देश के किसानों की आय बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार के द्वारा विभिन्न कल्याणकारी परियोजनाओं का संचालन किया जा रहा है। सरकार की ये कल्याणकारी परियोजनाएं किसानों एवं पशुपालकों की आय बढ़ाने का काम कर रही है। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत देश में पशुपालकों को बढ़ावा देने के साथ रोजगार पैदा करने के लिए नेशनल लाइवस्टॉक मिशन शुरू किया है। इस मिशन के तहत पशुपालकों को चारा काटने की मशीन सब्सिडी दी जाती है, जरूरत पड़ने पर सस्ते रेट पर कर्ज भी मुहैया कराया जाता है। ऐसे में इस योजना की पहुंच ज्यादा से ज्यादा किसानों तक हो सके, इसके लिए पशुपालन विभाग ने नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के लिए एक पोर्टल भी लांच कर दिया है। नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के तहत, जो राष्ट्रीय पशुधन मिशन योजना का हिस्सा है। इस मिशन के तहत किसानों को चारा काटने वाली मशीन पर सरकार द्वारा ऊर्जा दक्ष चारा उपकरण के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाती है। वहीं, 70 प्रतिशत सब्सिडी हाथ से चलने वाली मशीनों पर दी जाती है। अगर मशीन की कीमत 20 हजार रुपये तय की जाए तो इसमें 10 हजार रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी। यानि आपको आधी कीमत पर चारा मशीन मिल जाएगी। बता दें कि इसमें विशेषरूप से छोटे और सीमांत किसानों और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाती है। योजना के तहत चयनित पशुपालकों को पांच हजार रुपए की मशीन पर करीब 3750 रुपए तक अनुदान दिया जाएगा। ट्रैक्टर गुरू की इस पोस्ट में आपको नेशनल लाइवस्टॉक मिशन से संबंधित जानकारी दी जा रही हैं।
केंद्र सरकार के राष्ट्रीय पशुधन मिशन के तहत पशुपालन को बढ़ावा एवं किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करने का प्रयास किया जाता है। इस मिशन के तहत किसानों को सब्सिडी तो मिलती है, जरूरत पड़ने पर सस्ते दर पर कर्ज भी मुहैया कराई जाती है। ऐसे में इस योजना की पहुंच ज्यादा से ज्यादा किसानों तक हो सके, इसके लिए पशुपालन विभाग ने नेशनल लाइवस्टॉक मिशन के लिए एक पोर्टल भी लांच कर दिया है।
राष्ट्रीय का मुख्य उद्देश्य पशुपालन और चारा क्षेत्र में विकास के माध्यम से रोजगार पैदा करना है। इसके अलावा मांस, अंडा, बकरी का दूध, ऊन और चारे के उत्पादन में भी वृद्धि करना है। यह योजना पशुपालकों की मांग को कम करने के लिए चारे की उपलब्धता भी सुनिश्चित करेगी। साथ ही इसमें किसानों के लिए पशुधन बीमा सहित जोखिम प्रबंधन के उपाय निकाले जाते हैं।
हाथ से चलने वाली चारा कटर मशीन: यह मशीन सबसे सस्ती और ज्यादा काम में आने वाली चारा कटाई मशीन है। इस मशीन को हाथ से घुमाकर चलाया जाता हैं। इससे करीब 200 से 300 किलो/प्रति घंटा सूखा और हरा चारा काटा जा सकता है। यह मशीन बाजार में करीब 2 हजार से 8 हजार रुपए के बीच आसानी से मिल जाती है।
वैदुत मोटर चालित चारा कटाई मशीन: यह मशीन विद्युत मोटर की सहायता से चलती है। इस प्रकार की मशीन समय और मेहनत की काफी बचत करता है। मोटर चलित चारा मशीन में सामान्यत: 2 एचपी मोटर का प्रयोग किया जाता है। लेकिन आवश्यकतानुसार इससे ऊपर एचपी की मोटर भी प्रयोग में लाई जा सकती है। इस मशीन से हरा और सूखा चारा आसानी से कटा जा सकता है। सुरक्षा की दृष्टि से भी ये मशीन अच्छी मानी गई है। इस मशीन की बाजार में कीमत करीब 15 हजार से लेकर 25 हजार तक की रेंज में उपलब्ध होती है।
ट्रैक्टर चलित चारा कटाई मशीन : इस मशीन को सीधा ट्रैक्टर के पीछे जोड़कर चला सकते है। हेवी ड्यूटी के साथ चलने वाली यह मशीन सूखा और हरा चारा अच्छी क्षमता से काट लेती है। ट्रैक्टर से चलने वाली मशीन की बाजार में कीमत 30 हजार से लेकर 2 लाख रुपए तक की रेंज में आती हैं।
पूर्ण स्वाचालित ब्लोवर प्रकार की चारा मशीन : यह मशीन ब्लोवर प्रकार की चारा कटर मशीन है। इसे खासकर सुरक्षा को ज्यादा ध्यान में रखकर बनाया गया है, इसमें चारा इनपुट को बेल्ट या बड़े पाइप प्रकार में बनाया जाता है। यह मुख्य रूप हेवी ड्यूटी के बड़े फार्म हॉउस, हरा चारा बेचने वाले व्यवसाय आदि में किया जाता हैं।
यदि आप भी चारा मशीन सब्सिडी का लाभ लेना चाहते हैं तो आपको पहले कुछ जरूरी शर्तें जाननी होंगी। जानकारी के अनुसार लचीला चारा उपकरण खरीदने के लिए 8 से 9 पशुपालकों की टीम को सब्सिडी दी जाएगी। दूसरी शर्त यह है कि पशुधन मालिकों के एक समूह में कम से कम पांच स्तनधारी पशु होने चाहिए। इसी तरह हाथ से चलने वाली मशीनों में किसानों के पास कम से कम दो स्तनधारी पशु होने चाहिए। सरकार प्रत्येक ब्लॉक से सात लाभार्थियों का चयन करेगी।
अगर कोई भी इच्छुक किसान इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं वे मुख्य कार्यकारी अधिकारी मानव विकास कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। आपको बता दें कि इस कार्यक्रम के तहत सरकार पौष्टिक पशुपालकों को खरीदने के लिए शत-प्रतिशत सब्सिडी भी देती है। नेशनल लाइव स्टॉक मिशन योजना के संबंध में और अधिक जानकारी इसकी आधिकारिक वेबसाइट nlm.udyamimitra.in पर जाकर ली जा सकती है। इसके अलावा अपने जिले के पशुपालन विभाग से भी इस संबंध में आप जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
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