कृषक उपहार योजना : किसानों को मिलेगा 50 हजार रुपए का पुरस्कार

पोस्ट -11 अगस्त 2025 शेयर पोस्ट

सरकार ने बदले कृषक उपहार योजना के नियम, जानिए अब कैसे मिलेगा ₹50 हजार का लाभ

Krishak Uphaar Yojana : कृषि क्षेत्र में नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर उत्कृष्ट काम करने वाले किसानों को सरकार द्वारा सम्मानित किया जाता है। इसी उद्देश्य से कृषि एवं किसान कल्याण विभाग कई योजनाएं चलाता है। इसी कड़ी में राजस्थान सरकार ने "ई-नाम पोर्टल" (राष्ट्रीय कृषि बाजार) के माध्यम से फसलों की ऑनलाइन बिक्री को प्रोत्साहित करने के लिए "कृषक उपहार योजना" शुरू की है। इस योजना के तहत ऑनलाइन बिक्री (online sales) करने वाले किसानों को उपहार कूपन दिए जाते हैं। इसके बाद, लॉटरी के माध्यम से चुने गए किसानों को 50,000 रुपए तक की धनराशि नकद पुरस्कार स्वरूप दी जाती है। लेकिन अब राज्य सरकार ने इस योजना के नियमों में बदलाव किया है, जिसके तहत अब उन किसानों को कृषक उपहार योजना (krishak uphar yojana) का लाभ मिलेगा, जो “e-NAM Portal” के माध्यम से बिक्री करते हुए इलेक्ट्रॉनिक भुगतान (ई-पेमेंट) प्रणाली से भुगतान प्राप्त करते हैं। आइए इस पोस्ट की मदद से योजना के नए नियमों के बारे में जानते हैं।  

कृषक उपहार योजना में संशोधन के प्रस्ताव को स्वीकृति (Approval of the proposal to amend the Krishak Uphar Yojana)

कृषि विपणन निदेशालय, राजस्थान सरकार द्वारा सीएम भजनलाल शर्मा (Mukhyamantri Bhajan Lal sharma) को कृषक उपहार योजना में संशोधन हेतु एक प्रस्ताव भेजा गया था। यह प्रस्ताव राज्य के किसानों को पारदर्शी और डिजिटल माध्यम से कृषि जिंसों की ऑनलाइन बिक्री के लिए प्रोत्साहित करने के संबंध में था, जिसे  अब राजस्थान सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। संशोधन के अनुसार, योजना के तहत अब राज्य में उन्हीं किसानों को उपहार कूपन (gift voucher) जारी किया जाएगा, जिनकी जिंसों की बिक्री ई-नाम पोर्टल (e-NAM Portal) पर दर्ज हुई हो और उसका भुगतान ई-पेमेंट के माध्यम से प्राप्त किया गया हो। 

नियम संशोधन से क्या होंगे फायदे? (What will be the benefits of rule amendment?)

कृषि विपणन विभाग के प्रस्ताव अनुसार, योजना के वर्तमान स्वरूप में देखा जा रहा था कि राष्ट्रीय कृषि बाजार (ई-नाम) पोर्टल पर कृषि जिंस (फसलें, फल, सब्जियां, अनाज और दालें) के विक्रय पर्चियों पर जारी कूपन की तुलना में ई-पेमेंट (E-payment) पर जारी कूपन की संख्या काफी कम है।  लेकिन अब योजना के नए नियम के तहत अब केवल ई-पेमेंट पर ही उपहार कूपन जारी किए जाएंगे। इससे ई-नाम पोर्टल (NAM) पर बिक्री के साथ-साथ किसान और व्यापारी तत्काल एवं सुरक्षित डिजिटल लेन-देन के लिए प्रेरित होंगे। राजस्थान कृषक उपहार योजना राज्य में किसानों को अपनी उपज ऑनलाइन बेचने और अतिरिक्त लाभ कमाने का अवसर प्रदान करती है। 

किसानों को कैसे मिलेगा 50 हजार रुपए का लाभ? (How will farmers get the benefit of 50 thousand rupees?)

प्रस्ताव अनुसार, अब संशोधित कृषक उपहार योजना (krishak uphar yojana) के लिए ई-पेमेंट से प्राप्त कृषि उपज बिक्री के प्रत्येक 10,000 रुपए की राशि और इसके गुणकों पर उपहार कूपन ई-नाम सॉफ्टवेयर के तहत जारी किए जा सकेंगे। प्रत्येक 6 महीने में मंडी स्तर पर इनामी ड्रॉ निकालकर 50 हजार रुपए का प्रथम पुरस्कार, 30,000 रुपए का द्वितीय पुरस्कार और तृतीय पुरस्कार के लिए 20 हजार रुपए चयनित किसानों को प्रदान किया जाएगा। 

क्या है कृषक उपहार योजना और कैसे प्राप्त करें लाभ? (What is Krishak Uphar Yojana and how to avail the benefits?)

राजस्थान कृषि उपज विपणन अधिनियम 1961 धारा 34 ए के तहत ई-नाम (E-Nam) के माध्यम से कृषि उपज को विक्रय एवं ई-भुगतान (E-Payment) के माध्यम से भुगतान प्राप्त करने हेतु प्रेरित करने के लिए  कृषक उपहार योजना शुरू की गई। इस योजना के तहत कृषि उपज मंडी समिति में अधिसूचित कृषि उपज को E-Nam पर बेचने वाले किसान को विक्रय पर्ची पर ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से मुफ्त उपहार कूपन दिया जाता है, जिस पर मंडी शुल्क देय होता है। समितियों द्वारा जारी कूपनों पर निर्धारित तारीख को ड्रॉ निकालकर किसानों को पुरस्कृत किया जाता है। योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए किसान को अपनी कृषि उपज को ई-नाम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन विक्रय करना होता है और ई-भुगतान रसीद भी प्राप्त करनी होगी। 

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