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गर्मियों में थाईलैंड की इस घास से बढ़ेगा गाय भैंस के दूध का उत्पादन, किसानों की आय में होगी वृद्धि

गर्मियों में थाईलैंड की इस घास से बढ़ेगा गाय भैंस के दूध का उत्पादन, किसानों की आय में होगी वृद्धि
पोस्ट -17 जून 2023 शेयर पोस्ट

जानें, गर्मियों में गाय-भैंस के दूध बढ़ाने के तरीके

जून-जुलाई के महीने में सबसे तेज धूप पड़ती है। इन मौसम में गाय-भैंस के दूध उत्पादन की क्षमता में अक्सर काफी कमी देखने को मिलती है। तेज गर्मी की वजह से गाय-भैंस के दूध उत्पादन क्षमता का प्रभावित होना पशुपालक किसानों के लिए काफी नुकसानदायक होता है। गौरतलब है कि देश में कृषि के बाद किसानों के लिए सबसे बड़ा व्यवसाय पशुपालन ही है। इसलिए पशुपालक किसानों के आय में वृद्धि हो इसके लिए जरूरी है कि पशुओं की सही देखभाल और उनके पोषण का सही तरीका सुनिश्चित हो। गर्मियों के मौसम में कुछ ऐसे घास कारगर हैं जो पशुओं के शरीर को ठंडा रखती है और प्रोटीन से भरपूर चारा का एक विकल्प बनती है। गर्मी में जरूरी है कि पशुओं के शरीर के तापमान के स्तर को नियंत्रित रखा जाए।

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ट्रैक्टर गुरु के इस पोस्ट में हम दूध बढ़ाने के उपाय, दूध बढ़ाने वाले टॉप घास, थाईलैंड घास आदि की जानकारी देने जा रहे हैं।

गर्मियों में क्यों घटती है दूध की मात्रा

गर्मियों में पशुओं के शारीरिक तापमान में असंतुलन हो जाता है। शारीरिक तापमान ज्यादा होने की वजह से पशुओं के खाने की रुचि कम हो जाती है। पोषक तत्वों के अभाव की वजह से खाने की इच्छा नहीं होने के कारण पशुओं के दूध देने की क्षमता कम हो जाती है। यही वजह है कि गर्मियों में गाय और भैंस का दूध घट जाता है। ऐसे में पशुपालक किसानों को दूध बढ़ाने के लिए गाय व भैंस का खास ध्यान रखना पड़ता है।

थाईलैंड की घास से बढ़ता है दूध उत्पादन

नेपियर घास को थाईलैंड की घास के नाम से जाना जाता है। इससे किसानों के पशुओं के दूध उत्पादन की क्षमता बढ़ जाती है। इस घास की खासियत यह है कि इसमें 20 प्रतिशत तक प्रोटीन पाया जाता है। तना मोटा होने और स्वाद में मीठी घास होने की वजह से इस घास को पशुओं का गन्ना भी कहा गया है। इस घास में 40 प्रतिशत क्रूड फाइबर पाया जाता है। जिससे पशुओं को पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा मिलती है। भारत में इस घास को हाथी घास भी कहा जाता है। इस घास की बड़ी खासियत यह भी है कि इसके लिए पानी की जरूरत भी बहुत कम पड़ती है और बंजर भूमि पर भी इस घास को उगाया जा सकता है। मात्र 45 दिन में यह घास तैयार हो जाती है। जिसके बाद इसे काटकर चारे के तौर पर पशुओं को दिया जा सकता है। गर्मी में इस घास को खिलाने से पशुओं का शारीरिक तापमान भी संतुलित रहेगा और शरीर में पोषक तत्वों की मात्रा भी पर्याप्त रूप से बनी रहेगी।

दूध उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए और क्या कर सकते हैं उपाय

गर्मियों में दूध उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए गाय और भैंस की अच्छी देखभाल किया जाना जरूरी है। सुबह और शाम दोनों समय पशुओं को ठंडे पानी से नहलाना चाहिए। शाम को यदि हो सके तो चारागाह की ओर ले जाना और पशुओं को खुला छोड़ना चाहिए।  इसके अलावा पशु के घर में खुली हवा की आवाजाही जरूरी है। ताकि पशुओं के घर में तापमान संतुलित रह सके। पशुओं को पंखा या कूलर की मदद से भी राहत प्रदान करें।

किन चारा फसलों से बढ़ता है दूध का उत्पादन

पशुओं के दूध उत्पादन में बढ़ोतरी के लिए पशुओं को पर्याप्त मात्रा में हरा चारा देना जरूरी है। बहुत से किसान होते हैं जिनके पास चारे की खेती के लिए पर्याप्त भूमि नहीं होती। ऐसे किसान पशुओं के लिए कंबाला चारा घर से ही तैयार कर सकते हैं। इसके लिए आलमारीनुमा संरचना की मदद ली जा सकती है। यह हाइड्रोपोनिक्स चारा होता है। इसे मिट्टी की जगह जल में भी उगाया जा सकता है। कंबाला के अलावा अजोला पशु चारा होता है, वह भी पानी में उगाया जा सकता है। 

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