देश के 77वें स्वतंत्रता दिवस समारोह के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने लाल किले पर 10वीं बार राष्ट्रीय ध्वज फहराकर देश को संबोधित किया। पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान देशवासियों को अपना परिवार बताते हुए कई नई योजनाओं जिक्र कर देश की प्रगति की बात कही। उन्होंने देश के मिडिल क्लास, किसानों और महिला सशक्तिकरण से लेकर इलेक्ट्रिक बसाें, गांवों में इंटरनेट कनेक्टिविटी, सेमीकंडक्टर विनिर्माण और नैनो यूरिया, यूरिया गोल्ड और नैनो डीएपी जैसे नवाचारों पर जोर दिया। पीएम मोदी ने देश की अर्थव्यवस्था, रोजगार, महिलाओं-किसानों, युवाओं और मणिपुर हिंसा जैसे मुद्दे का जिक्र करते हुए वादा किया कि देश आने वाले 5 सालों में दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा। इस दौरान पीएम मोदी (Pm Modi) ने इस साल दो करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का जिक्र भी किया। उन्होंने कहा कि बैंकों से लेकर आंगनबाड़ियों तक, ऐसा कोई मंच नहीं है जिसमें महिलाएं योगदान नहीं दे रही हों। अब मेरा सपना गांवों में 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का है। इसके लिए हमने “लखपति दीदी’’ योजना (Lakhpati Didi Scheme) शुरू करने का फैसला किया है। आइए “लखपति दीदी योजना” के बारे में जानें।
लखपति दीदी योजना क्या है?
पीएम मोदी (Pm Modi) ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि आज देश की 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूह (SHG ) में जुड़ी हुई हैं। उन्होंने कहा, बैंकों से लेकर आंगनबाड़ी तक, ऐसा कोई मंच नहीं है जिसमें महिलाएं योगदान न दे रही हों। गांव में जाएंगे तो आपको बैंक वाली दीदी, आंगनबाड़ी वाली दीदी और दवाई देने वाली दीदी मिलेगी और अब मेरा सपना है, गांव में 2 करोड़ लखपति दीदी बनाने का। इसके लिए एक नया विकल्प विज्ञान और प्रौद्योगिकी ने दिया है। जिसके लिए हमने “लखपति दीदी” नाम से एक नई योजना शुरू करने का फैसला किया है। जिसमें देश के 15 हजार महिला स्वयं सहायता समूहों को ड्रोन चलाने और मरम्मत करने की ट्रेनिंग दी जाएगी। यह ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मुहैया करवाकर उन्हें सशक्त बनाएगा और देश के कृषि-तकनीक क्षेत्र को मजबूत करेगा। दरअसल, लखपति दीदी योजना देश में महिलाओं के लिए चलाई जाने वाली सेल्फ हेल्प ग्रुप (स्वयं सहायता समूहों) से जुड़ी है। जिसे शॉर्ट में एसएचजी (SHG) कहते हैं। इन स्वयं सहायता समूहों में महिलाओं की भागीदारी सबसे अधिक है।
ड्रोन चलाने और मरम्मत करने का प्रशिक्षण ही क्यों?
पीएम मोदी ने कहा कि एक चीज जो देश को आगे ले जाएगी वो है महिला नेतृत्व वाला विकास...आज, “मैं माताओं- बहनों, बेटियों से कहना चाहता हूं कि देश आज मेरी माताओं- बहनों के सामर्थ्य से आगे बढ़ा है। आज देश प्रगति की राह पर चल पड़ा है तो मेरे किसान भाई-बहनों का पुरुषार्थ है, यह आप ही का परिश्रम है कि देश आज कृषि क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है।” हम गर्व से कह सकते हैं कि देश में एविएशन इंडस्ट्री में सबसे अधिक महिला पायलट हैं। महिला वैज्ञानिक चंद्रयान मिशन का नेतृत्व कर रही हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में देश के कृषि क्षेत्र में ड्रोन का उपयोग तेजी से फैलने वाला है। कृषि के क्षेत्र में ड्रोन के उपयोग को बढ़ावा देने की पहल सरकार ने पहले ही शुरू कर दी है। इसमें देश की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको बड़ा रोल निभा रही है। कृषि क्षेत्र में आने वाला समय ड्रोन प्रोद्योगिकी का होने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी को ध्यान में रखते हुए महिला स्वयं सहायता समूह को ड्रोन से जोड़ने के लिए “लखपति दीदी योजना” के बारे में ऐलान किया। इसमें ड्रोन चलाने की पायलट ट्रेनिंग और ड्रोन मरम्मत करने का प्रशिक्षण महिलाओं को देने पर अधिक जोर दिया जाएगा। इससे महिलाओं को खुद का एक रोजगार प्राप्त हो सकेगा और उनकी आय बढ़ेगी। जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी।
मध्यम वर्ग के लोगों की बढ़ी ताकत
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बीजेपी सरकार के 5 साल के कार्यकाल जिक्र करते हुए कहा कि जब गरीबी घटती है, तो मध्यम वर्ग की ताकत बढ़ती है। आने वाले 5 सालों में, ये मोदी का वादा है कि देश दुनिया की शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में से एक होगा। देशभर के जो 13.5 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले हैं, वो सभी अब मध्यम वर्ग में आ चुके हैं और मिडिल क्लास की ताकत बन गए हैं। उन्होंने कहा, आवास योजनाओं से लेकर पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से स्ट्रीट वेंडरों के लिए 50 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान और ऐसी ही कई अन्य योजनाओं ने इन 13.5 करोड़ लोगों को गरीबी की जंजीरों से मुक्त कर ऊपर उठाने में मदद की है। प्रधानमंत्री ने कहा, “आज झुग्गी-झोपड़ी से निकले बच्चे दुनिया में पराक्रम दिखा रहे हैं। मैं देश के नौजवानों से कहना चाहता हूं, आज अवसरों की कमी नहीं है। आप जितने अवसर चाहेंगे, ये देश आसमान से ज्यादा अवसर देने की सामर्थ्य रखता है। लाल किले से पीएम मोदी ने विश्वकर्मा योजना का जिक्र करते हुए कहा, देश के कारीगर समुदाय के कल्याण को ध्यान में रखते हुए विश्वकर्मा येाजना की शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा इस योजना की शुरूआत विश्वकर्मा जयंती दिवस पर की जाएगी। क्योंकि कारीगरों के लिए विश्वकर्मा जयंती सबसे खास दिन होता है। इस दिन कारीगर अपने औजारों की पूजा करते हैं।
कृषि क्षेत्र और किसान को आगे बढ़ने के लिए योजनाएं
देश के कृषि क्षेत्र और किसान को आगे बढ़ाने के लिए चलाई जा रही कई योजनाओं पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ’’हमने पीएम किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से 2.50 लाख करोड़ रुपए किसानों के खाते में जमा किए हैं। हर घर में शुद्ध जल पहुंचे, इसके लिए हमने जल जीवन मिशन के तहत 2 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। यूरिया की बोरियां किसानों को 300 रुपए पर उपलब्ध करने के लिए, हमने यूरिया पर दस लाख करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की है। पीएम मोदी ने कहा कि गरीबों के घर बनाने के लिए 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जा रहे हैं। इससे पहले घर बनाने में 90 हजार करोड़ रुपये खर्च होते थे। हमने आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत 70 हजार करोड़ रुपए खर्च किए है, ताकि गरीब को दवाई मिले, उनका अच्छे से इलाज हो। पशुधन को बचाने के लिए हमने करीब-करीब 15 हजार करोड़ रुपए टीकाकरण के लिए खर्च किए हैं।
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