स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के लिए 29 अक्टूबर तक करें आवेदन, गार्लिक बल्ब ब्रेकर और मल्टी-सीडिंग ट्रांसप्लांटर के लिए 26 अक्टूबर अंतिम तारीख, जानें जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया
मध्य प्रदेश में कृषि यंत्रों पर अनुदान का लाभ लेने के इच्छुक किसानों के लिए जरूरी खबर है। राज्य के ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम (SMS) सहित तीन कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। किसान अपनी जरूरत के अनुसार संबंधित कृषि यंत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 29 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है, जबकि गार्लिक बल्ब ब्रेकर कम ग्रेडर और मल्टी-सीडिंग ट्रांसप्लांटर के लिए 26 अक्टूबर तक आवेदन किया जा सकता है। इन यंत्रों के लिए चयन प्रक्रिया लॉटरी के माध्यम से होगी।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आवेदन करने से पहले किसानों को अपने जिले में संबंधित यंत्र का लक्ष्य, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जांच लेनी चाहिए।
मध्य प्रदेश के ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर इन तीन कृषि यंत्रों के लिए आवेदन मांगे गए हैं।
स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम फसल अवशेष प्रबंधन में उपयोगी कृषि यंत्र है। धान की कटाई के बाद खेत में बचे अवशेषों को संभालने और उनका प्रबंधन करने में यह मदद करता है। इस यंत्र के लिए 21 अक्टूबर से आवेदन शुरू हुए हैं। किसान 29 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसकी लॉटरी 30 अक्टूबर 2026 को निर्धारित है। आवेदन के साथ 3,500 रुपये की धरोहर राशि का डिमांड ड्राफ्ट (DD) जमा करना होगा।
लहसुन उत्पादक किसानों के लिए गार्लिक बल्ब ब्रेकर कम ग्रेडर उपयोगी कृषि यंत्र है। इसका इस्तेमाल लहसुन के गुच्छों को अलग करने और ग्रेडिंग संबंधी कार्यों में किया जाता है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर 2026 तक बढ़ाई गई है। इसकी लॉटरी 27 अक्टूबर को प्रस्तावित है। आवेदन के साथ 8,850 रुपये की धरोहर राशि का DD देना होगा।
न्यूमेटिक सेमी-ऑटोमैटिक वेजिटेबल/मल्टी-सीडिंग ट्रांसप्लांटर भी अनुदान के लिए उपलब्ध यंत्रों में शामिल है। यह सब्जियों की बुवाई या रोपाई से संबंधित कार्यों में उपयोग किया जाता है। इसके लिए 26 अक्टूबर 2026 तक आवेदन किया जा सकता है। इसकी लॉटरी 27 अक्टूबर को प्रस्तावित है। इसके आवेदन के साथ 5,600 रुपये की धरोहर राशि का DD जमा करना होगा।
कृषि यंत्रों पर मिलने वाला अनुदान किसान की श्रेणी, भूमि जोत और संबंधित यंत्र की पात्र कीमत के आधार पर तय होता है। रिपोर्ट के अनुसार, फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े यंत्रों पर पात्र किसानों को लागत का अधिकतम 50 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। हालांकि, वास्तविक अनुदान राशि और पात्रता की पुष्टि पोर्टल पर उपलब्ध सब्सिडी कैलकुलेटर से करनी चाहिए। केवल आवेदन करने से अनुदान मिलना सुनिश्चित नहीं होता।
ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को एग्री-स्टैक फार्मर आईडी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक के पहले पृष्ठ की प्रति और भूमि की बी-1 प्रति तैयार रखनी चाहिए। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को जाति प्रमाण पत्र की जरूरत हो सकती है। ट्रैक्टर से चलने वाले यंत्र के लिए ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन कार्ड (RC) भी मांगा जा सकता है। इसके अलावा, निर्धारित धरोहर राशि के DD की स्कैन कॉपी अपलोड करनी होगी।
किसान मध्य प्रदेश के आधिकारिक ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल farmer.mpdage.mp.gov.in पर जाकर संबंधित यंत्र और जिलेवार लक्ष्य की जानकारी देख सकते हैं। पहले से पंजीकृत किसान आधार नंबर और OTP के माध्यम से लॉगिन कर सकते हैं। नए आवेदकों को नजदीकी MP Online या CSC सेंटर पर बायोमेट्रिक आधार प्रमाणीकरण के जरिए पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद यंत्र का चयन कर जरूरी दस्तावेज और DD की स्कैन कॉपी के साथ आवेदन जमा किया जा सकता है। किसान ध्यान रखें कि DD बनवाने से पहले अपने जिले में संबंधित यंत्र का लक्ष्य उपलब्ध होने की पुष्टि जरूर करें। योजना से जुड़ी सहायता के लिए संबंधित ब्लॉक या जिला कृषि कार्यालय अथवा सहायक कृषि यंत्री कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
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