गन्ना मूल्य : गन्ना किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सरकार द्वारा हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। गन्ना उत्पादक लागत कम करने के लिए गन्ना की खेती करने वाले किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्रों के साथ विभिन्न कृषि इनपुट के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। साथ ही राज्य की सरकारों द्वारा किसानों को बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कराने के लिए कड़े फैसले लिए जा रहे है। गन्ना खेती लागत को बढ़ते देख हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा गन्ना उपज की गारंटीड मूल्य (एफआरपी) को बढ़ाया गया। इससे करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचा। इस बीच उत्तर प्रदेश की योगी सरकार भी राज्य के गन्ना किसानों को बड़ी खुशखबरी दे सकती है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश सरकार बहुत जल्द ही गन्ना मूल्य में 15 से 25 रुपए प्रति क्विंटल बढ़ाने का ऐलान कर सकती है। बताया जा रहा है कि गन्ने के दामों को लेकर पिछले कई दिनों से भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक गुट) का अनिश्चितकालीन धरना जारी है। सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसान गन्ने की होली जलकर प्रदर्शन कर रहे है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक गुट) की ओर से मांग की जा रही है कि सरकार गन्ने का मूल्य 450 रुपए प्रति क्विंटल घोषित करें।
गन्ना मूल्य बढ़ाने का फैसला कर सकती किसान
सूत्रों के मुताबिक बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार बहुत जल्द ही गन्ने की खेती करने वाले किसानों (Sugarcane Farmers) को बड़ा तोहफा दे सकती है। बताया जा रहा है कि प्रदेश की योगी सरकार एक- दो दिनों में गन्ना के मूल्य में 15 से 25 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ाने का फैसला कर सकती है। सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश सरकार की ओर से इसकी तैयारियां भी शुरू की जा चुकी है। उत्तर प्रदेश के गन्ना विकास और दुग्ध मंत्री चौधरी लक्ष्मीनारायण ने इस विषय पर जानकारी देते हुए कहा कि गन्ना उत्पादकों ने पैदावार लागत बढ़ने और अन्य राज्यों के मुकाबले गन्ना का मूल्य कम होने के चलते किसानों ने गन्ना मूल्य बढ़ाने की मांग की थी। इनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए जल्द ही गन्ना मूल्य बढाने पर सरकार फैसला ले सकती है। हालांकि गन्ना विकास और दुग्ध मंत्री ने यह साफ नहीं किया कि गन्ना के मूल्य में कितने रुपए बढ़ोतरी की जाएगी। लेकिन उन्होंने संकेत दिए है कि जल्द ही गन्ना मूल्य को लेकर योगी सरकार बड़ा ऐलान कर सकती है।
450 रुपये क्विंटल गन्ना मूल्य घोषित करने की मांग
गौरतलब है कि किसानों की ओर से गन्ने की राज्य समर्थित मूल्य (एसएपी) को बढ़ाए जाने की मांग की जा रही है। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2016-17 में योगी सरकार के सत्ता में आने के बाद से गन्ने के मूल्य में प्रति क्विंटल के हिसाब से 35 रुपए की बढ़ोत्तरी हुई है। प्रदेश सरकार ने पहले के गन्ना मूल्य 305-315 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़कर अब 340-350 रुपए प्रति क्विंटल किया। प्रदेश में आखिरी बार वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने गन्ना मूल्य बढ़ाकर 350 और 360 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया था, जबिक सामान्या और कम उत्पादकता वाले गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य 335 से 340 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया था। इसी को आधार मानते हुए गन्ना किसानों ने गन्ना मूल्य शीघ्र घोषित करने की मांग उठाई है, जिसमें किसानों नें गन्ना मूल्य 450 रुपए प्रति क्विंटल तक घोषित करने की मांग की है। सूत्रों के मुताबिक, गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग और किसानों के मध्यम समन्वय बनाते हुए इस बार गन्ना मूल्य 370 से 375 रुपए प्रति क्विंटल की जा सकती है।
संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी के लिए रखा जाएगा कैबिनेट के समक्ष
इससे पहले बीते दिनों मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र की अध्यक्षता में राज्य परामर्शित गन्ना मूल्य निर्धारण संस्तुति समिति की बैठक हुई । बैठक में गन्ना किसानों ने पैदावार लागत बढ़ने के कारण मूल्य बढ़ाने की। वहीं चीनी मिल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने तमाम दिक्कतें बताते हुए गन्ने के दाम को यथावत रखने की बात कही। मुख्य सचिव ने सभी की बातों को सुनने के बाद कहा कि शीघ्र ही गन्ना मूल्य घोषित कर दिया जाएगा। संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी के लिए जल्द ही कैबिनेट के समक्ष रखा जाएगा। हालांकि गन्ने का एसएपी घोषित करने में हो रही देरी से केवल किसान अकेले ही परेशान नहीं है, बल्कि प्रदेश के शुगर मिल भी इसे लेकर चिंतित हैं।
चीनी मिलों को सरकार दे सकती है राहत
सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश सरकार गन्ना मूल्य 25 रुपए प्रति कुंतल तक बढ़ाया जा सकता है। इससे प्रदेश में लगभग 45 लाख किसान परिवार को 375 प्रति क्विंटल तक गन्ना का समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिल सकता है। अभी किसानों को अगेती प्रजाति के लिए 350 रुपए प्रति क्विंटल, सामान्य प्रजाति के लिए 340 रुपए प्रति कुंटल तथा अन्य रिजेक्ट प्रजाति के 335 रुपए प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य मिल रहा है। वहीं, गन्ना मूल्य में बढ़ोतरी के चलते पड़ने वाले व्यय भार को कम करने के लिए भी सरकार की ओर से मिलों को एक से दो रुपए परिवहन भाड़े (किराए) में राहत दे सकती है। बता दें कि प्रदेश में कुल 157 सहकारी और गैर सहकारी चीनी मिल है, जिनमें 118 चीनी मिले परिचालन में है।
किसानों को 360 से लेकर 400 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहा है मूल्य
हालांकि उत्तर प्रदेश के शुगर मिल गन्ने की राज्य परामर्श मूल्य (SAP) घोषित करने में हो रही देरी को लेकर परेशान है। इसकी वजह किसान गाने से गुड़ और खंडसारी जैसे विकल्प तैयार करने इकाइयों को गन्ना आपूर्ति कर रहे है। इकाईयां किसानों को प्रति क्विंटल के हिसाब से 20- 50 रुपए तक अधिक कीमत अदा कर रहे हैं। इससे किसानों को 360 से लेकर 400 रुपये प्रति क्विंटल गन्ने का भाव मिल रहा है। वहीं सरकार हमारे इनपुट यानी गन्ना और आउटपुट यानी चीनी सभी का दाम मॉनिटर करती है। सूत्रों के मुताबिक गन्ना मूल्य 25 रुपये प्रति कुंतल तक बढ़ाया जा सकता है।
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
Yamaha Strengthens Prospr with Smart Weed-Control Technology
किसान मानसून की पहली बारिश से पहले करें जुताई, होगी बंपर पैदावार
गन्ने की फसल पर खतरनाक कीट का हमला, किसानों के लिए अलर्ट जारी
Massey Ferguson 241 DI vs Farmtrac 42 Promaxx: Price and Features
बिहार में ट्रैक्टर समेत 86 कृषि यंत्रों पर सब्सिडी, 30 सितंबर तक करें ऑनलाइन आवेदन