किसानों को सब्सिडी पर ट्रैक्टर: 9 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन शुरू

पोस्ट -28 सितम्बर 2025 | Author: Tractor Guru Team शेयर पोस्ट

किसानों को सब्सिडी पर मिलेगा ट्रैक्टर, 9 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन शुरू, जानें कैसे करें अप्लाई

खेती को अधिक उन्नत और लाभकारी बनाने के लिए किसानों को ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों की खरीद पर अनुदान दिया जाता है। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 'चैम्प्स प्रणाली' के तहत कृषि यांत्रिकीकरण सबमिशन योजना लागू की जा रही है। इस योजना में किसानों को अनुदान (सब्सिडी) पर ट्रैक्टर दिए जाएंगे, जिसके लिए 9 अक्टूबर से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। इच्छुक किसान चैम्प्स के पोर्टल http://champs.cgstate.gov.in/ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। 

क्या है कृषि यांत्रिकीकरण सबमिशन (SMAM) योजना (What is Submission of Agricultural Mechanization (SMAM) Scheme?)

कृषि यांत्रिकीकरण उप-मिशन (SMAM) एक केंद्र प्रायोजित योजना है, जिसे वर्ष 2014-15 से लागू किया गया है। इस योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्रों पर 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। वहीं, ट्रैक्टर और अन्य कृषि यंत्रों के लिए फार्म मशीनरी बैंक, हाईटेक हब और कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना पर एफपीओ, किसान समितियों और उद्यमियों को 80 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान की जाती है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के छोटे एवं सीमांत किसानों को तकनीकी कृषि यंत्रों की सुविधा उपलब्ध कराना है और उनकी खेती उत्पादकता बढ़ाना है। यह किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही स्वरोजगार के अवसर बढ़ावा देने में मददगार है।

पात्रता एवं शर्तें (Eligibility and conditions)

  • कृषि यांत्रिकीकरण उप-मिशन योजना (एस. एम. ए. एम ) का क्रियान्वयन कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार द्वारा किया जा रहा है। 
  • सब मिशन ऑन एग्रीकल्चर मैकेनाइजेशन योजना के अंतर्गत पूर्वोत्तर क्षेत्र (NER) राज्यों के अलावा अन्य राज्यों हेतु 40- 50 प्रतिशत की सीमा तक विभिन्न प्रकार के कृषि उपकरणों की खरीद के लिए सब्सिडी प्रदान की जाती है और पूर्वोत्तर क्षेत्र (NER) राज्यों में यह प्रति लाभार्थी ₹1.25 लाख तक शत-प्रतिशत सीमित है। 
  • योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों और उन दुर्गम क्षेत्रों में कृषि मशीनीकरण की पहुंच बढ़ाना है जहां खेती के लिए विद्युत की उपलब्धता कम है। 
  • कृषि मंत्रालय द्वारा तैयार एक बहुभाषी 'कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी)- फार्म मशीनरी' मोबाइल एप किसानों को उनके क्षेत्र में स्थित कस्टम हायरिंग सर्विस सेंटर से जोड़ता है। 
  • इस योजना के तहत पूर्वोत्तर क्षेत्र राज्यों के अलावा अन्य राज्य सरकारें विभिन्न अनुदान योजनाओं को लागू कर लघु और छोटे भूमि जोत वाले व्यक्तिगत किसान को कृषि यंत्रों और मशीनरी की खरीद पर सब्सिडी प्रदान करती है। 
  • एफपीओ को 'कस्टम हायरिंग सेंटर' और 'हाई-वैल्यू मशीनों के हाई-टेक हब' स्थापित करने के लिए लाभार्थियों को अनुदान इस योजना के तहत दिया जाता है। 
  • 'कस्टम हायरिंग सेंटर (सीएचसी)- फार्म मशीनरी बैंक और हाई-वैल्यू मशीनों के लिए सेंटर की स्थापना के लिए राज्यों की सरकारें केवल 3 साल में केवल एक बार अनुदान लाभ प्रदान करती है।
  • लाभ लेने के लिए व्यक्तिगत किसान को अपने राज्य के कृषि विभागीय पोर्टल पर पंजीकृत होना अनिवार्य है। वहीं, कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक हेतु किसान उत्पादक संगठन (FPO) का एफपीओ सोसायटी एक्ट/कंपनी एक्ट में विज्ञापन की तिथि से कम से कम एक वर्ष पूर्व पंजीकृत होना अनिवार्य  है। 
  • एफपीओ के सदस्यों की न्यूनतम संख्या 50 शेयर होल्डर होने पर ही किसान उत्पादक संगठन (FPO) योजना के तहत लाभ के लिए पात्र होगा।

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन (How to apply online)

इस योजना के तहत राज्य की सरकारों द्वारा समय-समय पर परियोजनाएं लागू कर लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। इसके तहत आवेदक किसान ट्रैक्टर समेत खेती की अन्य 'हाई-वैल्यू मशीनों की खरीद पर सब्सिडी के लाभ के लिए आवेदन कर सकते हैं। अब छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम लिमिटेड द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए चैम्प्स प्रणाली तहत क्रियान्वित कृषि यांत्रिकीकरण सबमिशन के अंतर्गत कृषकों को अनुदान पर ट्रैक्टर देने के लिए 9 अक्टूबर से ऑनलाईन आवेदन  प्रारंभ किया जा रहा है। इच्छुक कृषक चैम्प्स के पोर्टल  http://champs.cgstate.gov.in/ पर कार्यालयीन समय 10 बजे से आवेदन कर सकेंगे । लाभार्थी कृषकों को इस योजना के तहत अनुदान पर ट्रैक्टर प्रदाय किया जाएगा।

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