषि मशीनों पर मिलेगी सब्सिडी 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत सरकार, राज्य सरकारों के सहयोग से देशभर में विभिन्न कृषि यंत्रीकरण सब्सिडी योजनाओं का संचालन कर रही है। जिसमें किसानों को तय प्रावधानों के अनुसार खेती मशीनों पर अनुदान उपलब्ध करवा रही है। इसमें ट्रैक्टर सब्सिडी योजना, हार्वेस्टर सब्सिडी योजना, राजस्थान कृषि श्रमिक संबल मिशन योजना, कृषि यंत्र अनुदान योजना और फसल अवशेष मैनेजमेंट के काम आने वाली कृषि मशीनों पर कृषि यंत्र अनुदान योजना प्रमुख है। इन सभी अनुदान योजनाओं की जानकारी अपने-अपने राज्य के किसान पोर्टल और अपने जिला के कृषि विभाग एवं कृषि यंत्रीकरण विभाग से संपर्क कर ले सकते हैं। 

ट्रैक्टर सब्सिडी योजना (Tractor Subsidy Scheme) के तहत ट्रैक्टर पर सब्सिडी

खेती में सबसे महत्वपूर्ण कृषि उपकरण ट्रैक्टर है, क्योंकि ट्रैक्टर से ही अन्य कृषि मशीनों को जोड़कर खेती के सभी कार्य किए जाते हैं। बाजार में ट्रैक्टरों की कीमत करीब 3.30 लाख से 31.30 लाख रुपए के बीच है, जिनमें विभिन्न सर्वश्रष्ठ ट्रैक्टर ब्रांड मौजूद है। लेकिन देश में अधिकतर किसान गरीब तबके से है और उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वे ट्रैक्टर खरीद पाए। किसानों की इस समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने कृषि यंत्रीकरण के तहत ट्रैक्टर सब्सिडी योजना चलाई। इसके तहत ट्रैक्टर की खरीद पर किसानों को सब्सिडी देने का प्रावधान किया गया है। पीएम किसान ट्रैक्टर सब्सिडी योजना के तहत देश के किसी भी राज्य में किसान सब्सिडी पर एडवांस टेक्नोलॉजी से लैस नए ट्रैक्टर के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना के तय प्रावधानों के अनुरूप नए ट्रैक्टर की खरीद करने पर किसानों को उनकी श्रेणी के अनुसार 20 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। भारत सरकार की इस योजना लाभ उठाने के लिए पहले आपको निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर पर जाकर आवेदन करना होगा। बता दें कि आवेदन करने के बाद जन सेवा केंद्र आपको एक पर्ची देता है, जिससे आप  भविष्य में आपके आवेदन की स्थिति की जांच कर सकते है। खास बात यह है कि देश की कई राज्यों की सरकारें ट्रैक्टर सब्सिडी योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित करती है। 

फसल अवशेष मैनेजमेंट के काम आने वाली कृषि मशीनों पर सब्सिडी

देश के कई राज्यों में फसल अवशेष मैनेजमेंट के काम आने वाले कृषि यंत्रों पर सरकारें अपने तय प्रावधानों के तहत किसानों को 50 प्रतिशत और सहकारी समिति, किसान उत्पादन संगठन (एफपीओ) और कस्टम हायरिंग सेंटर खोलने वाले किसानों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है। योजना के तहत सुपर स्ट्रा मैनेजमेंट (एसएमएस), हैप्पी सीडर, पैडी स्ट्रा चोपर, मल्चर, बेलर, रोटरी सलेसर, क्राप रीपर, ट्रैक्टर चलित, स्वचलित, रिवर्सिबल एमबी प्लाउ, जीरो टिल सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल मशीन, सुपर सीडर, बेलिग मशीन, शर्ब मास्टर, स्लेसर आदि उपकरणों पर सब्सिडी देने की व्यवस्था की गई है। अगर आप भी इन मशीनों पर सब्सिडी का लाभ उठाना चाहते हैं, तो इसके लिए आप ’मेरी फसल मेरा ब्योरा’ (my crop my details) पोर्टल https://fasal.haryana.gov.in  पर रजिस्ट्रेशन कर आवेदन कर सकते हैं। बता दें कि हरियाणा कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने फसल अवशेष मैनेजमेंट योजना के तहत आवेदन मांगे हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 23 जुलाई 2023 से पहले आवेदन कर सकते हैं। वहीं, योजना की अधिकतम जानकारी भी ले सकते हैं। 

राजस्थान कृषि श्रमिक संबल मिशन योजना 

राजस्थान राज्य सरकार ने राज्य में भूमिहीन कृषि श्रमिकों के लिए राजस्थान कृषि श्रमिक संबल मिशन योजना  (Rajasthan Agricultural Workers Sambal Mission Scheme) संचालित की है। इसके तहत राज्य में 2 लाख भूमिहीन श्रमिकों को हाथ से चलने (हस्तचालित) वाले कृषि यंत्रों की खरीद पर प्रति परिवार अधिकतम 5 हजार रुपए तक की सब्सिडी देने का प्रावधान किया है। राजस्थान सरकार ने इसके लिए अपने बजट 2022-23 में 100 करोड़ रुपए राशि का बजट भी स्वीकृत किया है। इस योजना तहत वाटर कैन, झाड़ी काटने की कैंची, घास काटने की मशीन, ड्रिबलर, कुल्हाड़ी सहित 42 हस्त चलित मशीनों पर राज्य सरकार की ओर से श्रमिकों पूरे 100 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। इस योजना के तहत किसानों और खेतिहर मजदूर अपने नजदीकी जिले कृषि कार्यालय, नजदीकी कृषि केंद्र में या आधिकारिक कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।  

कृषि यंत्र अनुदान योजना 

कृषि यंत्र अनुदान योजना/ कृषि यंत्रीकरण अनुदान योजना जैसे कई अन्य योजनाओं के माध्यम से देश की राज्य सरकारें अपने-अपने लेबल पर खेती से जुड़ी विभिन्न प्रकार की मशीनों पर तय प्रावधानों के अनुरूप लाभार्थियों को सब्सिडी मुहैया करवाती है। इसी बीच बीते दिनों राजस्थान राज्य सरकार ने भी कृषि यंत्र अनुदान योजना के तहत किसानों को ड्रोन खरीदने के लिए सब्सिडी देने का फैसला किया है। राज्य सरकार ने इस योजना तहत किसानों को ड्रोन पर 40 प्रतिशत या अधिकतम  4 लाख रुपए तक की राशि सब्सिडी के तौर पर देने का प्रावधान किया है। 

राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हार्वेस्टर मशीन पर सब्सिडी 

सरकार राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत हार्वेस्टर मशीन पर लगभग 40 प्रतिशत तक सब्सिडी देती है। इस योजना का लाभ उठाकर आवेदन कर आप ग्रामीण क्षेत्रों में कस्टम हायरिंग केंद्र/कृषि यंत्र बैंक और हाई टेक हब की स्थापना कर सकते हैं। हार्वेस्टर मशीन सब्सिडी पर खरीद कर आप इसे किराए पर चला सकते हैं। गेहूं-धान सहित अन्य अनाज फसलों की कटाई करने वाले ये हार्वेस्टर बाजार में लगभग 40 लाख रुपए तक की कीमत पर मिलते हैं, जिस वजह से हर कोई किसान इसे खरीद नहीं पाते हैं। सरकार की इस योजना का लाभ उठाने के लिए अपने नजदीकी जन सेवा केंद्र में आवेदन कर सकते हैं। वहीं, योजना की अधिकतम जानकारी के लिए जिले के कृषि अभियांत्रिकी विभाग से भी संपर्क कर सकते हैं। 

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