एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 : कृषि उत्पादकता बढ़ाने और छोटे-सीमांत किसानों को सस्ती ब्याज दर से खेती एवं संबंधित काम के लिए “अल्पकालिक ऋण” मिलता रहे, इसके लिए सरकार द्वारा “संशोधित ब्याज छूट योजना” (एमआईएसएस) को वर्ष 2025-26 में भी जारी रखा गया है। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदा जैसी गंभीर स्थिति से प्रभावित किसानों को कर्ज से राहत दिलाने के लिए भी सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही है। इसमें अवधिपार कृषि ऋण माफी देकर ऋणी सदस्यों को राहत दी जा रही है। इस बीच राजस्थान के किसानों के लिए खुशखबरी है। 3 हजार से अधिक किसानों का 44 करोड़ रुपए का ब्याज माफ कर राहत प्रदान की गई है। सरकार द्वारा इसके लिए राज्य में “मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना” (OTS) 2025-26 लागू की गई है। राज्य के भूमि विकास बैंकों के अवधिपार किसानों के साथ ही लघु उद्यमियों को भी योजना का लाभ मिल रहा है। आइए, जानते हैं कि एकमुश्त समझौता योजना 2025 क्या है, योजना का लाभ किसानों को किस प्रकार से दिया जाता है? आदि की सभी जानकारी।
राज्य के सहकारिता मंत्री गौतम कुमार दक ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य में प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के अवधिपार ऋणी सदस्यों के लिए “मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत अब तक 3,410 ऋणी किसान सदस्यों द्वारा 33 करोड़ रुपए मूलधन जमा करवाया जा चुका है तथा राज्य सरकार द्वारा 44 करोड़ रुपए की ब्याज माफी मिली है। उन्होंने बताया कि राज्य के 36 प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंकों के कुल 30,010 ऋणी सदस्य ओटीएस योजना के अंतर्गत ब्याज माफी के लिए पात्र हैं। इन ऋणियों द्वारा 326 करोड़ रुपए मूलधन का पुनर्भुगतान करने पर 534 करोड़ रुपए की राहत देय होगी।
सहकारिता राज्य मंत्री गौतम कुमार दक ने बताया कि राजस्थान एकमुश्त समझौता योजना 2025-26 के अंतर्गत पात्र ऋणी सदस्य द्वारा अवधिपार ऋण का केवल मूलधन का भुगतान करने पर राज्य सरकार द्वारा अवधिपार ब्याज में शत प्रतिशत छूट दिए जाने का प्रावधान है। मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना के अंतर्गत प्रदेश के सबसे बड़े अवधिपार खाते का निस्तारण हुआ है। प्राथमिक भूमि विकास बैंक, अलवर की लक्ष्मणगढ़ शाखा के ऋणी सदस्य कठूमर तहसील के टिटपुरी ग्राम निवासी बलजीत व अन्य पुत्र छज्जू मेव को ब्याज राहत प्रदान की गई है। सदस्यों द्वारा 18.61 लाख रुपए का मूलधन जमा कराए जाने पर 37.23 लाख रुपए के ब्याज की राहत प्रदान की गई। इस तरह, 55.84 लाख रुपए के अवधिपार खाते का निस्तारण किया गया।
सहकारिता मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त प्रचार-प्रसार से इस योजना की जानकारी जन-जन तक पहुंच चुकी है, जिससे पात्र किसान ओटीएस योजना का लाभ उठाने और अपने कर्ज से राहत पाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में नीलामी के दौरान बोलीदाता के अभाव में बैंक द्वारा राजस्थान सहकारी सोसायटी अधिनियम, 2001 की धारा 103 के तहत ऋणी सदस्य की भूमि बैंक के पक्ष में करवाई गई थी। अब मुख्यमंत्री अवधिपार ब्याज राहत एकमुश्त समझौता योजना के अंतर्गत कर्ज खाते का निस्तारण होने से भूमि पुन: किसान बलजीत मेव के स्वामित्व में आ जाएगी। इससे वे अपने परिवार का गुजर-बसर आसानी से कर पाएंगे।
बता दें कि एकमुश्त समझौता योजना (One Time Settlement Scheme) राजस्थान सरकार द्वारा लागू की गई एक महत्वपूर्ण योजना है। योजना के तहत राज्य के उन ऋणी किसानों का ऋण ब्याज माफ किया जाता है, जो किसी कारण वश बैंक डिफ़ॉल्टर घोषित किए जा चुके हैं। सरकार द्वारा इसे प्रति वित्तीय वर्ष की शुरूआत में लागू कर भूमि विकास बैकों के अवधिपार ऋणी सदस्यों को शत-प्रतिशत ब्याज राहत प्रदान की जाती है। यह लाभ ऋणी किसान अपने द्वारा लिए गए अल्पकालीन ब्याज मुक्त फसली ऋण की मूलधन राशि जमा करने पर प्राप्त कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि खरीफ सीजन 2024 के लिए प्रदेश के 2.19 लाख किसानों ने 778 करोड़ रुपए का ऋण ले रखा है। केन्द्रीय सहकारी बैंकों द्वारा पैक्स / लैम्प्स के माध्यम से खरीफ-2024 में ऋण प्राप्त करने वाले किसान योजना के अंतर्गत मूलधन का भुगतान कर कर्ज से राहत पा सकेंगे। यानी उन्हें अवधिपार ऋण पर पेनल्टी और ब्याज का भुगतान नहीं करना होगा।
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