wheat procurement 2025 : प्रमुख गेहूं उत्पादक राज्यों- उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार में इस समय फसल की कटाई चल रही है। कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) के अनुसार, अब तक राज्यों में गेहूं कटाई की स्थिति बेहतर है। राज्यों में एक अप्रैल से शुरू हुए रबी विपणन सत्र 2025-26 में एमएसपी (MSP) पर गेहूं खरीद भी जारी है। इस बार क्रय केंद्रों पर सीजन की प्रमुख फसल गेहूं की बंपर आवक देखी जा रही है। चालू सत्र के लिए किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य पर जमकर गेहूं बेचा है। साथ ही सरकार की ओर से खरीद के एवज में किसानों को राशि का भुगतान भी तुरंत किया जा रहा है। सरकार ने 48,02,174.50 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की और अब तक 5,29,420.24 लाख रुपए की राशि भुगतान स्वरूप किसानों के पंजीकृत बैंक खातों में हस्तांतरित की है। आइए जानते हैं कि इस वर्ष उत्पादक राज्यों में कितनी गेहूं की खरीद हुई है और केंद्रों पर गेहूं बेचने वाले किसानों के आंकड़े क्या है।
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने चालू विपणन सत्र के लिए राज्यों में अब तक हुई गेहूं की खरीद से जुड़े आंकड़े जारी किए हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 11 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 29,32,887 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया, जबकि 5,25,755 किसानों से 48,02,174.50 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। इसके एवज में सरकार की ओर से 2,63,138 किसानों के पंजीकृत बैंक खाते में लगभग 5,29,420.24 लाख रुपए की राशि भुगतान भी किया जा चुका है। विपणन सत्र 2025-26 के लिए सरकार ने 3.1 करोड़ टन की खरीद का लक्ष्य रखा है, जिसमें से लगभग 2 करोड़ टन गेहूं प्रमुख उत्पादक राज्यों – पंजाब और हरियाणा सहित बाकी अन्य राज्यों से आने की उम्मीद है।
मंत्रालय के खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग ने बताया है कि अब तक खरीदी गई ज्यादातर फसल की मात्रा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से आई है। आगामी दिनों में पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में खरीद में तेजी आएगी। वहीं, कई अन्य राज्य/ केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं, जहां कम संख्या में किसानों के पंजीयन हुए हैं, लेकिन अभी खरीद प्रक्रिया आरंभ नहीं हुई है या आंकड़े उपलब्ध नहीं है। इनमें चंडीगढ़ शामिल है, जहां आंकड़े शून्य है। इसके अतिरिक्त हिमाचल प्रदेश में 761 किसानों ने उपज बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। जम्मू-कश्मीर में 10,352 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है, लेकिन खरीद का कोई आंकड़ा अभी उपलब्ध नहीं है। उत्तराखंड में भी सरकारी खरीद प्रक्रिया के सभी आंकड़े शून्य हैं।
कृषि मंत्रालय (Agriculture Ministry) के आंकड़ों के अनुसार, किसानों ने अब तक गेहूं की बुवाई वाले अनुमानित 3.2 करोड़ हेक्टेयर क्षेत्र में से 38 प्रतिशत की कटाई की है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और बिहार में फसल कटाई की स्थिति बेहतर बताई गई है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राज्य एजेंसियों द्वारा किसानों से खरीद सुनिश्चित की जा रही है। देश का सबसे बड़ा गेहूं उत्पादक राज्य उत्तर प्रदेश में विपणन सत्र 2025-26 के लिए लगभग 3,42,189.49 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हुई है। प्रदेश में 3,95,534 किसानों ने उपज बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है, जिनमें अब तक 52,590 किसानों ने खरीद केंद्रों पर अपनी उपज बेची है। वहीं राज्य सरकार की ओर से 33,914 किसानों के खाते में उपज के भुगतान की राशि के रूप में 49,031.04 लाख रुपए हस्तांतरित किए गए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में 14,55,270 किसानों ने समर्थन मूल्य पर उपज बेचने हेतु पंजीयन कराया है, जिनमें से लगभग 3,67,722 किसानों ने सरकार की ओर से बनाए गए क्रय केंद्रों पर 32,36,441.00 मीट्रिक टन गेहूं बेचा है। इसके एवज में सरकार ने भुगतान करते हुए 1,81,335 किसानों के खाते में 3,50,323.40 लाख रुपए ट्रांसफर किए हैं। वहीं, हरियाणा में 7,78,350 किसानों ने गेहूं सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 54,068 किसानों से 6,64,866.38 मीट्रिक टन उपज की खरीद हुई है। सरकार द्वारा 11,928 किसानों के खाते में 31,870.55 लाख रुपए की राशि भुगतान स्वरूप ट्रांसफर की गई है, जबकि शेष बचे किसानों के लिए भुगतान की प्रक्रिया अभी जारी है।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राजस्थान में 1,91,213 किसानों ने गेहूं खरीद के लिए सरकारी क्रय केंद्रों पर फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। सरकार ने इनमें से 42,045 किसानों से 4,60,163.12 मीट्रिक टन गेहूं खरीद की है। इस दौरान सरकार की ओर से 29,604 किसानों के खाते में लगभग 82,195.91 लाख रुपए का भुगतान किया गया। वहीं, पंजाब में 19,395 किसानों ने सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए पंजीयन किया है, जिनमें से 6,986 किसानों ने खरीद केंद्रों पर 89,813.80 मीट्रिक टन गेहूं उपज की बिक्री की। सरकार ने 4,803 किसानों के खाते में भुगतान के रूप में 14,396.92 लाख रुपए हस्तांतरित किए हैं।
आंकड़ों के मुताबिक, गेहूं उत्पादक राज्य बिहार और गुजरात में भी गेहूं खरीद प्रक्रिया बेहतर बताई गई है। बिहार में चालू सत्र के लिए अब तक 29,209 किसानों ने अपनी फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से 1,890 किसानों ने 6,717.71 मीट्रिक टन उपज सरकार को बेची है। इस दौरान सरकार की ओर से 1319 किसानों के बैंक खाते में 1,352.87 लाख रुपए की राशि का भुगतान किया गया है। शेष किसानों का भुगतान बाकी है, जो सरकार द्वारा जल्द ही कर दिया जाएगा। वहीं, इस बार गुजरात में 52,803 किसानों ने सरकारी खरीद केंद्रों पर अपनी फसल बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। सरकार ने इनमें से 454 किसानों से 1,983.00 मीट्रिक टन गेहूं खरीद की है। इसके लिए सरकार ने 235 किसानों के खाते में 249.56 लाख रुपए भेजे हैं, जबकि शेष बचे हुए किसानों के भुगतान की प्रक्रिया जारी है।
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