दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में बायोस्टिमुलेंट यानी जैव-उत्तेजक कंपनियो को राहत दी है। Biostimulant बनाने वाली और आयात (Import) करने वाली कंपनियां अपना बिजनेस जारी रख सकती हैं जब तक Fertilizer Control Order (FCO) 1985 के तहत उनके आवेदनों पर कार्यवाही हो रही है। यह आदेश 18 अगस्त 2025 को BASAI (भारतीय जैविक कृषि समाधान उद्योग संघ) और अन्य कंपनियों के निवेदन पर दिया गया। इस आदेश से बायोस्टिमुलेंट कंपनियों को काफी राहत मिली है।
कोर्ट के आदेश के मुताबिक जिन निर्माताओं और आयातकों (Importers) के उत्पाद (Product) पहले से ही FCO की अनुसूची VI में शामिल हैं, उन्हें तीन हफ्तों के अंदर राज्य प्रशासनिक अधिकारी को जरूरी दस्तावेज जमा कराने होंगे। अधिकारियों से इन आवेदनों पर छह हफ्तों में निर्णय लेने की अपेक्षा की जाती है। तब तक, बायोस्टिमुलेंट कंपनियां अपने उत्पादों का निर्माण, बिक्री और आयात भी जारी रख सकती हैं।
जिन कंपनियों के आवेदन अभी भी जांच में हैं या जिन पर अधिकारियों ने सवाल उठाए हैं, उन्हें भी कोर्ट में काम करने की इजाजत है। लेकिन यदि उनके कागजात या प्रक्रिया में काेई कमी है तो उन्हें वो 4 हफ्तो के अंदर ठीक करानी होगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने ये भी कहा कि कुछ कंपनियों के आवेदन पहले ही खारिज हो चुके हैं। जब तक उनके उत्पादों को अनुसूची VI के तहत आधिकारिक रूप से मंजूरी नहीं मिल जाती तब तक उन्हें बायोस्टिमुलेंट्स का निर्माण, बिक्री या आयात करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
9 जून 2025 को सरकार ने नया नियम निकाला था कि अब बायोस्टिमुलेंट्स की जांच नई टेस्टिंग विधियों से होगी। लेकिन 18 अगस्त 2025 को कोर्ट ने साफ किया कि इन नई विधियाें (NABL) का पुराने आवेदन या पहले से जमा किए गए कागजों पर कोई असर नहीं होगा। यह नियम आगामी आवेदनों के लिए है।
एक महत्वपूर्ण बात ये भी है कि यह राहत सिर्फ उन्हीं कंपनियों और संस्थाओं को मिलेगी जो इस केस में शामिल थी, यानी एसोसिएशन सदस्य और वो कंपनियां या संस्थान जिनका नाम सीधे इस मामले में दर्ज है। बाकी कंपनियों को इस राहत का लाभ नहीं मिलेगा।
दिल्ली हाई कोर्ट के इस फैसले से सिर्फ बायोस्टिमुलेंट कंपनियों को ही नहीं बल्कि किसानों को भी फायदे होंगे:
प्रश्न 1. क्या किसान बायोस्टिमुलेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं?
उत्तर. जी हां, किसान बायोस्टिमुलेंट का इस्तेमाल खेत की मिट्टी, बीज, पत्तियों या सिंचाई पानी के साथ कर सकते हैं।
प्रश्न 2. भारत में बायोस्टिमुलेंट का उपयोग किस फसल में सबसे ज्यादा होता है?
उत्तर. भारत में बायोस्टिमुलेंट का उपयोग सबसे ज्यादा सब्जी और बागवानी फसलों में होता है, क्योंकि वहां तुरंत और ज्यादा फायदा होता है।
प्रश्न 3. नई बायोस्टिमुलेंट टेस्टिंग लैब नियम 2025 किन कंपनियो पर लागू है?
उत्तर. नई बायोस्टिमुलेंट टेस्टिंग लैब नियम (NABL) केवल आगामी आवेदनों पर लागू होंगे। इनका पुराने आवेदन या पहले पर कोई असर नहीं होगा।
प्रश्न 4. कोर्ट के इस आदेश से किसानों को फायदा मिलेगा या नुकसान?
उत्तर. कोर्ट के इस आदेश से किसानों को फायदा ही मिलेगा क्योंकि बायोस्टिमुलेंट अब आसानी से सही कीमत पर मिलेंगे जिससे किसानों की खेती बेहतर होगी।
प्रश्न 5. क्या बायोस्टिमुलेंट और उर्वरक (Fertilizer) में अंतर है?
उत्तर. उर्वरक पौधे को सीधा पोषण देता है, जबकि बायोस्टिमुलेंट पौधे की ताकत और पोषण उपयोग क्षमता बढ़ाते हैं।
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