पशुपालक किसानों को दिया तोहफा, मुर्रा भैंस खरीदने पर मिलेगी 50 प्रतिशत सब्सिडी

पोस्ट -24 मई 2022 शेयर पोस्ट

जानें, मध्यप्रदेश सरकार की भैंस सब्सिडी योजना की पूरी जानकारी 

मध्यप्रदेश सरकार राज्य के किसानों की आय को दोगुना करने और रोजगार के नये अवसरों को ध्यान में रखकर विभिन्न तरह की कल्याणकारी योजनाओं का संचालन कर रही है। इन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ज्यादा से ज्यादा किसानों को मिल सके, इसके लिए सरकार समय-समय पर हर संभव प्रयास भी करती है। किसानों की आर्थिक मदद एवं रोजगार के नये अवसर के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने एक बार फिर राज्य के किसानों के हित में एक बड़ा ऐलान किया है। दरअसल राज्य सरकार किसानों की आय को बढ़ाने के लिए एक योजना लेकर आई है, जिसमें वह हरियाणा की मुर्रा भैंस खरीदने पर सब्सिडी देगी। ये भैंसे हरियाणा से मंगवाई जाएंगी। शुरुआती दौर में प्रदेश के तीन जिलों रायसेन, विदिशा और सीहोर में इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा रहा है। इसके बाद पूरे प्रदेश में इस व्यवस्था को लागू किया जाएगा। सरकार  छोटे किसानों से केवल 50 फीसदी राशि लेने के बाद दो मुर्रा भैंस उपलब्ध करवाएगी। अगर अभी तक आप सामान्य नस्ल के भैंस पाल रहे हैं तो मध्यप्रदेश की इस स्कीम में आप जैसे किसान सामान्य से तिगुना ज्यादा दूध देने वाली मुर्रा नस्ल की भैंस रख सकेंगे। इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार के पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग भैंस खरीद पर सब्सिडी भी उपलब्ध करवा रहे हैं। ट्रैक्टरगुरू की इस पोस्ट के माध्यम से मध्यप्रदेश सरकार की इस स्कीम से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण जानकारी पर एक नजर ड़ालते हैं।

किसानों को कितने में मिलेगी हरियाणा की मुर्रा नस्ल भैंस

सामान्य रूप से हरियाण की मुर्रा नस्ल की एक भैंस की कीमत लगभग 1 लाख रुपये है। किसानों को मुर्रा नस्ल की भैंस 50 प्रतिशत अनुदान पर 50 हजार रुपए में उपलब्ध कराई जाएगी। हरियाणा की मुर्रा नस्ल की भैंस का औसत उत्पादन 12 से 13 लीटर दूध प्रतिदिन है। बता दें कि मध्यप्रदेश में पहली बार भैसों के लिए इस तरह का प्रोजेक्ट लॉन्च किया जा रहा है। फिलहाल वर्तमान में इस प्रकार का प्रोजेक्ट तेलंगाना में संचालित हैं। इस स्कीम के अंतर्गत एससी-एसटी के किसानों की 75 प्रतिशत राशि सरकार भरेगी और शेष 25 फीसदी राशि किसान को भरना होगा। सामान्य वर्ग के किसान को भैंस पालने के लिए 50 प्रतिशत राशि देनी होगी, शेष बची आधी राशि सरकार भरेगी। किसानों को कम दाम में अधिक दुग्ध उत्पादन करने वाले मुर्रा नस्ल की भैंस के मिलने से ना सिर्फ मध्यप्रदेश में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि किसानों की आमदनी भी काफी बढ़ेगी।

भैंस की मौत पर मिलेगी दूसरी भैंस 

मध्य प्रदेश पशुधन विकास निगम के एमडी हरिभान सिंह भदौरिया ने कहा कि सब्सिडी स्कीम के तहत हरियाणा मुर्रा भैंस खरीदने के बाद उसे 5 साल रखना अनिवार्य किया गया है। यदि तीन साल में किसी पशुपालक किसान की मुर्रा भैंस किसी वजह से मर जाती है तो स्कीम के नियमानुसार किसान को उसकी जगह दूसरी भैंस दी जाएगी। पशुपालन विभाग के मुताबिक दो मुर्रा भैंस की कीमत करीब 2.5 लाख रूपये होगी। एससी-एसटी किसान को केवल दो मुर्रा भैंस के लिए केवल 62,500 रूपये देने होंगे बाकी 1.87 लाख रूपये की सब्सिडी मिलेगी।

प्रेग्रेंट भैंस के साथ एक बच्चे वाली दूसरी भैंस मिलेगी

पशुपालन विकास निगम के एमडी हरिभान सिंह भदौरिया ने बताया कि भैंस को गर्भवती करने के लिए सेक्स सार्टेड सीमन का उपयोग भी किया जाएगा। जोकि मुर्रा बुल का ही होगा और इसकी खास बात ये है कि इसके माध्यम से फीमेल भैंस ही पैदा होंगी। जिससे किसान को बहुत फायदा होगा और उसकी एक छोटी सी डेयरी बन जाएगी। उन्होंने ये भी कहा कि भैंस का गर्भाधान पीरियड 10 महीने का होता है, इस तरह से ऐसा क्रम बनाया जाएगा कि एक भैंस लगातार दूध देती रहे। इसके लिए किसानों को पांच महीने की प्रेग्नेंट भैंस के साथ एक बच्चे वाली भैंस भी मिलेगी और इस स्कीम में दो भैंस दी जायेगीं जिसमें एक प्रेग्नेंट और दूसरी का 1 महीने का बच्चा रहेगा। ऐसा इसलिए किया जाएगा ताकि दूध का क्रम सही से चलता रहे और किसान की आय भी बनी रहे।

स्कीम में भैंस खरीद सब्सिडी के साथ चारा, बीमा और ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी

मध्यप्रदेश पशुपालन विकास निगम के एमडी हरिभान सिंह भदौरिया ने बताया की प्रदेश सरकार की सब्सिडी स्कीम के तहत किसानों को मुर्रा भैंस खरीदने वाले किसानों को भैंस को खिलाने के लिए छह महीने का दाना-चारा भी मिलेगा, ताकि उसे किसी तरह की समस्या न हो। साथ ही भैंस का बीमा, ट्रांसपोर्ट सुविधा के साथ चारे की रकम भी शामिल है। इससे दूध उत्पादक किसानों की आय बढ़ेगी।

मुर्रा भैंस देश में सबसे अधिक दूध देने वाली नस्ल

इस समय मुर्रा भैंस देश में सबसे अधिक दूध देने वाली नस्ल है। मुर्रा नस्ल की भैंस हरियाणा के रोहतक, हिसार, जींद और पंजाब के नाभा-पटियाला जिले में पाई जाती है। गहरे काले रंग की मुर्रा भैंस के खुर और पूछ के निचले हिस्से पर सफेद धब्बा होता है। इसकी छोटी सी मुड़ी हुई सिंह होती है। मुर्रा भैंस की औसत दूध उत्पादन क्षमता 1750 से 1850 लीटर प्रति ब्यात होती है। मुर्रा भैंस के दूध में वसा की मात्रा 9 फीसदी के करीब होती है। वर्तमान में पिछले कुछ समय से कई राज्यों के पशुपालक मुर्रा भैंस पालने लगे हैं।

ट्रैक्टरगुरु आपको अपडेट रखने के लिए हर माह न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर  व स्वराज ट्रैक्टर कंपनियों सहित अन्य ट्रैक्टर कंपनियों की मासिक सेल्स रिपोर्ट प्रकाशित करता है। ट्रैक्टर्स सेल्स रिपोर्ट में ट्रैक्टर की थोक व खुदरा बिक्री की राज्यवार, जिलेवार, एचपी के अनुसार जानकारी दी जाती है। साथ ही ट्रैक्टरगुरु आपको सेल्स रिपोर्ट की मासिक सदस्यता भी प्रदान करता है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।

Website - TractorGuru.in
Instagram - https://bit.ly/3wcqzqM
FaceBook - https://bit.ly/3KUyG0y

`

Quick Links

Popular Tractor Brands

Most Searched Tractors