2025 में जमाना बदल रहा है, पहले युवाओं का ध्यान खेती से प्राइवेट नौकरियों पर जाता था, लेकिन अब युवा कृषि क्षेत्र को बेहतर तरीके से समझ रहे हैं। गांव के युवा भी पहले अपने खेतों को छोड़कर शहरों में जा रहे थे, कुछ पढ़ने के लिए तो कुछ कमाने के लिए, ऐसे ही गांव से शहर गया था कर्नाटक का अविनाश देसाई।
कुछ साल IT सेक्टर में जॉब करने के बाद अविनाश ने खेती की ओर रुख मोड़ा और Modern Farming को बढ़ावा दिया। खेती में आधुनिक तकनीक अपनाकर डिवाटरिंग मशीन बनाई और मैसी डायनास्टार प्रतियोगिता में ईनाम के रूप में ₹8 लाख का ट्रैक्टर भी जीता।
Dynastar सीजन 2 के विनर अविनाश देसाई कर्नाटक बेलगाम के चाचाड़ी गांव में रहते हैं, उनका जन्म किसान परिवार में ही हुआ था। उनके परिवार में सब ग्रेजुएट हैं लेकिन सभी ने खेती को ही अपनाया।
अविनाश को भी हमेशा से खेती का जुनून (Passion) था लेकिन अपने माता-पिता के आदेश अनुसार उन्होंने पहले अपनी ग्रेजुएशन (B.E in Electronics and Communication) पूरी की और कुछ साल बैंगलुरु में IT सेक्टर की जॉब की।
अंत में अविनाश ने खेती का रास्ता चुना,अविनाश पिछले 8 सालों से खेती कर रहे हैं लेकिन साधारण खेती की जगह उन्होंने आधुनिक खेती को महत्व दिया है। उस मुख्य कदम की सफलता आप सभी के सामने है।
IT इंजीनियर से किसान बनने का ये सफर आसान नहीं था लेकिन उनका लक्ष्य सटीक था और तरीके आधुनिक इसलिए उन्हें सफलता मिली है।
यह मशीन प्राकृतिक खेती इनोवेशन को दिखाती है, खाद बनाने के लिए आमतौर पर किसान खड्डा खोदकर गाय के गोबर को उसमें डाल देता है और प्राकृतिक रूप से खाद बनने का इंतजार करता है। लेकिन इस प्रक्रिया में गाेबर 70 से 80 प्रतिशत लिक्विड फाॅर्म में आ जाता है और स्लरी बन जाता है।
मोबाइल स्लरी डिवाटरिंग मशीन में जब इस स्लरी को डालते हैं तो इसका स्लरी यानी पानी वाला हिस्सा अलग हो जाता है और ठोस यानी साॅलिड भाग मिल जाता है, जो खाद के रूप में खेतों में काम आता है। इस नई मशीन को Massey Ferguson DynaTrack 241 से चलाया जा सकता है।
भारत का इनोवेटिव किसान इस मशीन को किराए पर चलाकर अपनी इनकम भी बढ़ा सकता है। यह गोबर से खाद बनाने की मशीन भविष्य में बहुत सफल साबित हो सकती है।
खेती में नई तकनीक 2025 में प्रस्तुत करके अविनाश ने ₹8 लाख का ट्रैक्टर जीता है। हाल ही में TAFE द्वारा आयोजित हुई मैसी डायनास्टार प्रतियोगिता में अविनाश ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है जिसमें 16000 से ज्यादा एंट्री दर्ज हुई थी।
अविनाश ने इस प्रतियोगिता के पिछले सीजन में भी भाग लिया था जिसमें उन्होंने आधुनिक ट्रेलर को प्रस्तुत किया था जो मैसी डायनाट्रैक ट्रैक्टर से जुड़ेगा और खराब रास्ते जैसे जंगली इलाके जिनमें अधिकतर वाहन नहीं जा पाते, उनमें आवागमन (Mobility) आसान करेगा।
अविनाश देसाई की सफलता दिखाती है कि अगर खेती में आधुनिक सोच और तकनीक अपनाई जाए तो न सिर्फ खेतों की उत्पादकता बढ़ती है बल्कि किसान नई पहचान भी बना सकते हैं। किसान सिर्फ अन्नदाता ही नहीं, बल्कि इनोवेशन लीडर भी बन सकते हैं।
हमें उम्मीद है कि इस खेती से जुड़ी सफलता की कहानी ने आपका भी उत्साह बढ़ाया होगा। खेती और ट्रैक्टर से जुड़ी न्यूज और अपडेट्स हमारी वेबसाइट पर आती रहती हैं। ऐसी ही न्यूज के लिए ट्रैक्टर गुरु से जुड़े रहें।
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