Sarkari Subsidy Yojana 2025 : सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए बागवानी खेती को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए, किसानों को विभिन्न योजनाओं के तहत तकनीकी प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता दे रही है। सरकार किसानों को खेती एवं उन्नत किस्म के पौधे सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है, ताकि किसानों को खेती में आर्थिक मदद मिल सके। इसी कड़ी में बिहार सरकार (Bihar Government) ने राज्य भर में अंजीर और नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। इसके अलावा, राज्य के 20 जिलों में स्ट्रॉबेरी की भी खेती करने का लक्ष्य तय किया है। बिहार सरकार राज्य में अंजीर और स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए अनुदान (Subsidy) देगी। इच्छुक कृषक विभागीय वेबसाइट पर नियमानुसार ऑनलाईन आवेदन हेतु आमंत्रित है। यदि आप भी धान, गेहूं जैसे पारंपरिक फसलों की खेती के स्थान पर अंजीर, स्ट्रॉबेरी और नारियल की बागवानी खेती करना चाहते है, तो आवेदन कर सकते हैं। इस लेख में ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, क्या-क्या दस्तावेज प्रस्तुत करने हैं आदि जानकारी दी जा रही है।
राज्य भर में सरकार फलों की खेती को बढ़ावा दे रही है, जिसके लिए फल से संबंधित योजना (2024-25) लागू है। इस योजना के अंतर्गत अंजीर और नारियल का क्षेत्र विस्तार राज्य के सभी जिलों में करने का फैसला लिया है। साथ ही, स्ट्रॉबेरी विकास योजना के तहत बिहार के 20 जिलों में स्ट्रॉबेरी की भी खेती होगी। गोपालगंज, जहानाबाद, लखीसराय, सारण, सुपौल, औरंगाबाद, बेगुसराय, भागलपुर, गया, कटिहार, किशनगंज, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, नालंदा, पश्चिम चम्पारण, पटना, पूर्वी चम्पारण, पूर्णियां, समस्तीपुर एवं वैशाली जिले में स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए राज्य सरकार अनुदान (Subsidy) देगी। साथ ही अंजीर की खेती के लिए राज्य के समस्त जिलों में अनुदान दिया जाएगा। लाभुकों का चयन सामान्य श्रेणी में 78.56 फीसदी, अनुसूचित जाति 20 फीसदी और अनुसूचित जनजाति के लिए 1.44 फीसदी किया जाएगा और प्रत्येक श्रेणी में 30 फीसदी महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
राज्य योजना के तहत मुख्यमंत्री बागवानी मिशन के अंतर्गत अंजीर फल विकास योजना (2024-25) के तहत इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है। योजना के तहत अंजीर की खेती के लिए कुल 1 लाख 25 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर की लागत आएगी, जिस पर सरकार 40 फीसदी सब्सिडी राशि देगी। यानी इस योजना के तहत अंजीर की खेती के लिए कुल 50 हजार रुपए प्रति हेक्टेयर किसानों को अनुदान के रूप में मिलेंगे। अनुदान की राशि तीन किस्तों में किसानों को उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजनांतर्गत प्रति हेक्टेयर अंजीर की खेती के लिए अनुदान की राशि पहले वर्ष 30 हजार रुपए, दूसरे वर्ष 10 हजार और तीसरे वर्ष 10 हजार रुपए दी जाएगी। अंजीर फल विकास योजना (2024-25) के तहत पौध रोपण सामग्री के लिए ई-टेंडर प्रकाशन / एजेंसी का चयन किया जाएगा।
उद्यान निदेशालय द्वारा नारियल पौधा वितरण योजना का कार्यक्रम तैयार किया गया है, जिसके तहत राज्यभर में नारियल की खेती भी होगी। इस योजना के तहत पूरे राज्य में नारियल के पौधे बांटे जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत नारियल पौधा का वितरण वैसे किसानों को किया जाएगा, जो अपने घर के आस-पास अपनी जमीन/बाड़ी/किचन गार्डेंन/खेत में लगाने को इच्छुक होंगे। शहरी क्षेत्र के व्यक्ति भी इस योजना का लाभ ले सकते हैं।
नारियल पेड़ (कोकोस न्युसीफेरा) दुनिया का सर्वाधिक उपयोगी पेड़ है, जिसका प्रत्येक हिस्सा किसी न किसी रूप में मानव के लिए उपयोगी है। इसे ध्यान में रखते हुए बिहार जैसे नारियल के अपंरपरागत क्षेत्र में नारियल पौधा रोपण करना मुख्य उद्देश्य है। नारियल के पौधे की कीमत 85 रुपए (उत्पादन व्यय 70.00 रुपए एवं जिला परिवहन व्यय 15.00 रुपए) है। इस पर सरकार की ओर से 75 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है यानी किसानों को एक पौधे पर सहायतानुदान के रूप में 63.75 रुपए मिलेंगे।
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