नमस्कार किसान भाइयाें, कृषि क्षेत्र में क्रांति की लहर शुरू हो गई है। इलेक्ट्रिक व्हीकल के इस दौर में अब ट्रैक्टर भी इलेक्ट्रिक होंंगे और कम लागत में अधिक लाभ देंगे। डीजल की ज्यादा कीमत से किसानों को राहत मिलेगी और उनकी आय में भी वृद्धि होगी। सरकार ने ई-ट्रैक्टर खरीदने पर ट्रैक्टर सब्सिडी देने की घोषणा भी की है। भारत के पहले 45 एचपी ई-ट्रैक्टर का रजिस्ट्रेशन 29 जून 2025 को महाराष्ट्र के ठाणे में हो चुका है। पंजीकरण के दौरान महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक भी मौजूद रहे। आइए, ट्रैक्टर गुरु के माध्यम से इसके बारे में विस्तार से जानते है।
पूरे भारत में यह पहला ई-ट्रैक्टर है जिसे सरकार की तरफ से ठाणे RTO में पंजीकृत किया गया। इसके साथ ही सब्सिडी पर भी सरकार ने जोर दिया है। महाराष्ट्र सरकार का यह कदम डिजिटल युग की सोच को दिखाता है। यह कहना गलत नहीं होगा कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर ही खेती का भविष्य है। परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने कहा कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर ईंधन बचाएगा। यह पर्यावरण को संतुलित करने में मदद करेगा। डीजल ट्रैक्टरों को एक एकड़ की जुताई में 1,200 से 1,500 रुपये की आवश्यकता होती है जबकि कृषि कार्यों के लिए डिजाइन किए गए ई-ट्रैक्टरों को एक एकड़ की जुताई के लिए केवल 300 रुपये की आवश्यकता होती है।
इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर से ईंधन की बचत के साथ किसानों को और भी कई लाभ मिलेंगे। आइए उन लाभ के बारे में जानते है:
1. Eco Friendly ट्रैक्टर खरीदने पर सब्सिडी
यदि आप भी इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदने का विचार कर रहे है तो ऑटोनेक्स्ट (Auto-NXT) का ट्रैक्टर लेना आपके लिए लाभदायक होगा। “महाराष्ट्र राज्य इलेक्ट्रिक वाहन नीति 2025” के तहत ऑटोनेक्स्ट से ई-ट्रैक्टर जिसकी कीमत 15 लाख रुपये है उसकी खरीद पर आपको 1.5 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी।
2. ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा
किसानों की सहायता के लिए ब्याज मुक्त ऋण भी उपलब्ध होगा। सरनाइक ने कहा कि स्वर्गीय अन्नासाहेब पाटिल आर्थिक विकास निगम ऐसे ऋण दे सकता है। ताकि जो किसान पहले से भुगतान नहीं कर सकते उनके लिए ई-ट्रैक्टर को अधिक किफायती बनाया जा सके । एक अधिकारी ने बताया कि यह लाभ ईंधन की बचत से कहीं अधिक हैं।
3. ईवी पर टोल फ्री
महाराष्ट्र में नई इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी के तहत ई-ट्रैक्टर सहित सभी इलेक्ट्रिक वाहनों को टोल पर भी छूट है। इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क भी माफ है। इस पॉलिसी के तहत मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे, अटल सेतु और समृद्धि महामार्ग पर चलने वाले चार पहिया इलेक्ट्रिक वाहनों और बसों के लिए टोल माफ है। राज्य और अन्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले इन वाहनों के लिए टोल केवल 50 प्रतिशत लागू है। इस नीति का लक्ष्य 2030 तक सड़कों पर 20-30% इलेक्ट्रिक वाहन लाने का है। यह नीति 1 अप्रैल, 2025 से 31 मार्च, 2030 तक लागू रहेगी
4. सशक्त बैटरी बैकअप
ई-ट्रैक्टर जैसे Auto Nxt X45 सिंगल चार्ज में तकरीबन 8 एकड़ के खेत में 8 घंटे तक काम कर सकते है। आप इसे घरेलू सॉकेट (15A) से भी चार्ज कर सकते है। सिंगल फेज चार्जर से इसकी बैटरी को फुल चार्ज होने में 6 घंटे लगेंगे वहीं थ्री-फेज चार्जर से इसकी बैटरी 3 घंटे में ही फुल चार्ज हो जाएगी।
ई-ट्रैक्टर पेट्रोल/डीजल की बजाय बैटरी से चलते है जो पर्यावरण के अनुकूल है और लागत भी कम है। भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को बढ़ावा देना एक क्रांतिकारी कदम है जो कृषि को अधिक टिकाऊ और किफायती बना देगा। फिलहाल भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की कीमत 6.14 लाख रुपए से शुरू होती है। ट्रैक्टर गुरु पर सोनालिका, एचएवी अन्य सहित इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर मॉडल के टॉप ब्रांड्स उपलब्ध है। इलेक्ट्रिक सेगमेंट में खरीदने लायक सबसे लोकप्रिय ट्रैक्टर सोनालिका टाइगर इलेक्ट्रिक है। इसके अलावा, कुछ लोकप्रिय मॉडल जैसे एचएवी 55 s1+ और सेलेस्टियल 55 एचपी भी भारतीय किसानों के लिए टॉप ऑप्शन हैं।
जिस तरह इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को सरकार बढ़ावा दे रही है। इलेक्ट्रिक व्हीकल की इस क्रांति में किसानों को भी ई-ट्रैक्टर खरीदकर आधुनिकता की ओर बढ़ना चाहिए। भारत में इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों की संख्या अभी भी कम है, लेकिन इनकी मांग बढ़ रही है। कई कंपनियां इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर बना रही हैं और कुछ ने तो 2025 तक बाजार में आने की योजना बनाई है। इनमें से कुछ प्रमुख इलेक्ट्रिक ट्रैक्टरों में सोनालीका टाइगर इलेक्ट्रिक, मारुत ई-ट्रैक्ट 3.0, और एचएवी 45 एस 1 शामिल हैं।
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