Electric Tractors से क्रांति! Japan बना लीडर, अब भारत की बारी?

पोस्ट -25 जुलाई 2025 शेयर पोस्ट

क्या India में भी Japan की तरह ट्रैक्टर होंगे Electric

खेती के लिए नई तकनीक किसानों के लिए हमेशा लाभदायक साबित हुई है। भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की बात करें तो अभी इसकी शुरुआत है, ये अभी 15 से 30 HP रेंज तक सीमित हैं। इसी बीच जापान ने पूरी तरह से Electric Tractors की घोषणा की है, इलेक्ट्रिफिकेशन और ऑटोमेशन से कृषि मार्केट में 30 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ Japan लीडर बन सकता है। क्या भारत भी स्मार्ट फार्मिंग को अधिक महत्व देकर जापान के साथ क्रांति लाएगा? आइए ट्रैक्टर गुरू के माध्यम से जानते हैं।

किसान के लिए इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर क्यों है जरूरी

जापान के 60% से अधिक किसान 65 वर्ष से अधिक उम्र के हो चुके हैं, और 2015 से किसानों की संख्या में 35% की गिरावट आ चुकी थी। कम संख्या में युवा खेती को अपनाने के इच्छुक हैं इसलिए जापान में इलेक्ट्रिफिकेशन और AI तकनीकों को तेजी से अपनाया जा रहा है। सरकार द्वारा ईको-फ्रेंडली उपकरणों पर दी जा रही सब्सिडी से किसान इलेक्ट्रिक मशीन पर 50% तक की छूट पा रहे हैं।

भारत का किसान भी अब सिर्फ खेती नहीं, स्मार्ट खेती चाहता है। नई तकनीकों से किसानों को बेहतर सुविधाएं और ज्यादा उत्पादन मिलता है। EV ट्रैक्टर जैसे सोनालीका टाइगर इलेक्ट्रिक किसानों के बीच बहुत लोकप्रिय हो रहे हैं। केंद्र और राज्य सरकारें भी ईको-फ्रेंडली ट्रैक्टर के समर्थन में सब्सिडी दे रही है। बस अब किसान ज्यादा HP वाले इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर के इंतजार में हैं। 

स्मार्ट फार्मिंग का युग

यह कहना गलत नहीं होगा कि अब स्मार्ट फार्मिंग का युग शुरू हो चुका है। जापान के मंत्रालयों ने कृषि को आधुनिक बनाने के लिए कई नीतियां शुरू की हैं, जैसे इलेक्ट्रिक मशीनरी के लिए सब्सिडी और AI टूल्स को अपनाने के लिए टैक्स में राहत मिलेगी। "Smart Agriculture Promotion Act" लाकर IoT सेंसर, ड्रोन और सेल्फ ड्राइविंग ट्रैक्टर जैसी तकनीकों को और बढ़ावा दिया है। 

भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर और ऑटोमेटिक ट्रैक्टर भविष्य में सफल साबित हो सकते हैं, ऑटो नेक्स्ट ट्रैक्टर और PAU का AI ट्रैक्टर, ये भी चर्चा में हैं। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर भारत में जमीनी स्तर पर उतर चुके हैं, खासकर छोटे किसानों के लिए लेकिन ऑटोमेटिक ट्रैक्टर अभी प्रायोगिक लेवल पर हैं, लेकिन आने वाले समय में ये पूरा मार्केट कवर कर सकते हैं।

Electric ट्रैक्टर की इंडस्ट्री में हालत

जापान का बाजार बढ़ रहा है। वहां की कृषि मशीनरी इंडस्ट्री 2024 में $10.80 अरब से बढ़कर 2033 तक $13.50 अरब तक पहुंच सकती है, इलेक्ट्रिफिकेशन और ऑटोमेशन की मदद से ट्रैक्टरों की बिक्री में भी इलेक्ट्रिक मॉडलों की मांग में तेज उछाल देखा जा रहा है। Kubota ने New Agri Concept को पेश किया था जो पूरी तरह से इलेक्ट्रिक और AI ट्रैक्टर को बढ़ावा है। इसके अलावा Yanmar ने हाल ही में अपना SM475 ट्रैक्टर और Eleo बैटरी टेक्नोलॉजी से चलने वाला एक पूरी तरह से इलेक्ट्रिक कॉन्सेप्ट ट्रैक्टर पेश किया है। ये जापान में खेती के तरीके में एक मूलभूत बदलाव है।

भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का मार्केट अभी शुरुआती लेवल पर है। 2024-25 में कोई ई-ट्रैक्टर रजिस्टर नहीं हुआ, पहला ई-ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन 29 जून 2025 को महाराष्ट्र के ठाणे में हुआ है जो सिर्फ 300 रुपये में 1 एकड़ खेत में जुताई की क्षमता रखता है। लेकिन इतने फायदों के बाद भी इन ट्रैक्टरों की कम बिक्री चिंता का विषय है। हरियाणा सरकार तो इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर पर 50 प्रतिशत (₹5 लाख तक) सब्सिडी दे रही है। इसके बाद भी मुख्य ट्रैक्टर कंपनियां जैसे मंहिद्रा, सोनालीका, स्वराज आदि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर मॉडल पर ज्यादा ध्यान नहीं दे रही। स्टार्टअप कंपनियां जैसे AutoNxt, मारूत इन पर काम कर रही है।

इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का भविष्य

जापान में इलेक्ट्रिक और AI ट्रैक्टर अब कोई विकल्प नहीं हैं बल्कि कृषि क्षेत्र की जरूरत बन गए है। कृषि मशीनरी बाजार अब तकनीकों पर निर्भर है। किसानों की घटती संख्या से कृषि क्षेत्र प्रभावित हो रहा है। निवेशक भी ऐसी कंपनियों का समर्थन करेंगे जो वास्तविक दुनिया की समस्याओं को पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए और स्केलेबल समाधानों के साथ हल कर रही हैं। जो कंपनियां जापान में सफल होंगी, वे स्मार्ट फार्मिंग के ग्लोबल लेवल को भी तय करेंगी।

2025 में भारत में प्रदूषण एक बड़ी समस्या है। किसानों के लिए भी डीजल की कीमतें और ट्रैक्टर के इंजन ऑयल और फिल्टर आदि का खर्च चुकाना चुनौती बन रहा है। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर प्रदूषण नहीं फैलाते और ज्यादा टॉर्क जनरेट करते हैं। ये कम रख-रखाव वाले होते हैं इसलिए खर्च भी कम होता है। किसानों को इनसे ड्राइविंग में भी आराम मिलता है। अभी इन ट्रैक्टरों की मांग कम है लेकिन आने वाले 4 से 5 साल में भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की के मार्केट की भारी बढ़ोतरी संभव है। भारत के लिए यह एक हरित कृषि क्रांति (Green Agri Revolution) की शुरुआत भी हो सकती है। 

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न :

प्रश्न 1. इंडिया में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर सब्सिडी कितनी मिलती है?

उत्तर. सब्सिडी राज्यों के अनुसार अलग-अलग है जैसे हरियाणा सरकार 50 प्रतिशत, मध्य प्रदेश सरकार पंजीकरण शुल्क से छूट देती है, महाराष्ट्र में रजिस्ट्रेशन शुल्क के साथ EV ट्रैक्टर टोल फ्री भी है।

प्रश्न 2. Smart Farming के फायदे क्या हैं?

उत्तर. स्मार्ट फार्मिंग से खेती आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनती है।

प्रश्न 3. भारत VS जापान खेती टेक्नोलॉजी में कौन आगे है?

उत्तर. फिलहाल जापान की खेती टेक्नोलॉजी ज्यादा आधुनिक है। 

प्रश्न 4. Electric खेती ट्रैक्टर 2025 में कैसे आगे बढ़ रहे हैं?

उत्तर. वैश्विक स्तर पर ये ट्रैक्टर बहुत बिक रहे हैं लेकिन भारत में अभी इनकी शुरुआत है।

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