DSR तकनीक क्या है? जानें धान की सीधी बुवाई के फायदे, मशीनें, कीमत और सरकारी सब्सिडी

DSR तकनीक क्या है? जानें धान की सीधी बुवाई के फायदे, मशीनें, कीमत और सरकारी सब्सिडी
शेयर पोस्ट

DSR तकनीक से होगी धान की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार, जानिए सही तरीका और उपयोगी कृषि मशीनरी?

बदलते समय, घटते भूजल स्तर और कृषि मजदूरों की कमी को देखते हुए अब भारतीय प्रगतिशील किसान धान की खेती के लिए नई वैज्ञानिक तकनीक डीएसआर (DSR - Direct Seeded Rice) यानी धान की सीधी बुवाई को तेजी से अपना रहे हैं। इसमें नर्सरी तैयार करने और खेत में पडलिंग (मचाई) के बाद रोपाई करने की आवश्यकता नहीं होती। इसके बजाय विशेष कृषि मशीनों की मदद से धान के बीज सीधे खेत में बोए जाते हैं। इससे श्रम लागत कम होती है, पानी की बचत होती है और बुवाई का काम भी कम समय से पूरा हो जाता है। यही कारण है कि पिछले कुछ वर्षों से धान उत्पादक किसानों के लिए डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक तेजी लोकप्रिय हो रही है। इस तकनीक के माध्यम से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और कई अन्य राज्यों के कई किसानों ने पारंपरिक रोपाई विधि की तुलना में श्रम और पानी की बचत के साथ बेहतर उत्पादन का अनुभव किया है।

इस लेख में हम जानेंगे कि डीएसआर (DSR) तकनीक क्या है, पारंपरिक धान रोपाई छोड़कर इस तकनीक अपनाने के क्या फायदे हैं, इस तकनीक के लिए कौन-सी कृषि मशीनें उपयुक्त हैं, विभिन्न राज्य सरकारें इस तकनीक को बढ़ावा देने के लिए कितनी सब्सिडी उपलब्ध करा रही हैं। 

क्या है DSR तकनीक?

खरीफ की प्रमुख फसल धान की बुवाई किसान अभी भी पारंपरिक रोपाई विधि (नर्सरी तैयार कर पौधों की रोपाई) से कर रहे हैं। हालांकि, सालों से चली आ रही इस पारंपरिक तकनीक में मेहनत, पानी और समय तीनों ही बहुत ज्यादा खर्च होते हैं। पारंपरिक खेती के लिए पहले नर्सरी (धान के पौधे या थरहा) तैयार किए जाते हैं, फिर खेतों की पानी भरकर रोटावेटर से मचाई (पडलिंग) की जाती है और उसके बाद पौधों को हाथ या राइस ट्रांसप्लांटर से रोपा जाता है। इसके विपरीत, डायरेक्ट सीडेड राइस (DSR) तकनीक में किसी नर्सरी या पानी भरकर मचाई करने की जरूरत नहीं होती। इसमें गेहूं या चने की तरह, सूखे या हल्के नमी वाले खेत में सीधे सीड ड्रिल या मल्टीक्रॉप प्लांटर मशीन की मदद से धान के बीजों की बुआई कर दी जाती है। हालांकि, इस तकनीक से धान लगाने के लिए खेत का समतल होना, उचित नमी और प्रभावी खरपतवार प्रबंधन बेहद जरूरी होता है। 

DSR तकनीक अपनाने के प्रमुख फायदे:

  • पानी की भारी बचत : इस तकनीक में नर्सरी तैयार करने और रोपाई के लिए खेत में पानी भरकर पडलिंग (मचाई) नहीं करनी पड़ती, इसलिए पानी की खपत पारंपरिक विधि की तुलना में 20–25 प्रतिशत तक कम हो जाती है। 
  • मजदूरी लागत में कटौती: डीएसआर यानी धान की सीधे बुवाई तकनीक पूरी तरह मशीनीकृत है, जिससे लेबर का खर्च लगभग 60 से 70% तक कम हो जाता है। 
  • कम समय और जल्दी फसल: इस तकनीक से बोया गया धान पारंपरिक रोपाई के मुकाबले 10 से 12 दिन पहले पककर तैयार हो जाता है। इससे किसानों को अगली फसल की तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।
  • लागत में कमी, अधिक पैदावर: विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें प्रति एकड़ खेती लागत लगभग ₹3,000 से ₹4,000 तक कम हो जाता है और समय पर बुवाई होने से फसल का उत्पादन भी बढ़ता है। 
  • मिट्टी के स्वास्थ्य में सुधार: डीएसआर विधि से मिट्टी की उपजाऊ क्षमता और वायुसंचार बेहतर बना रहता है। 

DSR तकनीक धान की बुआई के लिए उपयुक्त कृषि मशीनें

डीएसआर तकनीक की सफलता पूरी तरह से सही मशीन के चुनाव, बीज बोने के सटीक समय और गहराई पर निर्भर करती है। इसके लिए मुख्य रूप से निम्न एडवांस मशीनों का उपयोग किया जाता है:

1. DSR सीड ड्रिल (Direct Seeded Rice Drill)

यह इस तकनीक की सबसे मुख्य मशीन है। इसमें धान के बीज और खाद (Fertilizer) के लिए अलग-अलग बॉक्स बने होते हैं। यह मशीन कतार से कतार की दूरी और बीज से बीज की दूरी को एकदम सटीक बनाए रखती है। यह बीज को मिट्टी के भीतर सही गहराई पर बोती है, जिससे हर एक बीज का अंकुरण बहुत शानदार होता है। डीएसआर राइस प्लांटर/ सीडर ट्रैक्टर चालित या मानव चालित दोनों प्रकार के हाेते हैं। 

2. जीरो टिल सीड ड्रिल (Zero Till Seed Drill) 

यह एक आधुनिक कृषि मशीन है, जिसे ट्रैक्टर से जोड़कर बिना जुताई किए सीधे खेत में बीज और उर्वरक (खाद) की बुवाई के काम आती है। यह मशीन धान की खेती लागत कम करने, श्रम और समय की बचत करने तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जीरो टिल सीड ड्रिल धान की खेती के लिए एक प्रभावी और आधुनिक समाधान माना जाता है।

3. हैप्पी सीजलर / लकी सीड ड्रिल (उपयुक्त परिस्थितियों में)

दोनों ही DSR और जीरो टिलेज आधारित खेती में उपयोग होने वाली महत्वपूर्ण कृषि मशीनें हैं। यह एक साथ बीज और उर्वरक को निर्धारित गहराई और दूरी पर डालती चलती है, जिससे अंकुरण बेहतर होता है। डीएसआर तकनीक में सबसे बड़ी चुनौती खरपतवार (घास-फूस) की होती है, और यह मशीन बुआई के तुरंत बाद दवा छिड़क कर इस समस्या को शुरुआती चरण में ही खत्म कर देती है। DSR तकनीक के तहत इन मशीनों का उपयोग धान सहित गेहूं, चना, सरसों, सोयाबीन और अन्य फसलों की सीधी बुवाई के लिए किया जाता है। 

भारतीय बाजारों में DSR सीड ड्रिल मशीन की अनुमानित कीमतें

कृषि बाजार में डीएसआर (DSR) सीड ड्रिल मशीन की कीमत उसके साइज (टाइन या रो की संख्या), ब्रांड/कंपनी और उसमें दी गई अतिरिक्त तकनीकों (जैसे खाद बॉक्स या खरपतवार नाशक स्प्रेयर अटैचमेंट) पर निर्भर करती है। साधारण DSR सीडर मशीनों की कीमत लगभग ₹75,000 से ₹1,50,000 के बीच होती है। बीज और खाद दोनों एक साथ गिराने वाली एडवांस सीड कम फर्टिलाइजर ड्रिल (Seed Cum Fertilizer Drill) मशीनों की कीमत ₹40,000 से ₹1,50,000 तक के बीच हो सकती है। हैप्पी सीडर / लकी सीड ड्रिल (Lucky Seed Drill) एडवांस मशीन जो बुआई के साथ-साथ खरपतवार नाशक दवा का भी छिड़काव करती है, उसकी कीमत ₹1,35,000 से ₹3,00,000 के बीच होती है (आकार, ब्रांड और मॉडल के आधार पर)। 

मशीन पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का गणित

विभिन्न राज्य सरकारें DSR तकनीक को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही हैं। इसके लिए भारत सरकार की SMAM (Sub-Mission on Agricultural Mechanization) योजना के तहत राज्य स्तर की कृषि यांत्रिकरण योजनाओं लागू कर उपयोगी मशीनों पर किसानों को भारी सब्सिडी दी जाती है।

  • इसमें महिला, अनुसूचित जाति/जनजाति (SC/ST) और छोटे/सीमांत किसानों को मशीन की कुल लागत पर 50% से 80% तक की सब्सिडी (या सरकार द्वारा निर्धारित अधिकतम वित्तीय सीमा, जो भी कम हो) दी जाती है। 
  • वहीं, सामान्य वर्ग के बड़े किसान को मशीन की कीमत पर 40% से 50% तक की सब्सिडी दी जाती है।
  • यदि कोई किसानों का समूह या उद्यमी खेती के उपकरण किराए पर देने के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर (CHC) खोलता है, तो तो DSR मशीन समेत पूरे सेट पर 80% तक की भारी सब्सिडी का प्रावधान है।
  • इसके अलावा, हरियाणा और पंजाब जैसे प्रमुख धान उत्पादक राज्यों में DSR तकनीक से धान की बुवाई करने वाले किसानों को विशेष प्रोत्साहन राशि भी दी जाती है। संबंधित योजना और वर्ष के अनुसार यह वित्तीय सहायता प्रति एकड़ ₹1,500 से ₹4,000 तक की हो सकती है।

धान की सीधी बुआई (DSR) तकनीक अपनाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

  • खेत पूरी तरह समतल होना चाहिए।
  • बुआई से पहले खेत में लेजर लैंड लेवलर का उपयोग जरूर करें।
  • बुआई के समय मिट्टी में पर्याप्त नमी होनी चाहिए।
  • बुआई के शुरुआती 15 से 20 दिनों तक खेत में नमी बनाए रखें।
  • लेकिन, खेत में पानी को जमा न होने दें।
  • बुआई के लिए प्रमाणित और उपचारित बीज का उपयोग करें।
  • खरपतवार नियंत्रण की पहले से योजना बनाएं।
  • कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के अनुसार बीज और उर्वरक की मात्रा निर्धारित करें।
  • मौसम और सिंचाई की उपलब्धता को ध्यान में रखकर बुआई करें।

इन छोटी सावधानियों को रखकर आप डीएसआर तकनीक से कम लागत में धान की रिकॉर्ड तोड़ पैदावार हासिल कर सकते हैं।

Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page

Check On Road Price

Select Brand
Select Brand
Mahindra
Sonalika
Swaraj
Massey Ferguson
Powertrac
John Deere
Farmtrac
New Holland
Eicher
Solis
Kubota
Captain
VST
Tafe
Indo Farm
Trakstar
Same Deutz Fahr
Preet
ACE
Force
Escorts
Hindustan
Kartar
Cellestial
HAV
Autonxt
Maxgreen
Marut
Sukoon
Montra
Standard
Agri King
No brand found

Please select brand first

Select Model
Select Model
No model found
Select State
Select State
Maharashtra
Andhra Pradesh
Tamil Nadu
Kerala
Daman Diu
West Bengal
Assam
Madhya Pradesh
Manipur
Andaman Nicobar
Arunachal Pradesh
Bihar
Delhi
Odisha
Uttarakhand
Jharkhand
Punjab
Karnataka
Himachal Pradesh
Rajasthan
Meghalaya
Gujarat
Haryana
Lakshadweep
Goa
Chhattisgarh
Nagaland
Chandigarh
Sikkim
Jammu Kashmir
Puducherry
Dadra Nagar Haveli
Mizoram
Tripura
Uttar Pradesh
Telangana
No state found
Select District
Select District
No district found
Call Back Button
close Icon

Most Popular Tractor

The top choice for farmers in India. Check prices and explore exclusive offers now!

Search Other tractors

GET TRACTOR PRICE

Select Tractor

Sponsored

Massey Ferguson

Starting Price

2400 cc 39 HP

For Price Click Here

Sponsored

Mahindra

Starting Price

₹ X,XX

2979 cc 50 HP

For Price Click Here

Sponsored

Kubota

Starting Price

₹ X,XX

2434 cc 55 HP

For Price Click Here