49 कीटनाशकों के निर्माण, आयात एवं उपयोग पर पूरी तरह प्रतिबंध

पोस्ट -24 अप्रैल 2025 शेयर पोस्ट

खेती में सुरक्षित विकल्प की ओर कारगर कदम, प्रतिबंधित किए गए 49 कीटनाशकों का उपयोग  

Pesticide Ban : कीट-व्याधियों से फसलों को बचाने के लिए किसानों द्वारा समय -समय पर कई कीटनाशक दवाओं का उपयोग किया जाता है। इसके लिए, सरकार और कृषि विभाग द्वारा जरुरी मार्गदर्शन और दिशा-निर्देश भी जारी किए जाते हैं। इसी कड़ी में बिहार सरकार द्वारा खेती में सुरक्षित विकल्प और फसलों में कीट-रोगों के नियंत्रण की दिशा में कारगर कदम उठाए गए हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में निरंतर पौध संरक्षण योजनाओं के माध्यम से कीट-व्याधियों के प्रकोप से फसल को बचाने के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने राज्य में 49 कीटनाशकों के निर्माण, आयात और उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया है। इसके अलवा 16 कीटनाशकों के उपयोग पर आंशिक प्रतिबंध लगाया है। साथ ही प्रतिबंधित कीटनाशकों के बारे में किसानों को जागरूक किया जा रहा है।

प्रतिबंधित किए गए कीटनाशकों के नाम (Names of banned pesticides)

उपमुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री ने कहा कि पौधों में कीट-व्याधि, खरपतवार और अन्य जैविक कारकों के कारण किसानों की फसलों को सालाना 30 से 35 प्रतिशत तक क्षति होती है।  इसे कम करने के लिए प्रभावी कीटनाशकों के सुरक्षित उपयोग की जरूरत है।  उन्होंने बताया कि निदेशालय द्वारा अब तक 49 कीटनाशकों के निर्माण, आयात एवं उपयोग को पूरी तरह प्रतिबंधित किया गया है। इनमें कार्बारिल, डाइक्लोरोवॉस, फेनथियॉन, फॉसफॉमिडॉन और फोरेट शामिल हैं। कृषि मंत्री ने कहा कि इसके साथ ही 16 कीटनाशकों के कृषि उपयोग पर आंशिक प्रतिबंध लगाया गया है, जिनमें एल्युमिनियम फॉसफाइड, कार्बोफ्यूरॉन, मोनोक्रोटोफॉस क्लोर पाइरीफॉस, डाइमेथोएट, मालाथियान आदि शामिल हैं।

ड्रोन से दवाओं के छिड़काव (Spraying of medicines with drones)

उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री ने बताया कि इनमें से कुछ कीटनाशकों के उपयोग को विशेष फसलों पर प्रतिबंधित किया गया है जैसे - क्लोरोपाईरीफ़ॉस का उपयोग बेर, नींबू और तंबाकू फसलों पर और डाईमेथोएट का कच्चे सेवन योग्य फल-सब्जियों के लिए प्रतिबंध किया गया है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा कृषि क्षेत्र में तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देते हुए ड्रोन तकनीक से कीटनाशकों के छिड़काव को प्रेरित किया जा रहा है। इस आधुनिक तकनीक से खेतों में संतुलित, सुरक्षित और प्रभावी छिड़काव संभव हो पा रहा है। ड्रोन का उपयोग ना केवल पानी, समय एवं श्रम की बचत करता है, बल्कि यह कीट-व्याधियों से फसलों को बचाने में भी अधिक कारगर सबित हो रहा है, जिससे किसानों की कृषि उत्पादन और आमदनी में वृद्धि हो रही है। 

किसानों को कीटनाशक उपयोग के लिए प्रशिक्षण (Training farmers on pesticide use)

उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री ने कहा कि भारत सरकार के वनस्पति संग्रहण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय समय-समय पर कीटनाशकों की सूची जारी करता है, जिसमें उपयोग के योग्य और प्रतिबंधित कीटनाशकों एवं रसायनों की जानकारी होती है। इसके लिए, राज्य सरकार द्वारा कीटनाशी प्रतिष्ठानों और किसानों को समय-समय पर प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है, जिससे वे कीटनाशकों का सुरक्षित, विवेकपूर्ण और वैज्ञानिक प्रयोग कर सकें। इन प्रशिक्षणों में कीटनाशकों का उचित रख-रखाव प्रभाव, वैकल्पिक उपायों और उनके दुष्प्रभावों की सभी जानकारी दी जाती है। 

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