Mini Tractor Subsidy Scheme : ट्रैक्टर और इससे जुड़ी नई तकनीकों पर आधारित कृषि यंत्रों ने देश में कृषि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। आज भारत अनाज फसलों से लेकर आम, अमरूद, नींबू, पपीता, अदरक और काली मिर्च जैसे मसालों का सबसे बड़ा उत्पादक देश है। हरित क्रांति के बाद कृषि में हम आत्मनिर्भर हुए हैं, जिसमें प्रमुख कृषि मशीनरी ट्रैक्टर की एक अहम भूमिका है। बिना इसके आधुनिक और स्मार्ट खेती करने की कल्पना वर्तमान में बिल्कुल भी नहीं की जा सकती है। सही मायने में ट्रैक्टर आज कृषि की रीढ़ बना हुआ है। ऐसे में देश के अधिक से अधिक किसान खेती में ट्रैक्टर का उपयोग कर सके, इसके लिए सरकार द्वारा किसानों को ट्रैक्टर की खरीद करने पर अनुदान दिया जाता है। इस कड़ी में कर्नाटक के किसानों के लिए एक बड़ी खबर है। यदि वे मिनी ट्रैक्टर अनुदान पर खरीदना चाहते हैं, तो उनके लिए राज्य सरकार ने एक सब्सिडी योजना शुरू की है, जिसके अंतर्गत, किसान 90 प्रतिशत तक अनुदान पर नया ट्रैक्टर खरीद सकते हैं। साथ ही इसके उपयोग से अपनी खेती की कार्य दक्षता बढ़ा सकते हैं। आइए, इसके बारे में जानते हैं।
कृषि उत्पादकता बढ़ाने में कृषि यंत्रीकरण की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हुए, सरकार ने राज्य के किसानों के लिए कृषि भाग्य योजना नाम से एक कृषि यंत्र अनुदान योजना लागू की है। सरकार पात्र किसानों को इस कृषि भाग्य योजना में आवेदन करने के लिए आमंत्रित कर रही है। इस राज्य योजना के अंतर्गत मिनी ट्रैक्टर एवं अन्य हाईटेक मशीनरी सहित अलग-अलग कृषि यंत्रों के लिए किसानों को छूट दी जा रही है। कृषि भाग्य योजना के तहत राज्य के एससी (अनुसूचित जाति) और एसटी (अनुसूचित जनजाति) वर्ग के किसान ट्रैक्टर की खरीद पर 90 परसेंट की सब्सिडी के पात्र होंगे। वहीं, दूसरी ओर सामान्य कोटे के किसान मिनी ट्रैक्टर पर 50 प्रतिशत तक अनुदान पा सकते हैं।
किसानों को इस योजना में मिनी ट्रैक्टर (Mini Tractor), पावर टिलर (Power tiller), रोटावेटर (rotavator), वीडर (weeder), पावर स्प्रेयर (power sprayer), डीजल पंप सेट (diesel pump set), हल मिल (plough mill), मोटर चालित मोटरकार और मोटर चालित छोटे ऑइलर (motor driven motorcar and motor driven small oiler) जैसे कृषि यंत्रों की सुविधा दी जा रही है। इस योजना के तहत स्प्रिंकलर सिंचाई यंत्र और औजार (एचडीपीई पाइप) भी 90 प्रतिशत की रियायती दर पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इनके अलावा, राज्य सरकार खेती के गड्ढे एवं इन गड्ढों के चारों ओर तार की बाड़ लगाने के लिए भी अनुदान दे रही है। गड्ढों से पानी उठाने के लिए डीजल अथवा सोलर पंप सेट (10 एचपी क्षमता तक) और फसलों की सिंचाई के लिए सूक्ष्म सिंचाई की मशीनों पर भी सब्सिडी उपलब्ध कराई जा रही है। इन सभी सुविधाओं पर सामान्य वर्ग के कृषकों को 80 प्रतिशत और अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति श्रेणी के किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है।
कृषि भाग्य योजना का उद्देश्य किसानों को आधुनिक उपकरणों के साथ अपनी खेती के तरीकों को उन्नत करने में मदद करना है। इस योजना में पात्र होने के लिए, किसानों के पास कम से कम एक एकड़ खेती योग्य जमीन होनी चाहिए। जो किसान पहले कृषि होंडा योजना या किसी अन्य सरकारी योजना से लाभ पा चुके हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। इस योजना में ट्रैक्टर एवं अन्य उपकरणों पर सब्सिडी का लाभ उठाने के इच्छुक किसानों को अपने नजदीकी किसान संपर्क केंद्र पर जाकर आवेदन जमा करना होगा। आवेदन के साथ, उन्हें पहानी (आरटीसी), एक आधार कार्ड, बैंक पासबुक की एक प्रति, दो पासपोर्ट साइज की फोटो और 100 रुपये का बॉन्ड पेपर जैसे कुछ दस्तावेज देने होंगे। योजना की अधिक जानकारी के लिए, किसान सहायक कृषि निदेशक के कार्यालय से भी संपर्क कर सकते हैं। साथ ही किसान संपर्क केंद्र पर जा सकते हैं।
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