E-Samriddhi Portal : देश में किसानों, व्यापारियों और अन्य हितधारकों के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। हाल ही में केंद्र द्वारा इनके हित में बड़ा फैसला लिया गया है। इसके तहत भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल (ई-नाम) पर 10 और कृषि उत्पादों को जोड़ा गया है। साथ ही ई-नाम प्लेटफॉर्म पर लॉजिस्टिक सर्विस यानी माल की खरीदारी से लेकर उसकी ढुलाई की सेवा भी दी जाएगी। क्योंकि किसान, व्यापारी वर्ग और अन्य हितधारक पिछले कुछ समय से इसकी मांग कर रहे थे, जिसे लेकर सरकार ने ई-नाम के तहत व्यापार के दायरे को और बढ़ाने की घोषणा कर दी है। इसी कड़ी में केंद्र सरकार ने एक बार फिर से बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने मूंगफली, सोयाबीन और दालों की सरकारी खरीद अवधि को बढ़ाया है। साथ प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना को जारी रखने की मंजूरी दी है, जो 15वें वित्त आयोग की अवधि समाप्त होने यानी 2025-26 तक जारी रहेगी। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात में मूंगफली की खरीद 6 दिन और कर्नाटक में 25 दिन बढ़ाने की मंजूरी प्रदान की है, जबकि महाराष्ट्र में सोयाबीन की खरीद 24 दिन और तेलंगाना में 15 दिन बढ़ाया गया है।
प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) योजना को जारी रखने की मंजूरी सरकार ने दे दी है। यह मंजूरी वर्ष 2025-26 तक जारी रहेगी। पीएम-आशा केंद्र द्वारा संचालित एक बड़ा कार्यक्रम है, जिसके तहत न्यूनतम मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस), मूल्य कमी भुगतान योजना (पीडीपीएस), बाजार हस्तक्षेप योजना (एमआईएस) और मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) को एकीकृत करता है और किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। इन सभी का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए उचित व लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। उपभोक्ताओं को भी सस्ती कीमतों पर वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तुओं की बाजार कीमत में उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करना है।
इस योजना के जारी रहने से सरकार को उम्मीद है कि समर्थन मूल्य (MSP) पर कृषि उपजों की खरीद प्रक्रिया अधिक प्रभावी ढंग से हो पाएंगी। हालांकि कृषि और किसान कल्याण विभाग (DAFW) द्वारा पीएसएस (PSS), पीडीपीएस (PDPS) और एमआईएस (MIS) का प्रबंधन किया जाता है, जबकि उपभोक्ता मामलों का विभाग पीएसएफ (PSF) का प्रबंधन करता है। केंद्रीय बजट वर्ष 2025-26 में पीएम-आशा योजना के लिए 6,941.36 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। यह वर्ष 2024-25 के संशोधित अनुमानों से 7.8 फीसदी अधिक है।
सरकार ने दालों की अधिक खरीद का लक्ष्य हासिल करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए खरीफ वर्ष 2024-25 के लिए संबंधित राज्य के कुल उत्पादन के 100 प्रतिशत तक पीएसएस के तहत तुअर, उड़द और मसूर की खरीद की अनुमति दी है। सरकारी बयान में बताया गया है कि सरकार ने बजट 2025 में ऐलान किया है कि "देश में दालों में आत्मनिर्भरता हासिल करने के लिए "केंद्रीय नोडल एजेंसियों के माध्यम से यह खरीद अगले चार वर्षों तक जारी रहेगी। सरकार ने बजट में दलहन मिशन के लिए 500 करोड़ रुपए आवंटित किए, जिसका उद्देश्य दालों में आयात निर्भरता को कम करना है और तुअर, उड़द और मसूर की खरीद के अतिरिक्त भंडारण समाधानों पर विशेष फोकस करना है।
सरकार ने खरीफ सीजन 2024-25 के लिए आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों में पीएसएस के तहत मूंगफली की खरीद को मंजूरी दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देशानुसार, किसानों को राहत देने के लिए गुजरात में मूंगफली की खरीद 6 दिन और कर्नाटक में 25 दिन बढ़ा दी गई है। इसी तरह, महाराष्ट्र में सोयाबीन की खरीद 24 दिन और तेलंगाना में 15 दिन बढ़ाई गई है। इसके अलावा सरकार ने पीएसएस के तहत छत्तीसगढ़, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और तेलंगाना राज्यों में 9 फरवरी, 2025 तक 1.99 मिलियन टन सोयाबीन की खरीद की है, जिससे 8,46,251 किसान लाभान्वित हुए। वहीं, 9 फरवरी 2025 तक 15.73 लाख मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद की गई, जिससे 4,75,183 किसान लाभान्वित हुए। बयान के अनुसार, खरीफ 2024-25 के लिए अब तक कुल 35.72 लाख मीट्रिक टन फसलों की खरीद हो चुकी है, जिससे कुल 13.21 लाख किसान लाभान्वित हुए।
इसी तरह ई-नाम (e-Nam) के तहत व्यापार के दायरे को और बढ़ाने के लिए केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण विभाग ने पोर्टल पर 10 और वस्तुओं के जोड़ने को मंजूर किया है। अब इस ट्रेडिंग पोर्टल पर 10 और वस्तुओं के जुड़ने से कुल 231 कृषि उत्पादों की ट्रेडिंग संभव हो सकेगी। सरकार की इस पहल से कृषि वस्तुओं के कवरेज को बढ़ावा मिलेगा और किसानों और व्यापारियों एवं अन्य हितधारकों को डिजिटल ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म से फायदा लेने के अधिक मौके भी मिलेगा। पोर्टल पर 10 अतिरिक्त कृषि वस्तुओं के लिए व्यापार में शामिल करने के विपणन और निरीक्षण निदेशालय (डीएमआई) के परामर्श को कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा मंजूरी प्रदान की गई। डीएमआई ने 221 कृषि वस्तुओं के लिए व्यापार योग्य मापदंड तैयार किए हैं, जो ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म ई-नाम पर उपलब्ध हैं, अब इस लिस्ट में 10 अतिरिक्त वस्तुएं जुड़ जाएंगी, जिनमें कृषि वस्तुओं (उत्पाद) के तहत सूखी तुलसी की पत्तियां, बेसन (चने का आटा), गेहूं का आटा, चना सत्तू (भुना हुआ चने का आटा), सिंघाड़े का आटा शामिल है। इसी प्रकार, मसालों वस्तुओं में हींग, सूखी मेथी की पत्तियां इस लिस्ट में जुडी है, जबकि सिंघाड़ा, बेबी कॉर्न को सब्जियों में शामिल किया गया है। वहीं, ड्रैगन फ्रूट को फल श्रेणी में जोड़ा गया है।
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