देश में रबी सीजन 2022-23 की शुरूआत हो चुकी है। ऐसे में किसान रबी फसलों की बुवाई के लिए खाद, बीज से लेकर तमाम तैयारी करता नजर आ रहा हैं। विशेषकर खाद व यूरिया की पर्याप्त तैयारी करता नजर आ रहा है। क्योंकि पिछले खरीफ सीजन से ही देश में किसानों के सामने खाद व यूरिया का संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में रबी सीजन फसलों की बुवाई शुरू होने जा रही है, और बिहार, पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, तमिलनाडु और मध्यप्रदेश सहित देश के कई राज्यों में किसान रासायनिक खाद की कमी से जूझ रहे हैं। रासायनिक खाद और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर तैयारी कर रही है। ऐसे में मध्यप्रदेश के लाखों किसानों के लिए केन्द्र सरकार की ओर से अच्छी खबर है। प्रदेश में किसानों को खाद व यूरिया के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। बता दें कि पिछले दिनों में कई बार मध्यप्रदेश से खाद की कमी की खबरें सामने चुकी है। राज्य के कुछ जिलो में किसानों ने प्रदर्शन भी किया है। राज्य की ओर से केन्द्र को खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए लेटर भी लिखा गया है। जिस पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मध्यप्रदेश के भिंड जिले के दौरे में कहा कि प्रदेश में खाद की कोई कमी नहीं है और रबी सीजन में किसानों को भरपूर मात्रा में खाद मिलेगा।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मध्यप्रदेश के भिंड जिले के दौर के दौरान जिले के दंदरौआ धाम पहुंचे थे, यहां वे संत निवास भूमि एवं शिला पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दैरान मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से खाद उपलब्धता सुनिश्चित करने को लेकर सवाल किया गया तब उन्होंने कहा कि खाद की कोई कमी नहीं है, प्रदेश और देश के किसानों को पर्याप्त खाद मिलेगा। जानकारी देते हुए नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि सरकार ने किसानों को खाद देने का रास्ता निकाल लिया है। सहकारी समितियां, बाजारों से किसानों को सब्सिडी दर पर नगद राशि में खाद उपलब्ध कराई जाएंगी, हो सकता है आज खाद की रैक आती है तो कुछ किसान छूट जाएं, लेकिन अगले दिन दूसरी रैक आएगी तो उनको भी खाद उपलब्ध होगा. बस इंतजार कीजिए खाद आने का, लेकिन खाद की कहीं कोई कमी देश में नहीं है। साथ ही किसानों की मांग को पूरा करने के लिए सरकार बाहर से बड़ी मात्रा में खाद का आयात कर रही है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री मध्यप्रदेश के भिंड जिले के दौर के दौरान लंपी वायरस को लेकर जानकारी देते हुए कहा की देश में कोरोना की तरह ही पशुओं में लंपी वायरस फैला हुआ है, खासकर दूधारू पशुओं में इससे लेकर किसान चिंता न करें। इस वायरस के इजाल के लिए केंद्रीय कृषि मंत्रालय के आधीन आईसीआर रिसर्च इंस्टिट्यूट ने लंपी वायरस का टीका इजाद कर लिया है और सरकार की ओर से इसे बड़े पैमाने पर बनाने के आदेश दे दिए गए हैं, जल्द ही हर महीने एक करोड़ डोज के हिसाब से मिलना शुरु हो जाएगा।
केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मौजूदा समय में अंतरराष्ट्रीय बाजारों में खाद की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। अंतरष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल के भाव में बढ़ोतरी के बाबजूद केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनी इफको ने वर्ष 2022-23 में रबी सीजन के लिए खाद की कीमतों में किसी भी प्रकार की बढ़ोतरी नहीं की है। साथ ही किसानों की मांग को पूरा करने के लिए सरकार बाहर से बड़ी मात्रा में खाद आयात कर रहा है। सरकार ने खाद की कीमतें बढ़ाने के बजाय खाद पर दी जानें वाली सब्सिडी को बढ़ाया है, ताकि किसानों पर इसका बोझ ना पड़े। आपको बता दें कि सरकार की तरफ से खाद के लिए सालाना 2.25 लाख करोड़ की सब्सिडी दी जाती है।
कृषि केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने स्पष्ट किया खाद की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने कहा था कि यूरिया और डीएपी की देश में कोई कमी नहीं है। “देश में यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है। हमारे पास घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए यूरिया का भंडार है। उन्होंने कहा, हम रबी सत्र की जरूरतों के लिए पूरी तरह से तैयार हैं और जरूरत के अनुसार आगे और खरीद करेंगे। मोदी सरकार ने पर्याप्त मात्रा में सब्सिडी देकर पर्याप्त फर्टिलाइजर उपलब्ध कराने की कोशिश की है। हाल ही में उर्वरकों के दाम में बीते दिनों हुई बढ़ोतरी से किसानों की रक्षा हेतू केन्द्रीय बजट 2022-23 में पहले ही स्वीकृत 1.05 लाख करोड़ रूपये के अलावा 1.10 लाख करोड़ रूपये की अतिरिक्त राशि भी प्रदान की गई थी।
शिला पूजन कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर से खाद व यूरिया को लेकर किसानों ने सवाल किया गया, तब उन्होंने कहा कि खाद की कालाबजारी रोकने के लिए सरकार एक्सन मोड में है। केंद्रीय कृषि विभाग ने खाद से संबंधित किसी भी शिकायत को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति बनाई है। नई नीति के तहत अफसरों से लेकर उर्वरक कंपनियों तक को जिम्मेवारी सौंपी गई है। देश में नकली उर्वरक की बिक्री पर रोक लगाने और पूरे देश में उर्वरक एक ही कीमत पर बेचने के लिए सरकार ने हाल ही में प्रधानमंत्री भारतीय जन उर्वरक परियोजना (पीएमबीजेपी) के तहत एक राष्ट्र एक उर्वरक स्कीम को शुरू किया गया है। यूरिया की किल्लत के दौरान किसानों से अधिक वसूली, कई ब्रांड के नाम पर नकली यूरिया बचाने क लिए केंद्र सरकार की जॉइंट सेक्रेटरी ए. नीरिजा ने इस संबंध में खाद निर्माता कंपनियों को सर्कुलर भेजकर पालना कराने को कहा है।
उन्होंने कहा केंद्र और राज्य सरकार के कृषि मंत्रियों का यह आदेश प्रदेश के किसानों के लिए राहत की खबर माना जा रहा है। क्योंकि प्रदेश में जल्द ही रबी फसलों बुआई शुरू होगी, ऐसे में मध्य प्रदेश सहित अन्य राज्यों में किसानों को यूरिया की जरुरत पड़ती है। केंद्रीय कृषि मंत्री के बयान के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही सोसाएटीयों में यूरिया मिलना शुरू हो जाएगा। जहां से किसान नगद पैसा देकर भी यूरिया खरीद सकते हैं। प्रदेश सरकार की तरफ से सभी किसानों को खाद उपलब्ध कराने के निर्देश दे दिए गए है। है। किसानों के खाते सहकारी बैंक में नहीं है या जो किसान सहकारी समितियों के सदस्य नहीं है, उन्हें भी नगद राशि से यूरिया उपलब्ध कराया जायेगा। सरकार व कृषि विभाग ने यूरिया की कीमत 266 रुपये एवं डीएपी का कीमत 1200 रुपये निर्धारित किया
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