बीएस टर्म्स (BS TREM 4) : देश में ट्रैक्टर इंडस्ट्री के लिए जनवरी 2023 से BS TREM 4 उत्सर्जन लागू हो जाएंगे। ICRA की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि 50 एच.पी से अधिक कैपेसिटी वाले इंजन ट्रैक्टरों के लिए नए मानक, भारत चरण TREM IV द्वारा घरेलू मात्रा 7 से 8 प्रतिशत तक प्रभावित होगी। जिसमें किसानों को नए साल 2023 में ट्रैक्टरों की कीमत में वृद्धि का सामना करना पड़ेगा। संशोधित उत्सर्जन मानदंडों में परिवर्तन से 50 हॉर्सपावर और उससे अधिक श्रेणी के ट्रैक्टरों की लागत में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। हालांकि, निर्माता उम्मीद कर रहे हैं कि धीरे-धीरे वृद्धि लागत का भार ग्राहकों पर डाल दिया जाएगा। ट्रैक्टरगुरु के इस लेख में हम आपकों बीएस टर्म-4 एमिशन स्टैंडर्ड (BS TREM 4 emission standard) लागू होने से ट्रैक्टर इंडस्टी पर पड़ेने वाले प्रभाव के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं।
आईसीआरए (ICRA) के कॉर्पोरेट रेटिंग्स विभाग के उपाध्यक्ष, रोहन कंवर गुप्ता ने अपने बयानों में कहा कि अक्टूबर 2020 में 50 एच पी से अधिक वॉल्यूम के लिए गुप्त निर्देशों को प्रभावी रूप से निर्धारित किया गया था, लेकिन कोविड 19 महामारी संक्रमण के कारण सरकार द्वारा जारी रुकावटों के बीच उद्योग की पहल पर विचार करने के परिणामस्वरूप इस तिथि में बार-बार देरी हुई। भारतीय किसानों के लिए बीएस टर्म 4 एमिशन स्टैंडर्ड वाले ट्रैक्टर की बिक्री पहले अक्टूबर 2020 में शुरू होनी थी। हालांकि, संशोधित मानदंडो के तहत अब जनवरी 2023 से 50 एच पी या उससे अधिक एच पी श्रेणी के ट्रैक्टरों पर बीएस 4 लागू होगा। अब सभी ट्रैक्टर कंपनियां बीएस 4 वाले ट्रैक्टर बाजार में बेचेंगी। बता दें कि संशोधित मानदंडों को पूरा करने के लिए तकनीकी उन्नयन ओईएम के पास आसानी से उपलब्ध हैं, जो देश के बाहर बीएस टीआरईएम 4 मॉडल निर्यात करते हैं।
बता दें कि ऑटोमोबाइल सेक्टर में बीएस मानकों का प्रयोग होता है। बीएस का पूरा नाम भारत स्टेज उत्सर्जन मानक (BS TREM 4 emission standard) है। ये मानक केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के तहत निर्धारित किए जाते हैं। भारत स्टेज उत्सर्जन मानक (बीएस) को देश में साल 2000 में लागू किया गया था। बीएस से वाहनों (दुपहिया, चौपहिया, टै्रक्टर व अन्य भारी वाहनों) में कार्बन उत्सर्जन (वाहन प्रदूषण) के मानक तय होते हैं। बीएस को यूरोपियन कार्बन उत्सर्जन मानक यूरो की तर्ज पर भारत में लागू किया गया था।
ICRA की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि जनवरी 2023 से 50 एच पी या उससे अधिक एच.पी के ट्रैक्टरों पर बीएस टर्म 4 उत्सर्जन मानक (BS TREM 4 emission standard) लागू हो जाएंगे। संशोधित उत्सर्जन मानदंडों में परिवर्तन से 50 एच पी और उससे अधिक केटेगरी के ट्रैक्टरों की लागत में 10-15 प्रतिशत की वृद्धि होने का अनुमान है। आईसीआरए का अनुमान है कि 50 एचपी श्रेणी के ट्रैक्टर की उत्पादन लागत में 1 लाख से 1.3 लाख रुपये तक की वृद्धि होगी। हालांकि, आईसीआरए ICRA) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ट्रैक्टर कंपनियां लागत में वृद्धि का बोझ एक साथ किसान पर नहीं डालेंगी। ओईएम से धीरे-धीरे ग्राहकों को लागत में बढ़ोतरी की उम्मीद है। संशोधित मानदंडों के कारण एक और बदलाव ओईएम में ट्रैक्टरों के साथ अपने पोर्टफोलियो को पुनः प्राप्त करने में होगा जो कम हॉर्सपावर पर बेहतर टॉर्क प्रदान करते हैं।
आईसीआरए का अनुमान है कि ट्रैक्टर इंडस्ट्री लगातार ग्रोथ कर रही है। ICRA के अनुसार, 50 hp श्रेणी के ट्रैक्टरों में कुल उद्योग की मात्रा का केवल 7 से 8 प्रतिशत हिस्सा होता है, अधिकांश ट्रैक्अर 30 से 50 एच पी रेंज में बेचे जाते हैं। ICRA के अनुसार, बीएस 4 नियम उद्योग के एक महत्वपूर्ण वर्ग पर लागू होते रहेंगे। 50 हॉर्स पावर से कम, जिसका वित्त वर्ष 21-22 में बिक्री का लगभग 92 प्रतिशत हिस्सा था। जिसमें 40 एच पी से 50 एचपी श्रेणी में वर्ष 21-22 में 53 प्रतिशत ट्रैक्टर बेचे गए थे। वर्तमान वित्त वर्ष में ओईएम द्वारा कम हॉर्सपावर और उच्च टॉर्क मॉडल पेश करने के साथ, यह उम्मीद की जाती है कि ट्रैक्टरों के इस सेगमेंट की हिस्सेदारी को और बढ़ावा मिलेगा। वर्तमान वित्त वर्ष में भारत में करीब 10 लाख ट्रैक्टर बिकने का अनुमान है। इसमें 20 एचपी से 120 एचपी रेंज के ट्रैक्टर शामिल है।
रोहन कंवर गुप्ता, शाखा दफ्तर के प्रेसिडेंट का कहना है कि बीएस 4 मानकों को पारित करने के लिए डीजल ट्रैक्टरों के लिए आवश्यक प्रमुख उन्नयन में ईंधन इंजेक्शन सिस्टम, एयर हैंडलिंग सिस्टम, एग्जॉस्ट गैस रीसर्क्युलेशन, डीजल ऑक्सीडाइजेशन कैटेलिस्ट, सेलेक्टिव कैटेलिस्ट रिडक्शन सिस्टम और डीजल पार्टिकुलेट फिल्टर शामिल हैं। 50 एचपी या उससे अधिक इंजन पावर वाले ट्रैक्टर श्रेणियों में से, इंजन वायु और ईंधन नियंत्रण उन्नयन में वृद्धिशील लागत का 80 प्रतिशत शामिल होने की उम्मीद है। आईसीआरए का अनुमान है कि जनवरी 2023 से लागू बीएस टर्म 4 उत्सर्जन मानक में 50 एचपी या उससे अधिक इंजन पावर वाले ट्रैक्टर श्रेणी में कई नए फीचर्स देखने को मिलेंगे।
आईसीआरए (ICRA) ने अपने एक रिपोर्ट में कहा है कि संशोधित मानदंडों को पूरा करने के लिए तकनीकी उन्नयन ओईएम के पास आसानी से उपलब्ध हैं, जो देश के बाहर बीएस टीआरईएम 4 मॉडल निर्यात करते हैं। हालाँकि, यह मामला देश के भीतर पिछड़ रहा है। लेकिन अब जनवरी 2023 से बीएस टर्म 4 एमिशन स्टैंडर्ड लागू होने से ट्रैक्टर इंडस्टी की प्रमुख कंपनियां जनवरी 2023 से देश में बीएस टर्म 4 एमिशन स्टैंडर्ड वाले ट्रैक्टर उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। ऐसे में उन्हें देश के लिए बीएस 4 डीजल ट्रैक्टर उपलब्ध कराने में कोई परेशानी नहीं है। आईसीआरए (ICRA) के बयानों के अनुसार भारत में मध्यम-से-उच्च एचपी ट्रैक्टरों की सबसे ज्यादा मांग है। जिसमें लगभग 80 प्रतिशत बिक्री 30-50 एचपी ट्रैक्टरों की होती है।
ट्रैक्टरगुरु आपको अपडेट रखने के लिए हर माह फाॅर्स ट्रैक्टर व फार्मट्रैक ट्रैक्टर कंपनियों सहित अन्य ट्रैक्टर कंपनियों की मासिक सेल्स रिपोर्ट प्रकाशित करता है। ट्रैक्टर्स सेल्स रिपोर्ट में ट्रैक्टर की थोक व खुदरा बिक्री की राज्यवार, जिलेवार, एचपी के अनुसार जानकारी दी जाती है। साथ ही ट्रैक्टरगुरु आपको सेल्स रिपोर्ट की मासिक सदस्यता भी प्रदान करता है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
जॉन डियर D Series और E Series ट्रैक्टर में क्या अंतर है? जानें फीचर्स
Yamaha Strengthens Prospr with Smart Weed-Control Technology