Electricity Regulatory Commission : देश में कृषि और घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को बिल में राहत पहुंचाने के लिए विभिन्न योजनाएं लागू की जा रही है। इनके माध्यम से सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को बिजली बिल में भारी सब्सिडी दी जा रहा है। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश सरकार ने कृषि उपभोक्ताओं और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली बिल में राहत देने की घोषण की है। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर (Energy Minister Pradhuman Singh Tomar) ने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के 3 हॉर्सपॉवर (HP) से लेकर 10 एचपी तक के कृषि कनेक्शन पर 93 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी के तौर पर वहन किया जाएगा। वहीं, अटल गृह ज्योति योजना (Atal Griha Jyoti Yojana) के तहत एक करोड़ से अधिक घरेलू उपभोक्ताओं को भी सस्ती बिजली का लाभ मिलेगा। यह फैसला 29 मार्च 2025 को मध्यप्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नई दरों के बाद लिया गया है। आइए, जानते हैं कि सरकार के इस फैसले से किसानों को कितना फायदा पहुंचेगा और कृषि कनेक्शन के लिए विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी नई विद्युत दरें कितनी है?
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि नए नियम के अनुसार, 3 एचपी (हॉर्स पावर) के कृषि पंप पर सालाना बिजली बिल 30,730 रुपए, 5 हॉर्स पावर (HP) पर 54,671 रुपए और 10 एचपी के पंप पर 1,15,655 रुपए तय किया गया है, जिस राज्य सरकार द्वारा 93 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। सब्सिडी के बाद किसानों को सिर्फ 750 रुपए प्रति हॉर्स पावर (HP) के हिसाब से भुगतान करना होगा। यानी किसानों को 3 हॉर्स पावर पंप पर 2,250 रुपए, 5 हॉर्स पावर पर 3,750 रुपए और 10 HP पर 7,500 रुपए का ही भुगतान करना होगा। शेष राशि राज्य सरकार सब्सिडी के तौर पर बिजली कंपनियों को देगी। ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि कृषि उपभोक्ताओं को “3 एचपी पंप पर 28,480 रुपए, 5 हॉर्स पावर पर 50,921 रुपए और 10 हॉर्स पावर (HP) पर 1,08,155 रुपए की सब्सिडी दी जाएगी।” इससे प्रदेश के लगभग 37 लाख किसानों को फायदा मिलेगा।
मंत्री तोमर में बताया कि सरकार द्वारा लिए गए निर्णय के अनुसार, कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी दरों पर सब्सिडी स्वीकृत की गई है। इसके मुताबिक, उपभोक्ता द्वारा दी जाने वाली राशि एवं आयोग द्वारा जारी दरों का अंतर प्रदेश सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। विद्युत नियामक आयोग द्वारा 29 मार्च 2025 को जारी विद्युत दरों के अनुसार, किसानों को पूरे वर्ष में 3 हॉर्स पॉवर के लिए 30,730 रुपए, 5 हॉर्स पॉवर के लिए 54,671 रुपये एवं 10 हॉर्स पावर के पंप के लिए 1,15,655 रुपए का देयक बनता है। इसमें राज्य शासन द्वारा 93 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है, जिससे किसानों को मात्र 7 प्रतिशत राशि ही प्रति वर्ष देनी होगी। इसके अलावा, अटल गृह ज्योति योजना के माध्यम से 150 यूनिट तक बिजली खपत वाले उपभोक्ताओं को राहत जारी रहेगी। पहले 100 यूनिट पर मात्र 100 रुपये देने होंगे, जबकि शेष राशि (करीब 566 रुपए) सरकार सब्सिडी के तौर पर देगी। प्रदेश में ऐसे लगभग 1 करोड़ 7 लाख उपभोक्ता हैं।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि आयोग ने बिजली कंपनियों को उपभोक्ता सेवाएं बेहतर करने और शोध के लिए फंड बनाने के लिए भी निर्देश दिया है। पूरा टैरिफ आदेश विद्युत नियामक आयोग की वेबसाइट (https://www.mperc.in/) पर उपलब्ध है। आयोग का यह कदम राज्य के किसानों और आम जनता के लिए बिजली को किफायती बनाने की दिशा में उठाया गया है। हालांकि, सब्सिडी का बोझ राज्य के राजस्व पर कितना असर डालेगा, इस पर अभी चर्चा बाकी है।
नए टैरिफ आदेश के अंतर्गत विद्युत वितरण कंपनियों ने 7.52 प्रतिशत बढ़ोतरी मांगी थी, लेकिन आयोग ने केवल 3.46 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी। 100 यूनिट तक बिजली खपत वाले घरों के बिल में 24 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन अटल गृह ज्योति योजना के तहत यह अतिरिक्त राशि सरकार वहन करेगी। इसके अलावा, मीटर रेंट या मिनिमम बिलिंग चार्ज नहीं लगेगा। 10 किलोवाट से कम लोड वाले स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को सुबह 9 से शाम 5 बजे तक 20 प्रतिशत छूट मिलेगी। नए टैरिफ में निम्न-दाब गैर-घरेलू और उच्च-दाब सीजनल यूजर्स की न्यूनतम बिलिंग समाप्त कर दी गई है। उच्च-दाब उपभोक्ताओं को रात में बिजली इस्तेमाल पर 7.5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक राहत मिलेगी। स्मार्ट मीटर और प्रीपेड उपभोक्ताओं के लिए छूट भी जारी रहेगी। हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन टैरिफ में कमी की गई है।
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
लाड़ली बहना योजना: बैंक खातों में पहुंचने लगी 36वीं किस्त की राशि
Yamaha Strengthens Prospr with Smart Weed-Control Technology