Agriculture News : गोरखपुर में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को 1,533 करोड़ रुपए की 9 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 7 किसानों को ट्रैक्टर वितरित किए और वहां लगे स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने बच्चों को अन्नप्राशन कराया, गर्भवती महिलाओं की गोदभराई की तथा उन्हें पोषण पोटली और प्रगतिशील किसानों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अन्नदाता किसानों को ट्रैक्टर मिले हैं। किसानों को शासन की योजनाओं से जोड़ा गया है। इसमें रोटावेटर, पावर लेटर, सोलर पम्प, थ्रेशर, स्ट्रारीपर, कम्बाइन हार्वेस्टर, स्माल गोदाम, मानव रहित चीफ कटर सहित अन्य योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सम्बोधन में ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी लोगों को ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के साथ जोड़ते हुए कार्य कर रहे हैं। शासन की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति को मिल रहा है। यह डबल इंजन की सरकार में ही हो सकता है, क्योंकि हमारी सरकार नवसृजन एवं विकास का कार्य करती है। आधुनिक भारत का आधुनिक उत्तर प्रदेश तथा आधुनिक उत्तर प्रदेश का आधुनिक गोरखपुर आने वाले दिनों में एक आदर्श के रूप में दिखाई देगा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का नौजवान प्रदेश में ही नौकरी व रोजगार पाएगा। इस संकल्प के साथ प्रदेश सरकार आगे बढ़ रही है। पिछले पांच वर्ष के अन्दर अकेले गोरखपुर में 15 हजार से 20 हजार करोड़ रुपए का निवेश धरातल पर उतारा गया है। हजारों नौजवानों को रोजगार की गारंटी मिली है। विकास में उत्तर प्रदेश अब पीछे नहीं रहने वाला है। हम नई सोच व नई गति के साथ आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि वर्ष 1932 में स्थापित राजकीय कृषि विद्यालय चरगांवा जीर्ण-शीर्ण हो गया था। आज नए स्वरूप में एक भव्य भवन का निर्माण हुआ है, जो अन्नदाता किसानों को प्रशिक्षण के माध्यम से आधुनिक तकनीक तथा नवाचार सुविधा उपलब्ध कराएगा। केवल खेत ही नहीं, बल्कि वैज्ञानिक तकनीक से फसलों, सब्जी एवं आधुनिक प्रशिक्षण के माध्यम से कैसे किसानों की आय बढ़े, इसके बारे में पूरा प्रशिक्षण दिया जाएगा। कृषकों को सभी प्रकार की कृषि सुविधाओं का लाभ एक ही जगह पर प्राप्त होगा। नए-नए तरीके किसानों के प्रशिक्षण का माध्यम बनेंगे। इन्हें आधुनिक नवाचार से जोड़ने के लिए कुशीनगर में कृषि विश्वविद्यालय आने वाले सत्र में काम करेगा। गोरखपुर में चार विश्वविद्यालय कार्य कर रहे हैं। वेटरनरी कॉलेज भी बन रहा है, जहां पर अच्छी नस्लों की गाय, भैंस, बकरी, मुर्गी पालन का प्रशिक्षण प्राप्त होगा। लोकार्पित परियोजनाओं में नौसढ़ से कालेसर तक राप्ती नदी के तटबंध का सुदृढ़ीकरण शामिल है। वर्ष 1998 की बाढ़ में नौसढ़ तटबंध टूट जाने से बहुत जनहानि हुई थी। अब उसका सुदृढ़ीकरण कर दिया गया है।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पूरे प्रदेश में चौमुखी विकास हो रहा है। किसानों को वैज्ञानिकी व तकनीकी नवाचार के अवसर मिल रहे हैं। किसानों को निरंतर प्रशिक्षण, प्राकृतिक खेती एवं कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से व्यावसायिक बनाने की दृष्टि से उन्हें कृषि यंत्रों से सुसज्जित किये जाने का कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। प्रदेश में 1500 करोड़ रुपए का अनुदान कृषि यंत्रों पर दिया गया है। इसके अंतर्गत 50-80 प्रतिशत तक कृषि यंत्रों पर अनुदान किसानों को मिल रहा है। किसानों की पराली की समस्या का समाधान किया जा रहा है। बता दें कि उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश में किसान उत्पादक संगठन (FPO) को फार्म मशीनरी बैंक योजना (Farm Machinery Bank Yojana) ट्रैक्टर, रोटावेटर, कल्टीवेटर, थ्रेसर, हैरो और इन सीटू योजना के तहत फसल अवशेष के प्रबंधन के लिए आवश्यक कृषि यंत्र जैसे रोटरी मल्चर, हैप्पी सीडर, स्ट्रॉ रीपर, रीपर-कम बाइंडर आदि कृषि यंत्रों के साथ फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग केंद्र की स्थापना पर लाभार्थियों को 80 प्रतिशत तक का अनुदान देती है।
कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए साल में देश के करोड़ों किसानों को राहत दी है। लगातार पिछले अनेक वर्षों से डाई-अमोनियम फॉस्फेट (डीएपी) पर अनुदान दिया जा रहा है। अन्नदाताओं की आय दोगुना करने तथा लागत को कम करने का जो प्रधानमंत्री जी का संकल्प है, उसके लिए सस्ती दर पर उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही, बड़े पैमाने पर बीज वितरण किया गया है। लगभग 7.50 लाख कुन्तल बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर दिया गया है। 11 लाख किसानों को सरसों व राई के बीज उपलब्ध कराये गये हैं। तिलहन का उत्पादन 12 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 28.50 लाख मीट्रिक टन किया गया है, जो 128 फीसदी की वृद्धि है।
कृषि मंत्री शाही ने कहा कि चरगांवा कृषि प्रशिक्षण विद्यालय की भांति प्रदेश में चार अन्य प्रशिक्षण विद्यालय स्थापित किए गए हैं। इसमें बुलंदशहर 1, झांसी 2 तथा 1 लखनऊ में संचालित है। प्रदेश सरकार 350 विकास खंडों को एकीकृत करके किसानों को ऑनलाइन प्रशिक्षण देने का कार्य करने जा रही है। 4,000 करोड़ रुपए की योजना के तहत पूर्वी यूपी, बुंदेलखंड और पश्चिमी यूपी के अन्नदाताओं की आमदनी बढ़ाने के लिए सभी विकास खंडों में ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं। साथ-साथ सभी न्याय पंचायतों में ऑटोमेटिक वाटर गेज स्टेशन लगाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश कृषि विभाग द्वारा कई अनुदान योजनाओं के तहत किसानों एवं किसान उत्पादक संगठनों को कृषि यंत्रों के साथ कस्टम हायरिंग सेंटर या फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना पर अनुदान दिया जाता है। इसके लिए विभागीय पोर्टल कृषि उपकरण सब्सिडी योजना (Agricultural Equipment Subsidy Scheme), फार्म मशीनरी बैंक योजना (Farm Machinery Bank Yojana) और प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चर मैकेनाजेशन फॉर इन सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेज़ड्यू (सी.आर.एम.) योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन मांगे जाते हैं। इच्छुक लाभार्थी विभागीय पोर्टल upagriculture.com पर निर्धारित यंत्र के लिए टोकन निकाल कर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। टोकन निर्गत किए जाने हेतु विभागीय पोर्टल पर पूर्व से उपलब्ध मोबाइल नंबर पर OTP प्राप्त करने का विकल्प होगा।
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