Fertilizer Subsidy : देश में किसानों को किफायती दरों पर उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा बड़ा कदम उठाया गया है। नए साल के पहले दिन केंद्र सरकार ने देश के किसानों को तोहफा दिया है। सरकार ने खाद सब्सिडी के लिए स्पेशल पैकेज का ऐलान किया है। इससे किसानों को डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) खाद सस्ती दरों पर मिलती रहेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डीएपी के लिए एकमुश्त विशेष पैकेज को मंजूरी दी है। यह 1 जनवरी 2025 से आगे के आदेश तक की अवधि के लिए जारी रहेगा। इससे डीएपी के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी और किसानों को आगे सस्ती दरों पर डीएपी खाद मिलता रहेगा। अभी 50 किलो डीएपी की एक बोरी का मूल्य 1350 रुपए है। इस तरह केंद्रीय मंत्रिमंडल ने डीएपी खाद पर एक बार फिर से विशेष पैकेज को मंजूरी दे दी है। इस पैकेज से, किसानों को डीएपी खाद पर मौजूदा एनबीएस (न्यूट्रिएंट बेस्ड सब्सिडी) योजना के अलावा 3,500 रुपए प्रति मीट्रिक टन की अतिरिक्त सब्सिडी मिलेगी। कैबिनेट के इस फैसले का उद्देश्य भू-राजनीतिक तनावों और वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच किसानों को सस्ती दरों पर डीएपी की उपलब्धता सुनिश्चित कराना है।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने सरकार के इस कदम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसानों को सस्ती कीमतों पर डीएपी पर सब्सिडी जारी रखने के लिए एकमुश्त विशेष पैकेज के विस्तार को मंजूरी दी गई है। सरकार का यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव और आपूर्ति में बाधा के बावजूद किसानों को डीएपी की 50 किलोग्राम की बोरी 1350 रुपए में ही मिलेगी। इसकी अतिरिक्त कीमत सरकार वहन करेगी। इस पर 3850 करोड़ रुपए खर्च होगा। वैष्णव ने बताया कि 3,500 रुपए प्रति टन का यह विशेष पैकेज NBS सब्सिडी के अलावा दिया जाएगा। इसके अलावा, केंद्रीय कैबिनेट ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना को 2025-26 तक जारी रखने को मंजूरी दी है।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 69,515.71 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ वर्ष 2025-26 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है। सरकार के इस फैसले से वर्ष 2025-26 तक देश भर के किसानों के लिए प्राकृतिक आपदाओं से फसलों के जोखिम से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि योजना के क्रियान्वयन में प्रौद्योगिकी के उपयोग से पारदर्शिता और दावा गणना एवं निपटान में वृद्धि होगी।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 824.77 करोड़ रुपये की राशि के साथ नवाचार और प्रौद्योगिकी कोष बनाने को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में नौ प्रमुख राज्य आंध्र प्रदेश, असम, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु और कर्नाटक शामिल हैं। इस योजना में अन्य राज्यों को भी तेजी से शामिल किया जा रहा है।
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर कहा, "(सरकार का) नए साल का पहला फैसला हमारे देश के करोड़ों किसान भाइयों और बहनों को समर्पित है। हमने फसल बीमा योजना के लिए आवंटन बढ़ाने को मंजूरी दी है। इससे किसानों की फसलों को अधिक सुरक्षा मिलेगी और किसी भी नुकसान के बारे में उनकी चिंता भी कम होगी।" उन्होंने कहा कि डीएपी पर एकमुश्त विशेष पैकेज को बढ़ाने के मंत्रिमंडल के फैसले से किसानों को सस्ती कीमतों पर उर्वरक सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
वर्ष 2010 से ही सरकार एनबीएस (NBS) योजना के तहत किसानों को 28 प्रकार के फॉस्फेटिक और पोटैशिक (पीएंडके) उर्वरकों, जिनमें डीएपी भी शामिल है, पर सब्सिडी दी जा रही है। मंत्रिमंडल ने डाई-अमोनियम फॉस्फेट (DAP) उर्वरक की दरों में कोई बदलाव नहीं करते हुए किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। इससे पहले जुलाई 2024 में कैबिनेट ने 1 अप्रैल 2024 से 31 दिसंबर 2024 तक के लिए डीएपी के लिए एक समान वन-टाइम स्पेशल पैकेज को मंजूरी दी थी। इसमें लगभग 2,625 करोड़ रुपए खर्च हुए थे। इससे महत्वपूर्ण कृषि सीजन के दौरान डीएपी खाद की कीमत स्थिर रखने में मदद मिली थी।
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