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पुरस्कार स्कीम: देसी गाय ने 12.300 लीटर दूध देकर पाया प्रथम पुरस्कार, जानें, पूरी जानकारी

पुरस्कार स्कीम:  देसी गाय ने 12.300 लीटर दूध देकर पाया प्रथम पुरस्कार, जानें, पूरी जानकारी
पोस्ट -24 फ़रवरी 2023 शेयर पोस्ट

काना की गाय ने सर्वाधिक 12.300 लीटर दुग्ध उत्पादन कर जीता प्रथम पुस्कार

पुरस्कार स्कीम  2023 : सरकार पशुपालन में देश-प्रदेश की मूल गौवंशीय नस्ल व भारतीय उन्नत नस्लों की दुधारू देसी गायों के पालन को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा कई प्रकार की पुरस्कार स्कीम लॉन्च कर किसान व पशुपालकों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में बीते कुछ दिनों पहले मध्यप्रदेश सरकार ने देश-प्रदेश की उन्नत नस्ल की देसी गायों के पालन को बढ़ावा देने के लिए राज्य में मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के जरिये ’नवीन पुरस्कार स्कीम’ चलाई, जिसके तहत अधिक दुग्ध देने वाली उन्नत नस्ल की देसी गायों के पशुपालकों को पुरस्कृत किया जाता है। मध्यप्रदेश पशुपालन विभाग द्वारा इस प्रतियोगिता को सभी 52 जिलों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश की मूल गौवंश व भारतीय उन्नत नस्ल की देसी गायों के पशुपालकों ने हिस्सा लिया। ऐसे में बीते दिनों मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना के अंतर्गत पशुपालन विभाग द्वारा भारतीय उन्नत नस्ल की देसी गायों की प्रतियोगिता रेणुका कृषि उपज मण्डी प्रांगण में आयोजित की गई। इस प्रतियोगिता में 20 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिसमें से 10 सर्वाधिक दुग्ध देने वाली गायों को ही चुना गया। इस प्रतियोगिता में पशुपालक काना खोड़ा निवासी ग्राम झीरी की गाय ने सर्वाधिक 12.300 लीटर दुग्ध उत्पादन कर प्रथम पुरूस्कार जीता। पुरस्कार की राशि संबंधित पशुपालकों के बैंक खाते में सीधे ट्रेजरी के जरिये से दी जायेगी। आईए, इस पोस्ट की मदद से इस पूरी खबर के बारे में विस्तार से जानते हैं। 

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झीरी की गाय ने जीता 51 हजार रुपए का प्रथम पुरस्कार

मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजनान्तर्गत पशु पालन विभाग द्वारा भारतीय उन्नत नस्ल की गायों की प्रतियोगिता रेणुका कृषि उपज मण्डी प्रांगण में 13 एवं 14 फरवरी, 2023 को आयोजित की गई। प्रतियोगिता में काना खोड़ा निवासी ग्राम झीरी की गाय ने सर्वाधिक 12.300 लीटर दुग्ध उत्पादन कर पहला पुरस्कार 51 हजार रुपए जीता। जबकि द्वितीय पुरस्कार 21 हजार रुपए की राशि का नौधन वामा निवासी ग्राम झीरी की गाय ने 12.264 लीटर दुग्ध उत्पादन कर जीता। वहीं, तीसरा 11 हजार रुपए का पुरस्कार बिजल तेजा निवासी ग्राम खडकोद की गाय ने 12.101 लीटर दुग्ध उत्पादन कर पाया। उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवा ने बताया कि प्रतियोगिता में 20 आवेदन किए गए थे। जिसमें से 10 अधिक दुग्ध देने वाली गायों को ही शामिल किया गया, जो 6 लीटर से ज्यादा दूध देने वाली थी। 13 फरवरी को सुबह एवं शाम का दूध उत्पादन एवं 14 फरवरी को सुबह का दुग्ध उत्पादन, इस प्रकार कुल तीन समय के सभी दस गायों का दुग्ध उत्पादन का औसत निकाला गया।

गिर नस्ल की गाय ने दो दिन में 22.32 लीटर दूध देकर जीता पहला पुरस्कार

प्रतियोगिता में दूसरा पुरस्कार हरियाणवी नस्ल की गाय को 21 हजार रुपए राशि का मिला। वहीं तीसरा 11 हजार रुपए राशि का पुरस्कार गिर नस्ल की गाय ने ही जीता। प्रतियोगिता में जिलेभर की 6 लीटर से अधिक दूध देने वाली 10 गायों को शामिल किया, जिनमे से 3 गायों को पुरस्कृत किया गया है। 14 व 15 फरवरी प्रतियोगिता में चयन सभी दस गायों के दूग्ध उत्पादन का औसत उत्पादन निकाला गया, जिसमें सबसे अधिक गिर नस्ल की गाय ने 2 दिन में 22 लीटर 32 ग्राम दूध दिया।

भिंड में गोपालक अतुल सिंह ने जीता पहला पुरस्कार

उप संचालक पशुपालन विभाग डॉ. आएएस भदौरिया ने बताया कि प्रतियोगिता में जिलेभर से 64 आवेदन प्राप्त हुए, जिसमें से 10 ऐसी देसी गायों को जिला मुख्यालय पर बुलाया गया जो 6 लीटर से अधिक दूध देती हों। इनमें 2 दिन सभी दस गायों के दूध के उत्पादन का औसत उत्पादन निकाला गया। जिसमें मेहगांव क्षेत्र के खारीपुरा निवासी गोपालक अतुल सिंह की गिर नस्ल ने दो दिन में 22 लीटर 32 ग्राम दूग्ध उत्पादन कर 51 हजार रुपए का पहला पुरस्कार जीता है। वहीं दूसरे नंबर पर शहर के वीरेंद्र नगर निवासी फूल सिंह की गाय को 11 हजार रुपए का पुरस्कार मिला। गाय ने दो दिन में 21 लीटर 61 ग्राम दूग्ध का उत्पादन दिया। वहीं, तीसरे स्थान पर भिंड के नीरू सिंह तोमर ने 11 हजार रुपए पुरस्कार जीता। नीरू सिंह तोमर की गाय ने 21 लीटर 59 ग्राम दूध दिया। 

मस्तराम की गिर गाय ने जीता गोपाल पुरस्कार 

मीडिया रिपोर्ट की जानकारी के अनुसार मध्‍य प्रदेश के शिवपुरी के बामौर गांव के मस्तराम की गिर नस्ल की गाय ने 18 लीटर दूध देकर गोपाल पुरस्कार जीता है। देसी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के लिए मध्य प्रदेश पशुपालन विभाग द्वारा शिवपुरी में सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी ट्रेनिंग सेंटर पर आयोजित हुई प्रतियोगिता के लिए ब्लॉक के 24 गोपालकों ने आवेदन किया था। इनमें से दुग्ध उत्पादन के आधार पर 10 गायों का चयन किया गया। प्रतियोगिता के दौरान दो दिनों में तीन समय के दुग्ध उत्पादन के आधार पर गायों के दूध को मापा गया। उप संचालक पशुपालन विभाग डॉ. एमसी तमोरी ने पुरस्कारों की घोषणा की, जिसमें शिवपुरी के ग्राम बामौर निवासी मस्तराम रावत की गिर नस्ल की गाय ने (17.897 लीटर) दूध उत्पादन देकर प्रथम पुरस्कार स्वरूप 51 हजार रुपए प्राप्त किए। इसके अलावा, ग्राम बड़ागांव निवासी गोपाल सिंह गुर्जर की साहीवाल गाय (17.456 लीटर) को द्वितीय पुरस्कार स्वरूप 21 हजार की राशि तथा तीसरे स्थान पर ग्राम जागती निवासी अशोक सिंह गुर्जर की साहीवाल गाय ने (16.197 लीटर) दूध देकर पुरस्कार स्वरूप 11 हजार रुपए की राशि का प्राप्त किया। शेष सात प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए।

हर साल फरवरी में होती है प्रतियोगिता

बता दें कि दूध उत्पादन और पशुपालकों को बढ़ावा देने के लिए मध्यप्रदेश पशुपालन विभाग द्वारा हर साल दुग्ध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाता है। इस प्रतियोगिता में सर्वाधिक दूध देने वाली गाय के गोपालकों को नगद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया जाता है। इस गोपाल पुरस्कार प्रतियोगिता को हर साल फरवरी माह में आयोजित की जाती है, जिसमें राज्य के सभी जिलों में ब्लॉक स्तर पर चयन किया जाता है। देसी गाय के गोपालक इस प्रतियोगिता में शामिल होते हैं, जहां तीन बार का दूध औसतन एकत्रित करते हैं। इस दौरान जिस गाय के दूध के उत्पादन का औसत सबसे अधिक होता है उसको नकद पुरस्कार दिया जाता है।

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