पीएम–कुसुम योजना : किसानों को सिंचाई के लिए निःशुल्क सोलर पंप
बिजली का झंझट खत्म : राज्य के 229 किसानों को सिंचाई के लिए 3–5 एचपी क्षमता के सोलर पंप निःशुल्क मिले
PM Kusum Yojana 2025 : देश के किसानों को अब सिंचाई के लिए महंगे डीजल या अनियमित बिजली आपूर्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ता है, क्योंकिप्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM Kusum Solar Subsidy Yojana) के तहत किसानों को अनुदान पर सोलर पंप उपलब्ध कराए जा रहे हैं। यह भारत सरकार की एक प्रमुख केंद्रीय योजना है, जिसके विभिन्न घटकों के तहत केंद्र और राज्यों में लाभ दिए जाते हैं। पीएम-कुसुम योजना (PM Kusum) के तहत राजस्थान सरकार द्वारा भी राज्य के किसानों को सोलर पम्प(Solar Pump Subsidy Yojana)पर अनुदान दिया जा रहा है। इसी कड़ी में राज्य के 229 किसानों को इस योजना के तहत सिंचाई के लिए निःशुल्क सोलर पंप मिला है। इससे न सिर्फ किसानों की सिंचाई लागत में कमी हुई है, बल्कि उनकी खेती अधिक टिकाऊ और मुनाफेदार बन रही है। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली आपूर्ति का झंझट और डीजल के बढ़ते खर्च से राहत भी मिल रही है।
पीएम-कुसुम योजना : किसानों को मिला सोलर पंप लाभ (PM-Kusum Yojana: Farmers get solar pump benefits)
दरअसल, राजस्थान सरकार पीएम-कुसुम योजना के कंपोनेंट “बी” के अंतर्गत किसानों को अनुदान पर सोलर पंप (Solar Pump) दिया जा रहा है। इसके अलावा, बैंकों से 30 प्रतिशत ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि किसान पर वित्तीय भार न पड़े। ऐसे में राजस्थान के डूंगरपुर जिले में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाअभियान (PM-KUSUM) के साथ ही उद्यानिकी आयुक्तालय के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के लिए 3 एच.पी. और 5 एच.पी प्रति सौर ऊर्जा पंप (Solar Pump) के लिए 45 हजार रुपए की सब्सिडी (Subsidy) प्रदान कर बड़ी राहत दी गई है। वहीं, अनुसूचित जनजाति श्रेणी के कृषकों के लिए बाकि राशि का भी जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के माध्यम से आर्थिक सहयोग प्रदान कर योजना के अंतर्गत निःशुल्क लाभ प्रदान किया गया है।
3 और 5 एच.पी. के सौर उर्जा संयंत्र की मांग सबसे ज्यादा (3 and 5 HP solar power plants are in highest demand)
उद्यानिकी विभाग डूंगरपुर के उप निदेशक डॉ. विकास चेचानी के अनुसार, भौगोलिक विषमताओं और पहाड़ी भू-प्रकृति के चलते जिले के छोटे एवं सीमांत किसानों को खेती में कई गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। इनमें कृषि भूमि की सीमित उपलब्धता, सिंचाई के लिए वर्षा पर अधिक निर्भरता, उपलब्ध पानी की सिंचाई के समय बिजली की अनिश्चित उपलब्धता शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इन चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री कुसुम योजना (PM Kusum Yojana) के कंपोनेंट-B के तहत किसानों के खेतों में सौर ऊर्जा संयंत्र (Solar Power Plant) की स्थापना उद्यान विभाग द्वारा कराई जा रही है। जिले में 3 हार्सपावर और 5 एच.पी. के सौर उर्जा संयंत्र की मांग ही ज्यादा रहती है, क्योंकि यहां खेतों की जोत का आकार बहुत कम है।
किसानों के खेतों में अनुदान पर सोलर पंप की स्थापना (Installation of solar pumps on subsidy in farmers' fields)
उद्यानिकी विभाग (डूंगरपुर) के उप निदेशक ने बताया कि कंपोनेंट-बी के तहत जिले में वर्ष 2024-25 के दौरान कुल 239 किसानों के खेतों में अनुदान पर सौर उर्जा संयंत्र की स्थापना की गई। इसमें 9 किसान सामान्य श्रेणी के एवं अनुसूचित जाति के 1 किसान द्वारा कृषक हिस्सा राशि जमा करवाते हुए सौर उर्जा संयंत्र स्थापित करवाया गया। वहीं, अनुसूचित जाति वर्ग श्रेणी के किसान को राजस्थान सरकार द्वारा उद्यानिकी आयुक्तालय के माध्यम से 45 हजार की सब्सिडी प्रदान की गई, जबकि अनुसूचित जनजाति वर्ग के 229 किसानों को राज्य सरकार द्वारा उद्यानिकी आयुक्तालय द्वारा प्रति सौर ऊर्जा पंप लगाने पर 45 हजार रुपए अनुदान और शेष राशि जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के माध्यम से प्रदान कर आर्थिक संबंल देकर पूरी तरह से मुफ्त लाभान्वित किया गया।
सोलर पावर पंप की स्थापना : नहीं ली गई किसी भी प्रकार की कृषक हिस्सा राशि (Installation of solar power pump: No farmer share amount was taken)
उप निदेशक ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा जनजाति वर्ग श्रेणी के किसानों की कृषक हिस्सा राशि जनजाति क्षेत्रिय विकास विभाग उदयपुर से प्राप्त राशि से जमा करवाई गई है। यानी अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों के खेतों पर 3 एच.पी आौर 5 एचपी के सोलर पावर पंप की स्थापना के लिए किसी भी प्रकार की कृषक हिस्सा राशि (कृषक अंश) नहीं ली गई है। पीएम-कुसुम योजना के तहत 3 एचपी एवं 5 एचपी का सौर उर्जा संयत्र स्थापित करने के लिए सामान्य श्रेणी के किसानों को क्रमशः 1,01,124 और 1,29,221 रुपए कृषक अंश दान यानी किसान हिस्सा राशि के रूप में भुगतान करना होता है, जबकि एससी, एसटी जाति वर्ग श्रेणी के किसानों को 56,124 एवं 84,221 रुपए कृषक हिस्सा राशि सोलर पंप के लिए जमा करवाना होता है।
इन किसानों को योजना में पूर्णतः निःशुल्क लाभान्वित किया (These farmers were benefited completely free of cost under the scheme)
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा इसमें अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों को उद्यानिकी आयुक्तालय के माध्यम से प्रति सोलर पंप पर 45 हजार रुपए राशि की अतिरिक्त छूट दी जाती है। अनुसूचित जनजाति श्रेणी के लिए राज्य सरकार द्वारा जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के माध्यम से शेष राशि के लिए भी आर्थिक सहयोग प्रदान देते हुए योजना में पूर्णतः निःशुल्क लाभान्वित किया गया। जिससे वे अपने खेतों में बिना बिजली की चिंता के समय पर सिंचाई कर पा रहे हैं। जिले में सोलर पंप की मदद से अब वर्षा की अनिश्चितता या बिजली कटौती खेती के लिए बाधा नहीं रही।
कौन किसान ले सकते हैं पीएम-कुसुम योजना का लाभ (Which farmers can avail the benefits of PM-Kusum Yojana)
डूंगरपुर उद्यानिकी विभाग के आयुक्त ने बताया कि जिले में पीएम कुसुम योजना के कंपोनेंट ‘बी’ स्टैंड अलोन सौर ऊर्जा संयंत्र परियोजना के अंतर्गत किसानों के खेतों पर सोलर पंप की स्थापना की इकाई लागत पर 60 प्रतिशत का अनुदान देय है। इसमें जिन कृषकों के पास सिंचाई हेतु कोई कृषि विद्युत कनेक्शन नही हैं एवं सिंचाई के लिए डीजल चलित संयंत्र अथवा अन्य वैकल्पिक साधन पर निर्भर हैं, उन्हें प्राथमिकता से योजना का लाभ दिया जाता है। इस योजना के तहत सिंचाई के लिए सौर ऊर्जा पम्प संयंत्र अनुदान (Solar Power Pump Plant) के लिए आवश्यक पात्रता में सामान्य एवं अनुसूचित जाति वर्ग श्रेणी के कृषक के खुद के नाम पर न्यूनतम 0.4 हेक्टेयर भू-स्वामित्व आवश्यक है। वहीं, अनुसूचित जनजाति वर्ग श्रेणी किसानों के पास न्यूनतम 0.2 हेक्टेयर भूस्वामित्व होना आवश्यक है। इसके अलावा, यदि किसान के पास पहले से कृषि कनेक्शन है, तो इस स्थिति में उसे समर्पित करना होता है। इसके बाद ही उसे इस योजना में पात्र माना जाता है।
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