MSP Purchase 2024 : देशभर में इन दिनों मौसम का अलग-अलग रंग दिख रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के असर से उत्तरी राज्यों में आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। वहीं, राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और कोहरा छाने की संभावना है। इससे न्यूनतम तापमान में गिरावट आएगी, जिससे ठंड बढ़ेगी। साथ ही बर्फबारी और तेज हवाओं से गलन में इजाफा होगा, जिसे कृषि वैज्ञानिकों द्वारा गेहूं की फसल के लिए अनुकूल बताया जा रहा है। इन सब के बीच रबी विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य (Support Price) पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन प्रक्रिया का निर्धारण कर दिया गया है। मध्य प्रदेश के किसान अपना पंजीयन (Registration) करवा सकते हैं। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने किसानों से आग्रह किया है कि निर्धारित समय में पंजीयन करा लें, जिससे किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं हो।
किसान सहकारी समितियों, एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर कियोस्क, लोक सेवा केंद्र एवं साइबर कैफे एवं अन्य माध्यमों के माध्यम से 31 मार्च तक अपना ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं और गेहूं की सरकारी खरीद का हिस्सा बन सकते हैं।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री ने बताया कि किसान पंजीयन (Farmer Registration) की व्यवस्था को सहज और सुगम बनाया गया है। किसान स्वयं के मोबाइल से एमपी किसान एप के माध्यम से घर बैठे पंजीयन कर सकेंगे। इससे किसानों को पंजीयन केंद्रों पर लाइन लगाकर पंजीयन (Registration) कराने की परेशानी से राहत मिलेगी। सरकार द्वारा किसानों की सुविधा के लिए गेहूं पंजीयन (Wheat MSP Registration) के लिए ऑनलाइन (Online) और ऑफ-लाइन (Offline) दोनों तरह की व्यवस्था की गई है। इसमें किसान निःशुल्क एवं सशुल्क दोनों माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते हैं।
खाद्य मंत्री ने बताया कि किसान पंजीयन (Registration) की निःशुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केन्द्र पर, सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केन्द्रों एवं एम.पी. किसान एप पर भी की गई है, जबकि पंजीयन की सशुल्क व्यवस्था एम.पी. ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर कियोस्क, लोक सेवा केन्द्र और निजी व्यक्तियों द्वारा संचालित साइबर कैफे पर की गई है। इन केन्द्रों पर पंजीयन के लिए प्रति किसान को 50 रुपए निर्धारित शुल्क का भुगतान करना होगा।
किसान पंजीयन (Farmer Registration) के लिए जमीन से संबंधी दस्तावेज और किसान के आधार कार्ड एवं अन्य फोटो पहचान पत्रों का समुचित परीक्षण कर उनका रिकार्ड रखा जाना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, सिकमी, बटाईदार, कोटवार और वन पट्टाधारी किसान के पंजीयन की सुविधा केवल सहकारी समिति एवं सहकारी विपणन सहकारी संस्था द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर उपलब्ध रहेगी। इस श्रेणी के शत-प्रतिशत (100%) किसानों का सत्यापन राजस्व विभाग द्वारा किया जाएगा। पूर्व वर्षों की किसी अपात्र संस्था में केन्द्र प्रभारी एवं ऑपरेटर को किसी अन्य संस्था में पंजीयन (Registration) के लिए नहीं रखा जाएगा।
मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2425 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया गया है, जो पिछले वर्ष से 150 रुपए प्रति क्विंटल अधिक है। किसान द्वारा समर्थन मूल्य (support price) पर विक्रय उपज का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर किसान के आधार लिंक बैंक खाते (Aadhaar Linked Bank Accounts) में किया जाएगा। किसान के आधार लिंक बैंक खाते में भुगतान करने में किसी कारण से समस्या होने पर किसान द्वारा पंजीयन में उपलब्ध कराए गए बैंक खाते (Bank Accounts) में भुगतान किया जा सकेगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान किसान को बैंक खाता नंबर और आईएफएससी (IFSC) कोड की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। अक्रियाशील बैंक खाते, संयुक्त बैंक खाते एवं फिनो, एयरटेल, पेटीएम, बैंक खाते पंजीयन में मान्य नहीं होंगे। रजिस्ट्रेशन सिस्टम में बेहतर सेवा प्राप्त करने के लिए यह जरूरी होगा कि किसान अपने आधार नंबर से बैंक खाता और मोबाईल नंबर को लिंक कराकर उसे अपडेट रखें।
सभी जिला कलेक्टर्स को निर्देशित किया गया है कि जिला और तहसील स्तर पर स्थापित आधार नामांकन केन्द्रों (Aadhaar Enrolment Centres) को क्रियाशील रखा जाए ताकि किसान वहां जाकर आसानी से अपना मोबाईल नंबर एवं बायोमेट्रिक अपडेट करा सकें। इसके लिए पोस्ट ऑफिस में संचालित आधार सुविधा केन्द्र का भी उपयोग किया जा सकता है। किसान के आधार लिंक बैंक खाते के सत्यापन के लिए पंजीयन के दौरान ही एक रुपए का ट्रांजेक्शन मध्यप्रदेश राज्य आपूर्ति निगम द्वारा ई-उपार्जन/JIT पोर्टल के माध्यम से कराया जाएगा। सरकार द्वारा पंजीयन कराने और फसल बेचने के लिए आधार नंबर का वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा। वेरीफिकेशन आधार नंबर से लिंक मोबाईल नंबर पर प्राप्त ओटीपी या बायोमेट्रिक डिवाईस से किया जा सकेगा। किसान का पंजीयन केवल उसी स्थिति में हो सकेगा जब किसान के भू-अभिलेख के खाते एवं खसरे में दर्ज नाम का मिलान आधार कार्ड में दर्ज नाम से होगा। भू-अभिलेख और आधार कार्ड में दर्ज नाम में विसंगति होने पर पंजीयन का सत्यापन तहसील कार्यालय से कराया जाएगा। सत्यापन होने की स्थिति में ही उक्त पंजीयन मान्य होगा। पिछले वर्ष रबी एवं खरीफ सीजन के पंजीयन में जिन किसानों के मोबाइल नंबर उपलब्ध हैं, उन्हें एसएमएस से सूचित करने के निर्देश दिये गये हैं। साथ ही किसान पंजीयन की सभी प्रक्रियाएं समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
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