Agriculture News : देश के प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में वर्तमान पेराई सत्र 2024-25 चल रहा है। सरकार के मार्गदर्शन पर चीनी मिलों में पेराई के लिए गन्ने की आपूर्ति किसानों द्वारा की जा रही है। साथ ही वर्तमान पेराई सत्र के देय गन्ना मूल्य का भुगतान चीनी मिलों द्वारा गन्ना किसानों कर दिया गया है। इस कड़ी में छत्तीसगढ़ के भोरमदेव शक्कर कारखाना कवर्धा द्वारा गन्ना उत्पादक किसानों को गन्ना विक्रय का तत्परता से भुगतान किया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने बताया कि भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाना में पेराई सत्र 2024-25 में गन्ना विक्रय करने वाले किसानों को अब तक 14.13 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश की आईपीएल चीनी मिल सिसवा ने 8 दिसंबर तक खरीदे गए 3.42 क्विंटल गन्ने के सापेक्ष में 11.35 करोड़ रुपए का भुगतान 16 दिसंबर को गन्ना बेचने वाले किसानों के खातों में कर दिया है। गन्ना उत्पादकों को अधिक आर्थिक लाभ मिल सके, इसके लिए हाल ही में पंजाब और बिहार सरकार द्वारा गन्ना के लिए राज्य सहमत मूल्य (SAP) में 10 रुपये की बढ़ोतरी का ऐलान भी किया गया है।
भोरमदेव सहकारी शक्कर कारखाने के प्रबंध संचालक जीएस शर्मा ने जानकारी दी कि वर्तमान पेराई में अब तक 1,09,175 मीट्रिक टन गन्ने की पेराई की गई है और 94,270 क्विंटल शक्कर का उत्पादन हुआ है। यह उपलब्धि किसानों के सहयोग और कारखाने के कुशल प्रबंधन का परिणाम है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गन्ना उत्पादक कृषकों को 315.10 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान जारी किया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश की सहकारी और निजी क्षेत्र की चीनी मिलों को पेराई सत्र 2024-25 के देय गन्ना मूल्य का नियमानुसार भुगतान करने के लिए चीनी मिलों को निर्देश भी जारी किए हुए हैं, जिसके अतंर्गत चीनी मिलें 340 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान गन्ना उत्पादक किसानों को कर रही हैं।
कारखाना प्रबंधन ने गन्ना उत्पादक किसानों से अपील की है कि वे कारखाने में परिपक्व, साफ-सुथरा, बिना अगवा और बिना जड़ वाला गन्ना आपूर्ति करें। इससे शक्कर की रिकवरी प्रतिशत में वृद्धि होगी, जिसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा। भोरमदेव शक्कर कारखाना कवर्धा क्षेत्र के गन्ना किसानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप गन्ना खरीदी नीति के तहत उत्पादक किसानों को समय पर देय भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।
गन्ना नियंत्रण बोर्ड पंजाब के अनुसार, हाल पंजाब सरकार ने गन्ना किसानों के लिए राज्य सहमत मूल्य (SAP) में 10 रुपए की वृद्धि की है। एसएपी में बढ़ोतरी की घोषणा के साथ पंजाब पूरे देश में गन्ने का सबसे अधिक मूल्य देने वाला राज्य बन गया है। पंजाब सरकार ने गन्ना के लिए एसएपी में 10 रुपये की बढ़ोतरी कर इसे 401 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जबकि पिछले साल दिसंबर में राज्य सरकार ने गन्ने के दाम में 11 रुपए की बढ़ोतरी की घोषणा करके गन्ने के लिए उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) 391 रुपए प्रति क्विंटल तय किया था। बोर्ड का मानना है कि इस पेराई सत्र में पंजाब में करीब 700 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई और 62 लाख क्विंटल चीनी उत्पादन होने की उम्मीद है।
हरियाणा में इस सीजन के लिए चीनी मिलें 400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से भुगतान गन्ना विक्रय करने वाले किसानों को कर रही है। यमुनानगर की सरस्वती चीनी मिल (एसएसएम) ने चालू पेराई सत्र में गन्ना मूल्य भुगतान दिया जा रहा है, जिससे गन्ना उत्पादक किसानों को बहुत राहत मिली है। 12 नवंबर, 2024 को परिचालन शुरू करने वाली मिल ने अब तक 29 लाख क्विंटल गन्ने की पेराई की है, जिसकी कीमत लगभग 116 करोड़ रुपये है। बता दें कि पेराई सीजन 2024-25 के लिए केंद्र ने 340 रुपए प्रति क्विंटल की दर से गन्ने के लिए उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) घोषित किया है। इसके अंतर्गत निजी चीनी मिलें गन्ना किसानों से 340 रुपए प्रति क्विंटल से कम दाम पर गन्ना की खरीद नहीं कर सकती हैं।
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