Wheat procurement season 2024-25 : होली त्यौहार के बाद रबी फसल सत्र 2024-25 के लिए मुख्य फसल गेहूं की कटाई का कार्य किसानों द्वारा शुरू कर दिया जाएगा। कृषि उपज मंडियों में उपज की आवक शुरू हो जाएगी। साथ ही राज्यों में रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीद करने का कार्य एजेंसियां द्वारा शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान किसानों को अपनी फसल बेचने में कोई परेशानी नहीं हो, इसके लिए सरकार द्वारा कई रणनीतियां भी बनाई जा रही है। इन सबके बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने प्रदेश के किसानों को होली का गिफ्ट दिया है। यूपी कैबिनेट ने नई गेहूं क्रय नीति को मंजूरी देते हुए बढ़ी हुई गेहूं एमएसपी पर गेहूं खरीद की तारीखों का ऐलान कर दिया है। उत्तर प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीद (Wheat Procurement) की शुरुआत 17 मार्च से होगी, जो 15 जून 2025 तक चलेगी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को मुख्यमंत्री योगी नाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में कई अहम फैसले हुए हैं। कैबिनेट ने कुल 19 प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की, जिनमें सबसे अहम नई गेहूं क्रय नीति को मंजूरी मिली है।
कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि रबी मार्केटिंग ईयर 2025-26 के प्राइस सपोर्ट स्कीम (PSS) के तहत प्रस्तावित गेहूं क्रय नीति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस वर्ष के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 150 रुपए बढ़ाया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 2,425 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया गया है। 17 मार्च से लेकर 15 जून तक बढ़ी हुई एमएसपी पर गेहूं की खरीद होगी।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि गेहूं खरीद के लिए राज्यभर में 6500 केंद्र स्थापित किए जाएंगे। रबी विपणन वर्ष 2025-26 के लिए इलेक्ट्रानिक प्वाइंट ऑफ परचेज मशीन के माध्यम से किसानों के बायोमैट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा क्रय केन्द्रों/मोबाइल क्रय केन्द्रों पर गेहूं की सरकारी खरीद की जाएगी। गेहूं को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर विक्रय करने के लिए किसानों का पंजीयन जरूरी है। गेहूं बिक्री से पहले किसान किसी भी जनसुविधा केंद्र, साइबर कैफे, मोबाइल एप्लीकेशन और वर्तमान में चालू धान क्रय केंद्र प्रभारी के माध्यम से खाद्य विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर गेहूं बिक्री के लिए पंजीकरण-नवीनीकरण कराएं।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष बटाईदार किसानों द्वारा भी पंजीकरण कराते हुए समर्थन मूल्य पर गेहूं की बिक्री की जा सकेगी। गेहूं खरीद के लिए किसानों का ऑनलाइन पंजीयन खाद्य एवं रसद विभाग के पोर्टल fcs .gov in पर पहली जनवरी से शुरू है। गेहूं की बिक्री के लिए अब तक 1,09,709 किसानों ने अपना पंजीयन करा लिया है। खाद्य व रसद विभाग यूपी के मुताबिक, रविवार एवं अन्य अवकाश के दिनों को छोड़कर प्रदेश में 17 मार्च से क्रय केंद्रों पर प्रतिदिन गेहूं की खरीद प्रात: 9 से शाम 6 बजे तक होगी। सरकार ने जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गेहूं विक्रय के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो।
वित्त मंत्री ने बताया कि गेहूं के एमएसपी (MSP) का भुगतान भारत सरकार के PFMS पोर्टल के जरिए 48 घंटे के अंतर्गत किसानों के आधार से लिंक और एनपीसीआई पोर्टल पर मैप्ड बैंक खाते में सीधे किया जाएगा। किसान कंप्यूटराइज्ड वेरिफाइड खतौनी, किसान रजिस्ट्रेशन और आधार की फोटो कॉपी क्रय केंद्र पर जरूर लेकर जाएं। उन्होंने बताया कि ई-पॉप पर की गई खरीद के अतिरिक्त किसी भी खरीद को मान्यता नहीं दी जाएगी। मोबाइल क्रय केन्द्रों से होने वाली प्रत्येक गेहूं खरीद का ई-पॉप डिवाइस द्वारा भी कैप्चर किया जाएगा। बटाईदार किसान व मूल किसान/भूस्वामी के मध्य लिखित सहमति से मूल किसान के भूलेख तथा उसके आधार लिंक्ड मोबाइल पर ओटीपी प्रेषित कर पंजीकरण कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि गेहूं विपणन वर्ष 2025-26 में पंजीकृत ट्रस्ट से भी गेहूं क्रय किया जाएगा। ट्रस्ट श्रेणी के अंतर्गत गेहूं विक्रय के लिए ट्रस्ट के भूलेख/सत्यापित खतौनी व ट्रस्ट के संचालक /अधिकृत प्रतिनिधि के आधार कार्ड एवं पंजीकरण के समय दर्ज मोबाइल नंबर ओटीपी पर पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण की जायेगी। क्रय केंद्र पर ट्रस्ट संचालक/अधिकृत प्रतिनिधि का बायोमेट्रिक सत्यापन कराते हुए गेहूं क्रय किया जाएगा तथा पीपीए मोड के माध्यम से भुगतान ट्रस्ट के बैंक खाते में कराया जाएगा।
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