ट्रैक्टर सब्सिडी स्कीम ( tractor subsidy scheme ) : कृषि क्षेत्र के अंदर वर्तमान समय में ट्रैक्टरों का काफी महत्वपूर्ण योगदान है। बिना ट्रैक्टर के कृषि में जुताई से लेकर बुवाई, निराई-गुडाई, सिंचाई, खाद, कीटनाशक, कटाई, दौनी और भंडारण जैसे तमाम कार्य समय पर करना ना मुमकिन है। इस आधुनिक दौर में कृषि क्षेत्र में ट्रैक्टर किसानों की प्रमुख आवश्यकता है। लेकिन हमारे देश में 80 प्रतिशत से अधिक किसान छोटे एव सीमांत श्रेणी के हैं। उनकी आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं है कि वह ट्रैक्टर खरीद पाए। कारणवश ज्यादातर किसानों को किराये पर ट्रैक्टर से खेती-किसानी करनी पड़ती हैं। जिस कारण उनका खेती में समय, श्रम और पैसा काफी खर्च होता है। यहां तक कई बार ट्रैक्टर समय पर न उपलब्ध होने से उनकी खेती भी प्रभावित होती है। किसानों को इन्हीं समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र एवं राज्य सरकारें अपने-अपने स्तर पर ट्रैक्टर सब्सिडी योजना चला रही है, जिसके तहत नए ट्रैक्टर की खरीद पर किसानों को 20 से 50 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाती है। ऐसे में हरियाणा सरकार ने खेती में अब ट्रैक्टर की बढ़ती उपयोगिता को देखते हुए राज्य में ट्रैक्टर सब्सिडी स्कीम चलाई है। इसके तहत विशेष वर्ग के किसानों को राहत प्रदान करते हुए नए ट्रैक्टरों की खरीद पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने का फैसला किया है, जो करीब तीन लाख रुपए तक हो सकती है। योजना के तहत ऐसे वर्ग के किसानों को सरकार नया ट्रैक्टर खरीदने के लिए आधी कीमत का पैसा दे रही है। जिसके लिए सरकार ने आवेदन आमंत्रित किए हैं। राज्य का इच्छुक किसान 10 जनवरी 2023 तक सरल पोर्टल पर आवेदन कर स्कीम का लाभ उठा सकते हैं। आइए ट्रैक्टर गुरु के इस लेख में ट्रैक्टर सब्सिडी स्कीम हरियाणा सरकार से जुड़ी सभी जानकारी जैसे पात्रता, आवेदन कैसे करें, आवेदन के लिए जरुरी दस्तावेज और योजना की शर्तं क्या-क्या हैं आदि के बारे में जानते हैं।
हरियाणा सरकार की ओर से किसानों को नए साल का बड़ा उपहार दिया गया है। राज्य में आर्थिक स्थिति से कमजोर अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों को खेती में उपयोग होने वाले आधुनिक ट्रैक्टर उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग हरियाणा की ओर से 35 हॉर्स पावर (एच.पी) से अधिक नए ट्रैक्टर की खरीद पर SB 89 स्कीम के तहत 50 प्रतिशत या अधिकतम 3 लाख रुपए तक की सब्सिडी दे रहा है। इस योजना के तहत अनुसूचित जाति के किसान/किसान समूह उच्च गुणवत्ता वाले नए ट्रैक्टर आधी कीमतों पर खरीद पाए। यानि किसानों को नए ट्रैक्टर आधी रेट में मिलेगा। इस योजना में केवल आर्थिक रूप से कमजोर अनुसूचित जाति वर्ग के किसान/किसान समूह लाभ उठा सकते हैं। जिसके लिए इच्छुक संबंधित किसान/ किसान समूह सरल पोर्टल हरियाणा पर जाकर 10 जनवरी तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
हरियाणा कृषि विभाग की ओर से राज्य के अनुसूचित जाति वर्ग के किसानों और समूहों को 35 एच.पी से ऊपर नए ट्रैक्टर की खरीद पर सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। इस स्कीम के माध्यम से अनुदान पर 35 हॉर्स पवार से ऊपर 30 ट्रैक्टर आवंटित करने का लक्ष्य दिया गया है। राज्य में अब अनुसूचित जाति वर्ग के वे किसान विभाग की उन सब्सिडी स्कीमों का लाभ भी उठा सकेंगे, जहां प्रार्थी के पास खुद का ट्रैक्टर होने की शर्त होती है। बता दें कि हरियाणा कृषि विभाग की ओर से निरंतर कई योजनाओं के माध्यम से राज्य में विभिन्न कृषि यंत्रों पर किसानों को ट्रैक्टर चालित कृषि यंत्र सब्सिडी पर दिए जाते हैं। इन योजना में केवल वही किसान आवेदन कर सकता है जिनके पास खुद का ट्रैक्टर है। ऐसे में अनुसूचित जाति वर्ग के किसान ट्रैक्टर नहीं होने से इन स्कीमों का लाभ पाने से वंचित हो जाते हैं और किसान कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ नहीं उठा पता है।
हरियाणा कृषि विभाग की ओर से राज्य के अनुसूचित जाति के किसान समूहों को 35 हॉर्स पावर से ऊपर नए ट्रैक्टर की खरीद पर एसबी 89 स्कीम के तहत 3 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इस स्कीम के तहत हरियाणा के नारनौल जिले में 35 हॉर्स पावर से ऊपर 30 ट्रैक्टरों के लिए लक्ष्य आवंटित किए गए हैं। जिसके तहत कृषि विभाग निदेशालय द्वारा जिले में अनुसूचित जाति के किसान/किसान समूहों से आवेदन मांगे गए हैं। इसके लिए संबंधित किसान 10 जनवरी 2023 तक सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
सरल पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करते समय लाभार्थी किसान को परिवार पहचान पत्र, बैंक डिटेल, पैन कार्ड, आधार कार्ड व सक्षम प्राधिकरण की ओर से जारी अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
कृषि इंजीनियरिंग के जिला प्रभारी एवं सहायक कृषि अभियंता इंजिनियर डीएस यादव ने बताया कि जिला कृषि निदेशालय नारनौल की ओर से उक्त योजना के तहत 35 हॉर्स पावर से ऊपर नए ट्रैक्टरों की खरीद पर सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि आवेदन निर्धारित लक्ष्य 30 से अधिक प्राप्त हुए तो डीसी की अध्यक्षता मे गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा ड्रा निकाला जाएगा। इस ड्रा ऑफ लोटस के जरिए लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। चयन के उपरांत संबन्धित किसान को विभाग द्वारा अधिकृत की गई ट्रैक्टर निर्माताओं से 15 दिन के अंदर अंदर अपनी मर्जी से अधिसूचित की गई ट्रैक्टर निर्माता कंपनी में से किसी भी कंपनी का चुनाव करके ट्रैक्टर की खरीद कर उसका बिल व अन्य कागजात उप कृषि निदेशक अथवा सहायक कृषि अभियंता नारनौल के कार्यालय में जमा करवानी होगी। इसके पश्चात बिल व अन्य कागजात सही पाये जाने पर जिला स्तरीय कार्यकारी समिति द्वारा गठित भौतिक सत्यापन कमेटी द्वारा ट्रैक्टर का सत्यापन किया जाएगा। उसके बाद किसान को ट्रैक्टर पर सब्सिडी की राशि का भुगतान किया जाएगा।
डीएस यादव ने बताया कि कृषि निदेशालय द्वारा जारी निर्देशों के मुताबिक सब्सिडी पर हासिल किए गए ट्रैक्टर को किसान अगले 5 सालों तक बेच नहीं सकेंगे। इस बारे में किसान को शपथ पत्र प्रस्तुत करना होगा। योजना की दिशा-निर्देश एवं शर्ते के तहत यदि किसान 5 सालों से पहले ट्रैक्टर बेचे देता है, तो लाभार्थी किसान को ब्याज सहित सब्सिडी राशि विभाग को लौटानी पड़ेगी। साथ ही भविष्य में विभाग द्वारा संचालित किसी भी अनुदान योजना लाभ उठाने से किसान वंचित रहेगा। वहीं, कृषि निदेशालय की इस योजना का लाभ वे अनुसूचित जाति के किसान/समूह उठा सकते हैं, जो मेरी फसल- मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत हैं।
ट्रैक्टरगुरु आपको अपडेट रखने के लिए हर माह स्वराज ट्रैक्टर व मैसी फर्ग्यूसन ट्रैक्टर कंपनियों सहित अन्य ट्रैक्टर कंपनियों की मासिक सेल्स रिपोर्ट प्रकाशित करता है। ट्रैक्टर्स सेल्स रिपोर्ट में ट्रैक्टर की थोक व खुदरा बिक्री की राज्यवार, जिलेवार, एचपी के अनुसार जानकारी दी जाती है। साथ ही ट्रैक्टरगुरु आपको सेल्स रिपोर्ट की मासिक सदस्यता भी प्रदान करता है। अगर आप मासिक सदस्यता प्राप्त करना चाहते हैं तो हमसे संपर्क करें।
Website - TractorGuru.in
Instagram - TractorGuru Instagram Page
Facebook - TractorGuru Facebook Page
लाड़ली बहना योजना: बैंक खातों में पहुंचने लगी 36वीं किस्त की राशि
Yamaha Strengthens Prospr with Smart Weed-Control Technology