देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में केंद्र सरकार "सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन" (SMAM) योजना चला रही है। इस योजना के तहत किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र और उपकरण खरीदने का अवसर प्रदान किया जाता है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार लगातार किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने कृषि यंत्रीकरण योजना 2025 लागू की है। इस योजना के तहत अब किसान ट्रैक्टर, उन्नत फसल प्रबंधन यंत्रों और ड्रोन जैसे आधुनिक कृषि उपकरण 50% तक की सब्सिडी पर खरीद सकते हैं।
इस स्कीम का मुख्य उद्देश्य किसानों की मेहनत को कम करना, समय की बचत करना और फसल उत्पादन में बढ़ोतरी लाना है। यह योजना विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों को महंगे कृषि यंत्र खरीदने में मदद करेगी, जिससे खेती की लागत घटेगी और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। इस योजना के तहत सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 29 अक्टूबर 2025 तय की गई है। किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीक अपनाकर आय बढ़ाने का यह बेहद महत्वपूर्ण अवसर है। ऐसे में इच्छुक किसान जल्द से जल्द ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
यूपी सरकार कृषि यंत्रीकरण योजना 2025 के तहत किसानों को 50 से 60 प्रतिशत तक की सब्सिडी पर खेती एवं अवशेष प्रबंधन यंत्र और फसल सुरक्षा उपकरण उपलब्ध करा रही है। राज्य के किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, हैरो, स्प्रेयर, मल्टी क्रॉप थ्रेशर और पावर टिलर जैसे कई उन्नत कृषि उपकरण बेहद कम कीमत पर दिए जा रहे हैं। इन उपकरणों की बाजार कीमत जहां लाखों रुपये होती है, वहीं किसान इन्हें सरकारी सब्सिडी के तहत आधे दाम में खरीद सकते हैं। इस योजना के जरिए किसान बिना आर्थिक बोझ महसूस किए आधुनिक तकनीक को अपनी खेती में अपना सकते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का हर किसान आधुनिक खेती के साधनों से जुड़ सके, ताकि खेती अब बोझ नहीं, बल्कि लाभ का साधन बन सके।
आवेदन प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित बनी रहे, सरकार ने इसके लिए अनुदान वाले कृषि यंत्रों के लिए टोकन मनी की व्यवस्था भी की है।
विभागीय पोर्टल पर कृषि यंत्रों के लिए इस योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया दिनांक 15 अक्टूबर 2025 से प्रारंभ की जा चुकी है। इच्छुक किसान इस योजना का लाभ घर बैठे ऑनलाइन उठा सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 29 अक्टूबर 2025 रात्रि 12:00 बजे तक तय की गई है। किसान कृषि यंत्रों की बुकिंग कृषि विभाग के पोर्टल http://agridarshan.up.gov.in पर जाकर खुद से आवेदन कर सकते हैं। जो किसान ऑनलाइन आवेदन नहीं कर सकते, वे नजदीकी सहज केंद्र (CSC) या कृषि विभाग के कार्यालय में जाकर भी आवेदन करा सकते हैं। पोर्टल पर बुकिंग के लिए किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर ओटीपी आयेगा, यदि कृषक मोबाईल नंबर अपडेट नहीं है अथवा उपलब्ध नहीं है, तो किसान द्वारा स्वयं अपने आधार पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से अपडेट किया जा सकता है।
योजना के तहत चयनित किसान अपनी सुविधा के अनुसार पोर्टल पर पंजीकृत किसी भी अधिकृत कृषि उपकरण विक्रेता से यंत्रों की खरीद कर सकते हैं। खरीद के बाद किसानों को उसका इनवॉइस (बीजक या रसीद) कृषि विभाग कार्यालय में जमा कराना होगा। इसके बाद पात्र किसानों के बैंक खातों में सब्सिडी की राशि डीबीटी प्रोसेस के माध्यम से सीधे ट्रांसफर कर दी जाएगी। इससे किसानों को पूर्ण अनुदान लाभ मिलेगा और बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाएगी।
कृषि अधिकारी भगवती प्रसाद ने बताया कि यह योजना प्रदेश के किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। सरकार का उद्देश्य है कि हर किसान तकनीकी रूप से सक्षम बने और आधुनिक उपकरणों का उपयोग करके खेती को अधिक लाभकारी बना सके। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा, क्योंकि सब्सिडी के तहत अब उन्हें यंत्रों की कीमत का केवल आधा हिस्सा ही देना होगा। इससे किसानों की खेती में क्रांतिकारी बदलाव आने की उम्मीद है।
जहां पहले जुताई, बुवाई और फसल कटाई में किसानों को घंटों मेहनत करनी पड़ती थी, अब आधुनिक मशीनें कुछ ही समय में यह सारे काम कर देंगी। इससे न केवल श्रम और समय की बचत होगी, बल्कि उत्पादन लागत घटेगी और फसलों की गुणवत्ता एवं पैदावार दोनों में सुधार होगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस योजना के माध्यम से हर किसान आधुनिक कृषि यंत्रों से लैस हो सके और उसकी आय में दोगुनी बढ़ोतरी हो। अगर आप भी किसान हैं और खेती को आसान व लाभदायक बनाना चाहते हैं, तो इस योजना में तुरंत आवेदन करें और 50% सब्सिडी का लाभ उठाएं।
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
बिहार में ट्रैक्टर समेत 86 कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, 30 सितंबर तक करें ऑनलाइन आवेदन
PM-RKVY और कृषोन्नति योजना के तहत ₹1,183 करोड़ जारी
कीट नियंत्रण ट्रैप पर किसानों को मिलेगी 75% की सब्सिडी
दूध के साथ गोबर-गौमूत्र से कमाई! नंदिनी योजना में ₹31 लाख तक अनुदान
अक्टूबर में कम पानी में बोएं ये 5 फसलें, जानें MSP और बुवाई का सही समय