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आम, केला और नारियल की खेती पर मिलेगी 75 प्रतिशत की सब्सिडी, यहां करें आवेदन

आम, केला और नारियल की खेती पर मिलेगी 75 प्रतिशत की सब्सिडी, यहां करें आवेदन
पोस्ट -31 मई 2024 शेयर पोस्ट

किसानों को आम, केला और नारियल की खेती पर मिल रही 45 हजार रुपए की सब्सिडी, ऐसे करें आवेदन 

Horticulture Mission Scheme : किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से केंद्र एवं राज्य सरकारें इन दिनों पारंपरिक खेती पैटर्न के साथ बागवानी फसलों की खेती को भी बढ़ावा दे रही है। इसमें फल-फूल और सब्जी फसलों की खेती शामिल हैं। किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए अलग से सब्सिडी और फसल के बीज/पौधे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इस कड़ी में बागवानी खेती में किसानों के बढ़ते रुझान और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए बिहार सरकार आम, केला और नारियल जैसी नकदी फसल की खेती पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसकी खेती के लिए किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए उद्यानिकी विभाग द्वारा अनुदान भी दिया जा रहा है। इसके कारण राज्य में अधिकांश किसान अब मालामाल करने वाली नारियल, आम और केला की खेती पर ज्यादा फ़ोकस करने लगे हैं। इसके लिए राज्य सरकार द्वारा दरभंगा जिले में किसानों को आम, केला और नारियल की खेती के लिए प्रेरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिले में पहली बार नारियल विकास योजना के तहत उद्यान विभाग द्वारा नारियल की खेती को बढ़ावा देने की योजना तैयार की गई है। इसके अलावा, आम और केले की खेती के लिए लक्ष्य रखा गया है। ऐसे में किसान नारियल की खेती से अपनी आय बढ़ा सकते हैं, क्योंकि नारियल के पेड़ 60-80 वर्ष तक फल देते हैं। 

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खेती के लिए कितना रखा गया है लक्ष्य? (What is the target set for farming?)

राज्य उद्यान विभाग इस साल के लिए आम, केला और नारियल की बागवानी खेती पर सबसे अधिक फोकस कर रहा है। इस वर्ष उद्यान विभाग ने जिले में किसानों को नारियल, आम और केला की खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए विभाग द्वारा जिले में पहली बार नारियल विकास योजना के तहत नारियल की खेती को बढ़ावा देने की दिशा पर काम किया जा रहा है और योजना तैयार की गई है। वही, जिले में आम और केले की खेती के लिए 45 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है। विभाग की जानकारी के अनुसार, नारियल विकास योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष के लिए जिले में आठ सौ नारियल के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है।

अनुदानित दरों पर दिए जाएंगे नारियल के पौधे (Coconut plants will be given at subsidized rates)

उद्यान विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, बिहार सरकार ने पहली बार उद्यानिकी में नारियल को भी शामिल किया है। उद्यान विभाग इस वर्ष के लिए जिले में नारियल विकास योजना के तहत ऐसे किसानों को नारियल के पौधे उपलब्ध करा रहा है, जो अपने घरों के आसपास अपनी जमीन पर पौधे लगा सके। रिपोर्ट्स के अनुसार, एक किसान को इस योजना के तहत अधिकतम 4 हेक्टेयर के लिए 712 नारियल के पौधे अनुदानित दरों पर दिए जाएंगे, जबकि अन्य लोगों को अधिक से अधिक घर, आंगन व दरवाजे पर पौधे लगाने के लिए  5 नारियल का पौधा अनुदानित दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। विभाग यह पौधा नारियल विकास बोर्ड के माध्यम से उपलब्ध कराएगा। 

कितना मिलेगा अनुदान ? (How much grant will be received?)

उद्यान विभाग द्वारा एक नारियल के पौधे की कीमत 85 रुपये निर्धारित की गई है, जिस पर किसानों को 75 फीसदी यानी 63.35 रुपए का अनुदान मिलेगा। शेष रकम किसानों को खुद खर्च करनी होगी। कोई भी व्यक्ति जरूरत के हिसाब से पौधों के लिए विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। 4 जून के बाद योजना में ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। नारियल का पौधा लगाने के इच्छुक किसानों के लिए दो साल का भू-लगान रसीद होना अनिवार्य है। बता दें कि बाजार में पानी वाला प्रति नारियल 50 से 60 रुपये में बिकता है। 

आम और केला के लिए इतनी मिलेगी सब्सिडी (This much subsidy will be available for mango and banana)

मीडिया रिपोट्स के अनुसार, सहायक निदेशक उद्यान नीरज कुमार झा बताया कि मुख्यमंत्री बागवानी मिशन योजना के तहत क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम तहत दरभंगा जिले में 25 हेक्टेयर क्षेत्र में आम और 20 हेक्टेयर में केला कुल 45 हेक्टेयर क्षेत्र में खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है। आम की खेती के लिए एक हेक्टेयर की इकाई लागत 60 हजार रुपए आंकी गई, जिस पर किसानों को 75 प्रतिशत का अनुदान दो किस्तों में देने का प्रावधान किया गया है। इसमें किसान को पहली किस्म के तौर 75 प्रतिशत यानी  33,750 की सब्सिडी राशि मिलेगी, जबकि अनुदान राशि 11,250 रुपए दूसरी किस्त के रूप में दी जाएगी। विभाग की शर्त के अनुसार किसान को दूसरी किस्त का भुगतान पौधे के जीवित रहने पर ही किया जाएगा। एक हेक्टेयर में 1500 पौधे, जबकि एक एकड़ में 800 पौधे किसान को लगाने के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।

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