Crop loss Compensation 2025 : जलवायु परिवर्तन के कारण बीते दिनों कई राज्यों में बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ। जिसकी भरपाई किसानों को सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं के तहत की जा रही हैं। प्राप्त जानकारी के मुताबिक 22 मार्च तक मध्य प्रदेश के 12 जिलों में बेमौसम, बारिश और ओलावृष्टि से पकी हुई फसलों का काफी नुकसान हुआ है, जिनमें सिंगरौली, मैहर, शहडोल, अनुपपुर, उमरिया, सागर, दमोह, पन्ना, जबलपुर, कटनी, सिवनी एवं डिंडौरी जिले शामिल है। नुकसान की भरपाई के लिए सरकार द्वारा सर्वे का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। इसी बीच राजस्थान के ओसियां विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए राहत भरी खबर आई है। क्षेत्र के करीब 55 हजार किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए फसल खराबे का भुगतान जल्द ही कर दिया जाएगा। विधानसभा में यह जानकारी 24 मार्च 2025 के दिन राज्य के आपदा प्रबंधन राज्यमंत्री ओटा राम देवासी ने दी।
आपदा प्रबंधन एवं सहायता राज्य मंत्री ओटाराम देवासी ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि विधानसभा (Assembly) क्षेत्र ओसियां में गत तीन वर्षों में अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं से किसानों द्वारा बोई गई फसलों में 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल खराबे से प्रभावित 73 हजार 341 किसानों के कृषि आदान अनुदान सहायता (Agricultural Input Subsidy Assistance) यानी मुआवजे के लिए डीएमआईएस पोर्टल पर आवेदन प्राप्त हुए।
उन्होंने बताया कि डीएमआईएस पोर्टल पर प्राप्त किसानों के आवेदनों को भारत सरकार द्वारा जारी एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष) नोर्म्स के प्रावधानानुसार 117 करोड़ 10 लाख रुपए की राशि स्वीकृत की गई है। जिससे प्रभावित किसानों को कृषि आदान अनुदान सहायता (मुआवजा) देय होगा।
आपदा प्रबंधन राज्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र ओसियां के 73 हजार 341 किसानों के प्राप्त आवेदनों में से 17 हजार 801 प्रभावित किसानों को 34 करोड़ 83 लाख रुपए का कृषि आदान अनुदान भुगतान किया जा चुका है। शेष 55 हजार 540 किसानों को 82 करोड़ 27 लाख रुपए की कृषि आदान अनुदान राशि का भुगतान शीघ्र करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वहीं, मध्य प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन नीति (एमपीएसडीएमपी) के अनुसार, चालू वर्ष 2024-25 में 21 मार्च 2025 तक अग्नि प्रभावित किसानों को 16.02 करोड़ रुपये, ओला वृष्टि से फसल खराब होने पर 216.44 करोड़ रुपए, बाढ़/अतिवृष्टि से क्षति होने पर 104.04 करोड़ रुपए, सर्पदंश से मृत्यु होने पर 98.51 करोड़ रुपए, पाला से नुकसान होने पर 0.13 करोड़ रुपए, कीट प्रकोप से फसल खराबा के लिए 13.13 करोड़ रुपए, वन्य प्राणियों के कारण फसल नुकसान के लिए 2.18 करोड़, राजस्व पुस्तक परिपत्र में 6-4 के अंतर्गत अन्य मदों में 154.51 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस प्रकार अब तक इन सभी आपदाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा 643.92 करोड़ रुपए की कृषि आदान अनुदान सहायता यानी मुआवजा राशि वितरित की गई है।
आपदा प्रबंधन राज्यमंत्री ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र ओसियां के 73 हजार 341 किसानों के प्राप्त आवेदनों में से 17 हजार 801 प्रभावित किसानों को 34 करोड़ 83 लाख रुपए का कृषि आदान अनुदान भुगतान किया जा चुका है। शेष 55 हजार 540 किसानों को 82 करोड़ 27 लाख रुपए की कृषि आदान अनुदान राशि का भुगतान शीघ्र करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। वहीं, मध्य प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन नीति (एमपीएसडीएमपी) के अनुसार, चालू वर्ष 2024-25 में 21 मार्च 2025 तक अग्नि प्रभावित किसानों को 16.02 करोड़ रुपये, ओलावृष्टि से फसल खराबा होने पर 216.44 करोड़ रुपए, बाढ़/ अतिवृष्टि से क्षति होने पर 104.04 करोड़ रुपए, सर्पदंश से मृत्यु होने पर 98.51 करोड़ रुपए, पाला से नुकसान होने पर 0.13 करोड़ रुपए, कीट प्रकोप से फसल खराब के लिए 13.13 करोड़ रुपए, वन्य प्राणियों के कारण फसल नुकसान के लिए 2.18 करोड़, राजस्व पुस्तक परिपत्र में 6-4 के अंतर्गत अन्य मदों में 154.51 करोड़ रुपए दिए गए हैं। इस प्रकार अब तक इन सभी आपदाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा 643.92 करोड़ रुपए की कृषि आदान अनुदान सहायता यानी मुआवजा राशि वितरित की गई है।
विधानसभा में विधायक भेरा राम चौधरी (सियोल) के मूल प्रश्न का जवाब देते हुए आपदा प्रबंधन एवं सहायता राज्यमंत्री ओटा राम देवासी ने बताया कि विधान सभा क्षेत्र ओसियां में विगत तीन वर्षों 2021-22 से वर्ष 2023-24 में अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं से किसानों की फसलों में 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल खराब हुई। इसमें वर्ष 2021 रबी, वर्ष 2022 रबी और खरीफ, वर्ष 2023 में खरीफ एवं रबी तथा वर्ष 2024 खरीफ सीजन में भारी बारिश एवं बाढ़ व अन्य अधिसूचित प्राकृतिक आपदाओं के सर्वे, गिरदावरी के अनुसार, किसानों द्वारा बोई गई फसलों में 33 प्रतिशत या इससे अधिक फसल का नुकसान हुआ है। ऐसे किसानों को जल्द ही कृषि आदान अनुदान सहायता (मुआवजा) राशि जारी की जाएगी। उन्होंने प्राकृतिक आपदाओं से फसलों में हुए नुकसान का वर्षवार व ग्राम पंचायत वार विवरण सदन के पटल पर रखी।
वहीं, मध्यप्रदेश कृषि विभाग की जानकारी के अनुसार, बेमौसम, बारिश और ओलावृष्टि से प्रदेश के 12 जिलों में फसलों को नुकसान हुआ है और आकाशीय बिजली गिरने से जनहानि, पशुओं की हानि और मकानों की क्षति हुई। प्रभावित जिलों से अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, नेत्रांकन के आधार पर प्रारम्भिक अनुमान के अनुसार कुल 12 जिले की कुल 29 तहसीलों के कुल 275 गांव में 2160 किसानों की लगभग 2194 हेक्टेयर की फसल नुकसान का आंकलन किया गया है। आकाशीय बिजली से पांच जनहानि, 16 पशुओं की हानि तथा 02 मकानों की क्षति हुई है। इसके अतिरिक्त, आपदा प्रभावित किसानों को जल्द राहत देने के लिए सर्वे का कार्य किया जा रहा है। बीमित किसान फसल में हुए नुकसान की सूचना कृषि रक्षक हेल्पलाइन नंबर 14447 पर कॉल कर दे सकते हैं।
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