Agricultural and Non-Agricultural Loan Scheme : अन्नदाताओं के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए सरकार विभिन्न योजनाएं चला रही है। इसी कड़ी में कृषि एवं उससे जुडे क्षेत्रों में निवेश के लिए किसानों को ऋण सुविधाएं देने के उद्देश्य से राजस्थान सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं के तहत ना केवल कृषकों को बैंक ऋण दिया जा रहा है, बल्कि ऋण पर लगने वाले ब्याज में अनुदान का लाभ भी दिया जाता है। इस क्रम में राज्य सरकार द्वारा किसानों को पॉलीहाउस, शेड नेट हाउस, तारबंदी, फार्म पौंड एवं अन्य कृषि कार्यों के लिए दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। जिस पर ब्याज अनुदान भी दिया जाता है।
अन्नदाताओं को यह ऋण दीर्घकालीन कृषि और अकृषि ऋण योजनाओं के तहत केंद्रीय सहकारी बैंक की ओर से दिया जा रहा है। राज्य के किसान योजना के तहत पॉली हाउस, शेड नेट हाउस, तारबंदी, फार्म पौंड आदि के लिए केंद्रीय सहकारी बैंक में ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। निर्धारित समय पर ऋणों का चुकारा वाले किसानों को 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान सरकार की ओर से दिया जाएगा। इसके अलावा, राजस्थान सरकार द्वारा किसानों को सस्ते ब्याज दर से अल्पकालीन फसली ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है।
राजस्थान सरकार ने दीर्घकालीन सहकारी कृषि एवं अकृषि ऋणों पर ब्याज अनुदान योजना, 2024-25 लागू करने के लिए आदेश जारी कर दिए हैं। केंद्रीय सहकारी बैंक दौसा को इस वर्ष 50 किसानों को ऋण देने का लक्ष्य रखा गया है। योजना के तहत किसान नवकूप/नलकूप, कूप गहरा करना, पम्पसैट, फव्वारा/ड्रिप सिंचाई, विद्युतीकरण, नाली निर्माण, डिग्गी/हौज का निर्माण, ट्रैक्टर, कृषि यंत्र, थ्रेशर, कंबाइन हार्वेस्टर, पावर टिलर, भूमि सुधार, भूमि समतलीकरण, तारबंदी, बाउंड्रीवाल, डेयरी, कृषि भूमि क्रय, अनाज/प्याज गोदाम निर्माण, ग्रीन हाउस, कृषि कार्य हेतु सोलर प्लान्ट, पशुपालन, वर्मी कम्पोस्ट, भेड़ / बकरी / सुअर / मुर्गी पालन, उद्यानीकरण, ऊंट/बैलगाडी क्रय, मत्स्य पालन, रेशम कीट पालन, जेट्रोफा प्लांटेशन, मधुमक्खी पालन जैसे कृषि गतिविधियों के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण ले सकेंगे। सहकारी बैंक की ओर से यह ऋण 10 प्रतिशत की ब्याज दर से दिया जाता है। इस पर किसानों को सरकार की ओर से 7 प्रतिशत ब्याज में राहत दी जाएगी। अब तक तीन किसानों ने पॉली हाउस के लिए ऋण का आवेदन किया था। इन किसानों का ऋण बैंक की ओर से स्वीकृत कर लिया गया है। अभी दो फाइल प्रक्रियाधीन है। बैंक से ऋण प्राप्त करने के लिए किसानों को अपनी भूमि रहन करना होगा।
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने बताया कि प्रदेश में यह पहली बार होगा जब दीर्घकालीन कृषि ऋणों का समय पर चुकारा करने पर 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान वर्ष 2024-25 के दौरान वितरित ऋणों का समय पर चुकारा करने पर दिया जाएगा। उन्होंने कहा, राज्य सरकार ने वर्ष 2024-25 के बजट में 2 प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज अनुदान की घोषणा की थी, जिसे किसान हित में प्राथमिकता से लागू कर दिया गया है। जिन किसानों ने पूर्व में कृषि ऋण लिया था और वे अपने ऋण का समय पर चुकारा कर रहे हैं। ऐसे किसानों को 5 प्रतिशत ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा। सहकारिता राज्य मंत्री ने बताया कि यह योजना प्रदेश के प्राथमिक सहकारी भूमि विकास बैंक और केन्द्रीय सहकारी बैंकों के माध्यम से वितरित कृषि एवं अकृषि ऋणों के समय पर चुकारा करने पर लागू होगी। अगर कोई किसान केन्द्रीय सहकारी बैंक के माध्यम से सहकार किसान कल्याण योजना के तहत इस वर्ष कृषि ऋण लेता है और वह उसका नियमित चुकारा करता है, तो उसे 7 प्रतिशत ब्याज का अनुदान मिलेगा। इस तरह किसान को मात्र 3 प्रतिशत की दर से ब्याज देना होगा।
सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गौतम कुमार दक ने बताया कि इस वर्ष ब्याज अनुदान के लिए कुल 39.75 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इस योजना के तहत किसानों को कृषि व उद्यान विभाग की तरफ से यह अनुदान दिया जाएगा। शेष राशि के लिए किसान जमीन रहन कर बैंक से 10 लाख रुपए तक का ऋण ले सकेंगे। इस योजना से किसान आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित होंगे, जिससे उनकी आय में बढोतरी होगी। साथ ही सहकारी बैंक अधिक से अधिक किसानों को कृषि एवं अकृषि ऋण मुहैया करा पाएंगे। उन्होंने बताया कि अगर किसान इस वर्ष सहकार किसान कल्याण योजना (कृषि ऋण) के तहत 10 लाख रुपए का ऋण लेता है। साथ ही अपनी किश्तें नियमित चुकाता है, तो उसे इस वर्ष 7 प्रतिशत की दर से राशि 68231 रुपए का ब्याज अनुदान मिलेगा। इस तरह किसान को इस योजना में 107220 रुपए के बजाय 4 प्रतिशत की दर से केवल 38989 रुपए ही ब्याज का भुगतना करना होगा।
इसी प्रकार अगर किसान कृषि भूमि पर आवास योजना (अकृषि ऋण) के तहत 50 लाख रुपए का ऋण लेता है। वह अपनी सभी किश्तें समय पर चुकाता है, तो उसे इस वर्ष पांच प्रतिशत की दर से 246108 रुपए राशि का ब्याज अनुदान मिलेगा। इस प्रकार उसे 418385 रुपए के बजाय 3.50 प्रतिशत की दर से मात्र 172277 रुपए का ही ब्याज देना होगा। इस योजना के अंतर्गत इस वर्ष किसान अकृषि सूक्ष्म एवं लघु उद्योग, सेवा इकाइयां, लघु पथ परिवहन, उच्च शिक्षा ऋण, स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड, शैक्षणिक संस्थान ऋण, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन सेवा, सूचना प्रौद्योगिकी ऋण एवं खेत पर आवास निर्माण के लिए ऋण ले सकते हैं।
बता दें कि राज्य में शून्य प्रतिशत ब्याज मुक्त फसली ऋण योजना के तहत किसानों को अल्पकालीन फसल ऋण भी उपलब्ध कराया जाता है। योजना के तहत सरकार की ओर से यह ऋण उन किसानों को बिना किसी ब्याज के प्रदान किया जाता है, जिनके पास खेती योग्य भूमि है। यह ऋण कम समय के लिए फसल पर दिए जाने वाला ऋण है, इसे अल्पावधि फसली ऋण भी कहते हैं। इस योजना के अंतर्गत क्षेत्रीय ग्रामीण बैंको एवं सहकारी भूमि विकास बैंकों से जुडे़ किसान अपनी जरूरत के अनुसार कृषि एवं उससे जुड़ी विभिन्न गतिविधिंयों के लिए ऋण ले सकते हैं। ऋणों का समय पर चुकारा करने पर सरकार ब्याज में अतिरिक्त अनुदान देती है, जिससे किसानों को यह ऋण बिना किसी ब्याज (शून्य ब्याज दर) से पड़ता है। इसमें कृषक को राज्य सरकार द्वारा 4 प्रतिशत और भारत सरकार द्वारा 3 प्रतिशत ब्याज अनुदान (कुल 7 प्रतिशत ब्याज अनुदान) मिलता है।
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