PM Kusum Component C-1 : कृषि में फसलों की सिंचाई के लिए अब सौर ऊर्जा से चलने वाले कृषि पंपों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इससे अब किसान पूरे साल भर खेतीकर अच्छा मुनाफा भी कमा रहे हैं, जिसको देखते हुए राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों के ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में किसानों को सोलर ट्यूबवेल कनेक्शन (Solar Tubewell Connection) के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए उन्हें पीएम कुसुम योजना (प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान) के अलग-अलग घटकों के तहत विभिन्न हॉर्स पावर क्षमता वाले सोलर पंपों (Solar Pump) के लिए अनुदान दिया जा रहा है। इस क्रम में पीएम-कुसुम घटक सी-1 (PM Kusum Component C-1) योजना के तहत चालू वित्त वर्ष के लिए उत्तर प्रदेश में विभिन्न एचपी क्षमता वाले निजी मीटर्ड ऑन ग्रिड पंप के सोलराइजेशन का लक्ष्य प्रस्तावित है। इसके अंतर्गत अगर किसान बिजली से चलने वाले अपने ट्यूबवेल पंप का सोलराइजेशन (सोलर पैनल पंप में बदलते) करते हैं, तो उन्हें शत प्रतिशत अनुदान मिल सकता है। वहीं, अन्य श्रेणी के किसानों के लिए अतिरिक्त 60 प्रतिशत राज्य अनुदान व 30 प्रतिशत केंद्र का अनुदान अनुमन्य है, जिससे 10 प्रतिशत अंशदान ही किसानों द्वारा देय होगा।
यूपीनेडा से मिली सूचना के अनुसार, पीएम कुसुम कॉम्पोनेन्ट सी-1 योजनांतर्गत वर्ष 2024-25 में प्रदेश के लिए विभिन्न क्षमता 3 एचपी, 05 एचपी एवं 7.5 एचपी के दस हजार अदद निजी मीटर्ड आन-ग्रिड पंप के सोलराइजेशन (सौरीकरण) का लक्ष्य निर्धारित है। इसमें उत्तर प्रदेश सौर ऊर्जा नीति-2022 में अनुसूचित जनजाति, वनटांगिया और मुसहर जाति के कृषकों को सोलर पैनल ट्यूबवेल के लिए 70 प्रतिशत राज्य अनुदान देने का प्रावधान किया गया है, जो केंद्र से मिलने वाली 30 प्रतिशत सब्सिडी के अतिरिक्त होगी। इस प्रकार, इन जाति समुदायों के किसान अगर अपने आन-ग्रिड पंप का सोलराइजेशन कराते हैं, तो उन्हें शत–प्रतिशत यानी 100 प्रतिशत अनुदान मिल सकता है। वहीं, अन्य श्रेणी के किसानों को केंद्रीय अनुदान 30 प्रतिशत के अतिरिक्त, 60 प्रतिशत अनुदान राज्य सरकार की तरफ से देय है, जिससे सोलर पैनल ट्यूबवेल के लिए किसानों को 10 प्रतिशत अंशदान ही देना होगा।
पीएम कुसुम कॉम्पोनेन्ट सी-1 योजनांतर्गत यूपीनेडा द्वारा विकसित ऑन-ग्रिड कनेक्टेड कृषि पंपों के सौरीकरण पोर्टल htpp://upnedakusumc1.in पर पूर्व में किये गये आवदेन/ इच्छुक लाभार्थी कृषकों द्वारा नवीन आनॅलाइन आवेदन कर पोर्टल के माध्यम से कृषक अंशदान 15 जनवरी 2025 तक जमा करते हुए योजना का लाभ "पहले आओ-पहले पाओ" के आधार पर उठाया जा सकता है। यूपी नेडा ने बताया है कि पीएम कुसुम योजना के घटक सी-1 के तहत यह योजना संचालित की जा रही है। इस योजना का लाभ लेकर किसान अपने निजी मीटर्ड ऑनग्रिड पंप को सोलर बिजली से चला सकते हैं। खास बात यह है कि सोलर पैनल से बनने वाली अतिरिक्त बिजली ग्रिड में सप्लाई कर सकते हैं, जिस पर बिजली विभाग द्वारा किसानों को निर्धारित टैरिफ दर से भुगतान भी मिलेगा। इस तरह, किसान सोलर पैनल कृषि पंपों से सिंचाई के साथ बिजली बेचकर पैसा भी कमा सकेंगे।
यूपीनेडा के अनुसार, कॉम्पोनेन्ट सी-1 योजनांतर्गत, सौर ऊर्जा नीति 2022 के तहत किसान को 3 एचपी सौर पंप के लिए 4.5 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट लगवाने के लिए 10 प्रतिशत कृषक अंशदान के रूप में कुल 26,544 रुपए, 05 एचपी पंप के लिए 7.5 किलोवॉट क्षमता के सोलर पावर प्लांट की स्थापना पर 42,675 रुपए, 7.5 एचपी सोलर पंप के लिए 11.2 किलोवॉट क्षमता के सोलर पैनल पॉवर प्लांट लगाने पर 62,391 रुपए, 10 एचपी कृषि पंप हेतु 14.9 किलोवॉट क्षमता का सोलर पावर प्लांट के लिए कुल 2,26,750 रुपए कृषि अंशदान देना होगा।
यूपीनेडा के पोर्टल https://upnedakusumc1.in/ पर सोलर पैनल ट्यूबवेल के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है। जो किसान अपने ऑन-ग्रिड कनेक्टेड कृषि पंप का सौरीकरण करना चाहते है, तो वह पोर्टल पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। इच्छुक लाभार्थी एवं पात्र किसानों को 10 प्रतिशत कृषक अंशदान ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही जमा करना होगा।
पोर्टल पर पंजीकरण के बाद, अनुरोध को आगे के प्रोसेस हेतु यूपीनेडा (UPNEDA) को भेज दिया जाएगा। आवेदक पूरी प्रक्रिया के दौरान आवेदन को ट्रैक कर सकता है। साथ ही, आवेदक और यूपीनेडा को प्रस्तुत आवेदन के संबंध में प्रश्न उठाने एवं उत्तर देने, ऑन-ग्रिड कनेक्टेड कृषि पंपों के सौरकरण से संबंधित शिकायत दर्ज करने और उसका निवारण करने के लिए भी अधिकृत किया जाएगा। अंशदान राशि का बैंक ड्राफ्ट सहित किसान को अपने आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, खेत के दस्तावेज - खसरा खतौनी की कॉपी, बैंक खाता विवरण के लिए बैंक पासबुक की कॉपी आदि दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। लगभग सप्ताहभर में विभाग द्वारा खेत में लगे डीजल/ऑन-ग्रिड पंप का सत्यापन कर सोलर पंप कनेक्शन लगा दिया जाएगा। अनुदान की धनराशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
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