GST Council Meeting : केंद्र सरकार ने ट्रैक्टर से लेकर खेती-किसानी में उपयोग होने वाले कृषि उपकरणों और कई इनपुट पर जीएसटी की दरें 12 और 18 प्रतिशत से घटाकर केवल 5% कर दी हैं। यह फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, क्योंकि अब तक महंगे कृषि उपकरण और उर्वरक उनकी परेशानी का कारण बने हुए थे। नई जीएसटी दरों (New GST Rates) के लागू होने से ट्रैक्टर और कृषि यंत्र पहले से अधिक सस्ते हो जाएंगे।
सरकार ने न सिर्फ कृषि कार्यों में इस्तेमाल होने वाले सामानों पर बल्कि रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली कई वस्तुओं पर भी टैक्स कम किया है। नई दरों के बाद अब लगभग 90 फीसदी दैनिक उपयोग की वस्तुएं सस्ती हो जाएंगी। कई जीवनरक्षक दवाओं और आवश्यक सामानों पर टैक्स पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है। पहले जीएसटी की चार अलग-अलग दरें थीं, लेकिन अब इन्हें घटाकर सिर्फ दो कर दिया गया है 5 प्रतिशत और 18 प्रतिशत। वहीं, तंबाकू और लक्जरी गाड़ियों जैसी महंगी और हानिकारक वस्तुओं पर 40% टैक्स लागू होगा। नई दिल्ली में जीएसटी काउंसिल की बैठक के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Union Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में अहम फैसलों की जानकारी दी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जीएसटी काउंसिल का यह फैसला पूरी सहमति से लिया गया है और सभी मंत्रियों ने दरों में बदलाव का समर्थन किया है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मामलों में जीएसटी की दरों में भारी कटौती की गई है। खासतौर पर किसानों, कृषि क्षेत्र और स्वास्थ्य से जुड़े उत्पादों पर टैक्स घटाया गया है। सरकार ने बड़े पैमाने पर अगली पीढ़ी (नेक्स्ट-जेन) के जीएसटी सुधारों का ऐलान किया है, जिनका उद्देश्य आम जनता और विभिन्न सेक्टरों को राहत देना है। इन सुधारों का सकारात्मक असर दैनिक जरूरत की चीजों, स्वास्थ्य सेवाओं, खेती-किसानी, शिक्षा, ऑटोमोबाइल और घरेलू उपकरणों पर दिखाई देगा
वित्त मंत्री ने परिषद की 56वीं बैठक के बाद बताया कि खेती के काम में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टर पर लगने वाले 12 प्रतिशत जीएसटी की कटौती करके 5 प्रतिशत के स्लैब में डाल दिया गया है। ट्रैक्टर टायर और पुर्जों पर जो पहले 18 प्रतिशत जीएसटी लगता था उसे घटाकर अब पांच प्रतिशत कर दिया गया है। इसी तरह, जैव कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे कृषि इनपुट्स पर लगने वाले 12 फीसदी जीएसटी से कम करके 5 फीसदी करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा, जल संरक्षण और आधुनिक खेती के लिए जरूरी ड्रिप सिंचाई प्रणाली और स्प्रिंकलर पर भी जीएसटी 12 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे किसान की लागत कम होगी और किसान की जेब पर पड़ने वाला बोझ कम हो जाएगा।
जीएसटी परिषद ने खेती की तैयारी, कटाई और थ्रेसिंग में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों और मशीनों पर टैक्स दर 12 प्रतिशत से घटाकर 5% कर दिया है। इससे कृषि, बागवानी और वानिकी में उपयोग होने वाली मशीनें अब सस्ती हो जाएंगी। नए टैक्स स्लैब से किसानों की लागत कम होगी और खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा मिलेगा। परिषद ने यह भी सिफारिश की है कि सेवाओं पर नई जीएसटी दरें 22 सितंबर 2025 से लागू होंगी।
नए टैक्स स्लैब के अनुसार, आम जनता की रोजमर्रा की कई वस्तुओं जैसे हेयर ऑयल, साबुन, शैंपू, टूथब्रश, टूथपेस्ट, साइकिल, टेबलवेयर, किचनवेयर और अन्य घरेलू सामानों पर जीएसटी की दर को 18 फीसदी और 12 प्रतिशत से घटाकर केवल 5% कर दिया गया है। प्रधानमंत्री ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि स्वतंत्रता दिवस भाषण में उन्होंने जीएसटी में नए सुधार लाने का इरादा जताया था। केंद्र सरकार ने जीएसटी दरों को आसान बनाने और प्रक्रियाओं में सुधार के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया था, जिससे आम लोगों का जीवन सरल हो और अर्थव्यवस्था मजबूत बने। पीएम ने बताया कि केंद्र और राज्यों की जीएसटी परिषद ने इन प्रस्तावों पर सहमति दे दी है। इसके तहत दरों में कटौती और अन्य सुधार किए जाएंगे, जिससे आम जनता, किसान, एमएसएमई, मध्यम वर्ग, महिलाएं और युवा सभी को लाभ मिलेगा।
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