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डीएपी खाद के फायदे जानें, डीएपी खाद की पूरी जानकारी

डीएपी खाद के फायदे जानें, डीएपी खाद की पूरी जानकारी
पोस्ट -14 जनवरी 2023 शेयर पोस्ट

डीएपी (DAP) खाद : जानें, असली डीएपी की पहचान का सबसे आसान तरीका

ज्यादातर किसान खेती में अब डीएपी का इस्तेमाल कर रहे हैं, इसका पूरा नाम डाई अमोनियम फास्फेट (DAP) है। डीएपी खाद किसानों के लिए लोकप्रिय खाद बन गया है। इसे डाई के नाम से भी जाना जाता है। अब इसमें कोई संदेह नहीं है कि हर चीज के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रभाव होते हैं। इसी तरह डीएपी खाद के भी कुछ फायदे तो कुछ नुकसान हैं। इसी सिलसिले में आज हम डीएपी खाद के इस्तेमाल के कुछ फायदे और नुकसान बताने जा रहे हैं।

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फसलों पर डीएपी का प्रभाव

डीएपी (DAP)  का इस्तेमाल रबी की फसल में गेहूं की बुआई के लिए किया जाता है। इसमें उपस्थित फास्फोरस एवं नाइट्रोजन तत्व बीजों के अंकुरण एवं पौधों की वृद्धि एवं पुष्पन के लिए टॉनिक का कार्य करते हैं। यदि किसान बुवाई के समय डीएपी (DI Ammonium Phosphate) नहीं देता है तो नाइट्रोजन की कमी का एक घटक यूरिया से पूरा हो जाता है, लेकिन फास्फोरस की कमी फसल के लिए घातक होती है। यदि यह पौधों को उपलब्ध नहीं होता है, तो फलने और फूलने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है, जिससे पैदावार बहुत कम हो जाता है। पोटाश भी पौधों के विकास में एक महत्वपूर्ण तत्व है, जिससे जड़ का विकास होता है। यूरिया पौधों को पौष्टिक बनाने का काम करता है। क्लोरोफिल की कमी से पौधा पीला पड़ जाता है। अतः पौधे को कम भोजन मिलता है। नतीजतन आय नगण्य है। इन्हीं कमियों को पूरा करने के लिए फसलों में डीएपी दी जाती है। 

असली डीएपी (DAP) की पहचान

सबसे ज्यादा मिलावट महंगी खाद यानी डायमोनियम फास्फेट में पाई जाती है। कभी-कभी इसे देखकर पहचान करना आसान नहीं होता है, लेकिन अगर किसान थोड़ी सी सावधानी बरतें तो नुकसान से बचा जा सकता है। इसलिए आज हम बताने जा रहे हैं कि कैसे किसान खाद की गुणवत्ता की पहचान कर सकता है। असली डीएपी की पहचान इन दो तरीकों से किया जा सकता है -

पहला : डीएपी असली है या नकली इसकी पहचान करने के लिए किसान डीएपी के कुछ बीज हाथ में लेते हैं और इसे तंबाकू की तरह चूने के साथ मिलाने से तेज गंध निकलती है जिसे सूंघना मुश्किल होता है तो समझ लीजिए कि यह डीएपी है। 

दूसरा : किसान भाइयों के पास असली डीएपी की पहचान करने का एक और आसान तरीका है। अगर कुछ डीएपी के दानों को धीमी आंच पर कड़ाही में गर्म किया जाए और ये दाने फूल जाएं, तो समझिए किसान भाइयों, यही असली डीएपी  है, डीएपी की असली पहचान है। इसके सख्त बीज भूरे, काले और बादामी रंग के होते हैं और नाखून से आसानी से नहीं टूटते।

डीएपी खाद का उपयोग (Use of DAP Manure)

डाई अमोनियम फास्फेट (डीएपी) खाद किसानों की पहली पसंद है। डीएपी रासायनिक खाद का एक क्षारीय रूप है, जिसमें 46% फास्फोरस और 18% नाइट्रोजन होता है। डीएपी को खेत में लगाने से फसलों को सभी पोषक तत्व मिलते हैं और नाइट्रोजन-फास्फोरस की कमी पूरी होती है। डीएपी पानी में घुलनशील होते हैं, जो फसलों को पानी देते ही मिट्टी में घुल जाते हैं।

  • पौधों को अपने पूरे जीवन में लगभग 16 पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है, जिसमें नाइट्रोजन और फास्फोरस को महत्वपूर्ण और प्राथमिक पोषक तत्व माना जाता है।
  • डीएपी उर्वरक इन पोषक तत्वों का उच्चतम स्रोत है जो मिट्टी के संपर्क में पानी की उपस्थिति में अच्छी तरह से घुलनशील होते हैं।
  • इसके अलावा, इसमें पाया जाने वाला सबसे अच्छा उर्वरक, फास्फोरस मिट्टी के संपर्क में अच्छी तरह से घुल जाता है, जो पौधों में जोड़ों के विकास में बहुत योगदान देता है, इसके अलावा, यह पौधों की कोशिकाओं के विभाजन में भी योगदान देता है।
  • डीएपी का उपयोग न्यूक्लिक एसिड फास्फोलिपिड्स के उत्पादन में भी बहुत मदद करता है।
  • इस प्रकार, डीएपी पौधों में बहुत योगदान देता है, यह सुनिश्चित करता है कि पौधों को जीवन भर वे सभी पोषक तत्व मिलते रहें जिनकी उन्हें आवश्यकता होती है, जिससे बेहतर विकास होता है।

डीएपी (DAP) खाद के फायदे

  • नाइट्रोजन और फास्फोरस की प्रचुरता के कारण ये पौधों को लंबे समय तक पोषक तत्वों की आपूर्ति करते हैं।
  • डीएपी पौधों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • डीएपी खाद तिलहनी और दलहनी फसलों के लिए अत्यधिक उपयुक्त है।
  • डीएपी खाद पौधों के पोषक तत्वों के लिए अत्यधिक उपयोगी मानी जाती है।
  • पादप कोशिकाओं के लिए बहुत उपयोगी है।

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