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दुधारू पशुओं में दूर करें कैल्शियम की कमी, मिलेगा पहले से ज्यादा दूध

दुधारू पशुओं में दूर करें कैल्शियम की कमी, मिलेगा पहले से ज्यादा दूध
पोस्ट -18 जून 2023 शेयर पोस्ट

पशुओं में कैल्शियम की कमी के लक्षण, बीमारियों की जानकारी और बचाव के उपाय

पशुपालक किसानों के लिए उसके पशु का स्वास्थ्य बहुत मायने रखता है। पशु के बीमार पड़ने से उसके दुग्ध उत्पादन की क्षमता में कमी तो आती ही है। साथ ही पशुपालक किसानों को इलाज के लिए अलग से रुपया खर्च करना पड़ता है। इस तरह किसान का दोहरा नुकसान होता है। इसलिए जरूरी है कि किसान पशुओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता का विकास करे। ताकि ज्यादातर रोगों से पशुओं का बचाव हो सके। समय-समय पर कैल्शियम देना पशुओं को जरुरी होता है, इससे पशुओं में रोग प्रतिरोधक शक्ति का विकास होता है। पशु किसी भी रोग से लड़ने में सहनशील होता है। 

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ट्रैक्टर गुरु की इस पोस्ट में हम पशुओं में कैल्शियम के कमी से नुकसान, कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग, पशुओं में कैल्शियम की कमी के लक्षण के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

कैल्शियम आहार से दुधारू पशुओं को सबसे ज्यादा लाभ

जिस तरह इंसान को कैल्शियम की जरूरत पड़ती है, उसी तरह पशुओं के शारीरिक विकास के लिए भी पर्याप्त कैल्शियम की जरूरत होती है। इसलिए पशुओं को भी नियमित मात्रा में संतुलित कैल्शियम युक्त आहार देना चाहिए। खासकर दुधारू पशुओं को कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा देना जरूरी होता है। इससे पशु के दूध उत्पादन में वृद्धि होती है। शारीरिक ह्रास भी नहीं होता।

कितना देना चाहिए कैल्शियम

पशुओं को हर दिन कैल्शियम की मात्रा उसके शारीरिक आकार के हिसाब से करनी चाहिए। सामान्यतः 50 मिली लीटर कैल्शियम एक गाय को देना सुरक्षित होता है। 50 मिली लीटर कैल्शियम के साथ 50 मिली लीटर खनिज का मिश्रण देना भी बहुत जरूरी है। पशुओं में इससे गर्भपात की संभावना बेहद कम जाती है और दूध का उत्पादन भी बढ़ जाता है। पशु शारीरिक तौर पर फुर्तीले हो जाते हैं, और स्वस्थ हो जाते हैं।

कैल्शियम की कमी से होने वाले रोग

पशुओं में कैल्शियम की कमी से कई रोग होते हैं जैसे टेटेनी (Tetany), ऑस्टियोपोरोसिस जिसमें हड्डियां कमजोर होकर टूटने लगती है, जैसे रोग होते हैं। इसके अलावा दुधारू पशुओं में मिल्क फीवर ( दूध का बुखार ) जैसे रोग होते हैं।

कैल्शियम की कमी के लक्षण

कैल्शियम की कमी से पशुओं में कई लक्षण देखने को मिलते हैं। यह लक्षण इस प्रकार है।

  • शरीर के तापमान में कमी आना
  • पशुओं को थकान और कमजोरी होना
  • बेहोशी की हालत होना
  • पेट और गर्दन को मोड़ कर बैठना

कैल्शियम की कमी के नुकसान

पशुओं में कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा न होने पर कुछ इस प्रकार के नुकसान देखने को मिल सकते हैं। जैसे

  • पशुओं में रक्त के दवाब में कमी आना। यानी बीपी कम हो जाना।
  • पशुओं के मांसपेशियों में कमजोरी आना।
  • दूध के उत्पादन में कमी हो जाना।
  • शरीर की हड्डियों और दांत की कमजोरी होना और शारीरिक विकास रुक जाना।
  • गर्भधारण में कठिनाई आना

कैल्शियम खिलाने के फायदे

पशुओं को कैल्शियम खिलाने से कई फायदे होते हैं, जैसे 

  • प्रजनन क्षमता में सुधार होता है।
  • पशुओं के स्वास्थ्य में सुधार होता है। यदि पशुओं को पर्याप्त कैल्शियम वाला चारा खिलाई जाए तो पशुओं के लिए यह काफी अच्छा होता है।
  • पशु फुर्तीले और थकान मुक्त होते हैं।
  • दूध देने की क्षमता में विकास

किस रूप में दे सकते हैं पशुओं को कैल्शियम

पशुओं को कैल्शियम, सप्लीमेंट के तौर पर दिया जा सकता है। अच्छे सप्लीमेंट की जानकारी के लिए नजदीकी पशु डॉक्टर से संपर्क करें। इसके अलावा गेहूं में सबसे ज्यादा कैल्शियम की मात्रा होती है। गेहूं से बने चारे की मात्रा बढ़ा सकते हैं। अनाज के तौर पर गेहूं और मक्के को मिश्रित कर मोटे दर्रे में पिसवा कर दुधारू पशुओं को खिलाया जाए तो दूध देने की क्षमता भी बढ़ती है। आईसीएआर के एक रिपोर्ट में मुताबिक गेहूं में कैल्शियम की मात्रा अन्य अनाजों के तुलना में कहीं अधिक होता है। 100 ग्राम गेहूं में 39 से 40 मिली ग्राम तक कैल्शियम की मात्रा होती है।

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