मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 2025-26 : पशुपालकों को वित्तीय सुरक्षा/आर्थिक सुदृढ़ीकरण प्रदान करने के उद्देश्य से सरकार कई योजनाएं लागू कर रही है, इनमें पशुओं का बीमा योजना भी एक है। यह पशुपालन से जुडे़ किसानों को प्राकृतिक आपदाओं, बीमारी या दुर्घटना जैसी स्थितियों में पशुओं की हानि से होने वाले आर्थिक नुकसान की भरपाई सुनिश्चित करती है। इसी कड़ी में राजस्थान सरकार ने राज्य में “मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना” की शुरुआत की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत वर्ष 2025-26 में राज्य के 42 लाख पशुओं जिनमें गाय, भैंस, बकरी, भेड़ और ऊंट शामिल है, का नि:शुल्क बीमा किया जाएगा। योजना के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया इसी माह से शुरू होने जा रही है। शासन सचिवालय में आयोजित योजना की समीक्षा बैठक में राज्य के पशुपालन एवं डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने इस संबंध में जानकारी दी।
बैठक में पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2025-26 के मुताबिक, राज्य में “मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा” योजना शुरू की जा रही है। इसके तहत गाय, भैंस, भेड़, बकरी और ऊंट जैसे करीब 42 लाख पशुओं को मुफ्त बीमा किया जाएगा। योजना के अंतर्गत पात्र जनआधार धारक पशुपालक अपने पालतू दुधारू या अन्य पशुओं का निःशुल्क बीमा करा सकेंगे। बीमा के लिए गोपालक क्रेडिट कार्ड धारकों और लखपति दीदी पशुपालकों को प्राथमिकता दी जाएगी। अनुसूचित जाति व जनजाति वर्ग के लिए क्रमशः 16 फीसदी एवं 12 प्रतिशत आरक्षण निर्धारित है। बीमा एक वर्ष के लिए प्रभावी होगा, जिसमें पशुपालक को कोई बीमा शुल्क (प्रीमियम) नहीं देना होगा। योजना में बीमा राशि, पशु की नस्ल, उम्र व उत्पादन क्षमता के हिसाब से निर्धारित की जाएगी, जिसकी अधिकतम सीमा 40,000 रुपए है। इसमें केवल उन पशुओं का बीमा किया जाएगा, जो किसी अन्य योजना के अंतर्गत बीमित नहीं है।
समीक्षा बैठक में पशुपालन विभाग के शासन सचिव सहित बीमा औैर वित्त विभाग के अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। पशुपालन मंत्री ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पशुओं के हेल्थ सर्टिफिकेट के साथ ही बीमा पॉलिसी भी जारी की जाए, जिससे काम अपने निर्धारित समयावधि में पूरा हो सके। उन्होंने पिछले वर्ष की बीमा पॉलिसी जारी करने की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर करते हुए सर्वेयर की संख्या में बढ़ोतरी करने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को इसी महीने से योजना में नए रजिस्ट्रेशन के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू करने के लिए कहा।
बैठक में पशुपालन मंत्री ने बताया कि वर्ष 2024-25 के लिए कुल 16 लाख 72 हजार ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से 9 लाख 76 हजार पशुओं के हेल्थ सर्टिफिकेट जारी कर दिए हैं। इनमें से 4.40 लाख की बीमा पॉलिसी राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (एसआईपीएफ) द्वारा तैयार की गई है। शेष बीमा पॉलिसी और हेल्थ सर्टिफिकेट तैयार करने का कार्य जल्द पूरा किया जाएगा, जिसके लिए अधिकारियों को पाबंद किया गया है। बैठक में इस वर्ष 42 लाख पशुओं का बीमा कवर करने के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। पशुपालन मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को इसी महीने से रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए और इस कार्य को निर्धारित अवधि में पूरा करने के उद्देश्य से बीमा कंपनी को भी सर्वेयर की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना राज्य सरकार की पशुधन सुरक्षा की दिशा में एक सशक्त पहल है। योजना के तहत पशुओं की आकस्मिक मृत्यु पर पशुपालक परिवारों को होने वाले आर्थिक नुकसान के लिए मुआवजा राशि प्रदान की जाती है। राजस्थान सरकार की इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के पशुपालकों को स्थायी आमदनी के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
सरकार इसके लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया इस माह से शुरू कर रही है, ताकि समय पर किसानों को बीमा लाभ मिल सके। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस योजना के माध्यम से 42 लाख पशुओं का निःशुल्क बीमा किया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार द्वारा की गई बजट घोषणा के मुताबिक ‘‘मुख्यमंत्री मंगला पशु बीमा योजना‘‘ के तहत प्रदेश में प्रथमतः 5-5 लाख दुधारू गाय/भैंस, 5-5 लाख भेड़/बकरी तथा 1 लाख उष्ट्र वंषीय पशु (ऊंट) का बीमा करते हुए बीमा कवरेज प्रदान किया जाना प्रस्तावित था, जिसके लिए 400 करोड़ रुपए खर्च किए गए। योजनान्तर्गत लाभ प्राप्त किये जाने हेतु राज्य के समस्त जनाधार कार्ड धारक पशुपालकों द्वारा बीमा विभाग से प्रदत वेबसाइट पर आवेदन किया जाएगा तथा लॉटरी द्वारा चयनित पशुपालकों के पशु का निःशुल्क बीमा किया जाएगा।
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