Himachal Cabinet Meeting: देश के विभिन्न राज्यों में मानसून सक्रिय है। भूस्खलन, बाढ़ और भारी वर्षा के चलते जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात, मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में बाढ़ और बारिश ने कोहराम मचा दिया है। बाढ़ और भूस्खलन से फसलों, सड़कों और संपत्ति को भारी क्षति पहुंची है। इस आपदा से प्रभावित पीड़ितों को राहत देने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार ने विशेष राहत पैकेज (Disaster Relief Package Himachal) का ऐलान किया है। सोमवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhvinder Singh Sukhu) की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह निर्णय लिया गया। सरकार ने उन सभी क्षेत्रों को लक्षित किया है, जिन्हें आधिकारिक रूप से आपदाग्रस्त घोषित किया गया है। इन इलाकों में यदि किसी की गाय-भैंस की मृत्यु या बहने की स्थिति में पीड़ित को 55 हजार रुपए का मुआवजा दिया जाएगा, जबकि पशुघर के निर्माण के लिए 50 हजार रुपए की सहायता मिलेगी।
बैठक के बाद राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने मीडिया को बताया कि सरकार ने राज्य के आपदा पीड़ितों के लिए एक बड़ा राहत पैकेज घोषित किया है। यह सहायता उन लोगों को राहत देगी, जिनके मकान, दुकानें और निजी संपत्ति इस आपदा में क्षतिग्रस्त हुई है। मंत्री ने बताया जिन लोगों के मकान पूरी तरह से ढह गए हैं, उन्हें 7 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। पहले यह राशि केवल 1.30 लाख रुपए थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। जिन मकानों को आंशिक नुकसान हुआ है, उनके लिए 1 लाख रुपये की सहायता राशि तय की गई है। जो लोग दुकानें, ढाबे या अन्य व्यवसायिक प्रतिष्ठान चला रहे थे और आपदा में क्षति झेलनी पड़ी, उन्हें भी 1 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी।
राजस्व मंत्री ने बताया कि इस बार की नीति में सरकार ने किराएदारों और मकान मालिकों को भी राहत देने का प्रावधान किया है। जिन किराएदारों का सामान आपदा में बह गया, उन्हें 50,000 रुपए मिलेंगे। वहीं, मकान मालिकों को उनके निजी सामान के नुकसान के लिए 70 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। यह सहायता उन सभी क्षेत्रों में लागू होगी जिन्हें राज्य सरकार आपदा प्रभावित (Disaster Affected Areas) घोषित करेगी।
आपदा से गौशाला, किसानों और पशुपालकों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। गौशाला के क्षतिग्रस्त होने पर अब 10 हजार रुपए के स्थान पर 50 हजार रुपए की सहायता दी जाएगी। बड़े दुधारू पशुओं के नुकसान पर अब 37,500 रुपए के स्थान पर 55 हजार रुपए प्रति पशु की दर से मुआवजा दिया जाएगा। बकरी, सूअर, भेड़ व मेमने की मृत्यु पर दी जाने वाली राशि 4 हजार रुपए से बढ़ाकर 9 हजार रुपए प्रति पशु कर दी गई है। रिलीफ मैनुअल में जहां केवल तीन पशुओं के लिए ही मुआवजा मिलता है, वहीं राज्य सरकार सभी पशुओं का मुआवजा देगी।
विशेष राहत पैकेज के तहत, आपदा से बागवानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए भी मुआवजा दिया जाएगा। खेतों में गाद भरने पर 6 हजार रुपए प्रति बीघा, कृषि व बागवानी भूमि के बह जाने पर 10,000 रुपए प्रति बीघा, और पॉलीहाउस के पूरी तरह से क्षतिग्रस्त होने पर 25 हजार रुपए प्रति इकाई की सहायता दी जाएगी। वहीं जिनके घर में गाद (सिल्ट) आया है, उन्हें हटाने के लिए 50 हजार रुपए की आर्थिक मदद दी जाएगी। राहत पैकेज में फसल नुकसान पर मुआवजा 500 रुपए प्रति बीघा से बढ़ाकर 3,000 रुपए प्रति बीघा कर दिया गया है।
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