Rajasthan Government : फल-सब्जियों जैसे नश्वर उत्पादों के सुरक्षित भंडारण के लिए सरकार गोदाम / कोल्ड स्टोरेज की सुविधा बढ़ाने पर जोर दे रही है। कई तरह की अनुदान योजनाओं के तहत कोल्ड स्टोरेज निर्माण संरचना के लिए प्रेरित भी किया जा रहा है। सरकार द्वारा इसके लिए किसानों को भंडारण गोदाम या कोल्ड स्टोरेज की स्थापना के लिए वित्तीय सहायता और अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि किसान आसानी से कोल्ड स्टोरेज की स्थापना कर अपने कृषि उत्पादों का सुरक्षित भंडारण कर सके। इस कड़ी में राजस्थान सरकार द्वारा राज्य के किसानों को कोल्ड स्टोरेज के निर्माण के लिए भारी अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है, जिसके लिए इच्छुक किसानों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। जो किसान कोल्ड स्टोरेज बनाने के लिए अनुदान लाभ प्राप्त करना चाहते हैं, वो इसके लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। आइए, जानते हैं कि किसानों को इसके लिए कहां और कैसे आवेदन करना होगा?
राजस्थान सरकार की ओर से किसान हित में कई योजनाएं शुरू की जा रही है, जिनके माध्यम से कृषि क्षेत्र को बढ़ावा दिया जा रहा है। राज्य में किसानों की जल्दी खराब होने वाली फसलों को सुरक्षित रखने एवं उनके उचित दाम दिलाने हेतु सरकार द्वारा कोल्ड स्टोरेज की स्थापना पर अनुदान देने का फैसला लिया गया है। कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने इस संबंध में बताया कि राज्य सरकार द्वारा कृषक उद्यमी या कृषक समूह को कोल्ड स्टोरेज बनाने पर अधिकतम 1 करोड़ 40 लाख रुपये तक का अनुदान दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि इच्छुक आवेदनकर्ता 4 अक्टूबर तक संबंधित जिले के उद्यानिकी विभाग कार्यालय में आवेदन कर अनुदान का लाभ ले सकते हैं।
प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने गुरूवार (19 सितंबर) को पंत कृषि भवन के सभाकक्ष में राजस्थान हॉर्टिकल्चर डवलपमेन्ट सोसायटी की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कोल्ड स्टोरेज पर राष्ट्रीय हॉर्टिकल्चर मिशन योजनान्तर्गत 250 मीट्रिक टन से लेकर अधिकतम 5 हजार मीट्रिक टन का कोल्ड स्टोरेज बनाने पर अनुदान लाभ दिये जाने का प्रावधान है। इसमें कोल्ड स्टोरेज बनाने पर इकाई लागत का 8,000 रुपए प्रति मीट्रिक टन से गणना कर अधिकतम 5 हजार मीट्रिक टन पर इकाई लागत पर 35 प्रतिशत अथवा अधिकतम 1 करोड़ 40 लाख रुपए का अनुदान दिया जाता है। यानी इस योजना के अंतर्गत अगर कोई व्यक्ति 5 हजार मीट्रिक टन क्षमता का कोल्ड स्टोरेज सरंचना की स्थापना करवाता है, तो उसे योजना में किए गए प्रावधानों के अनुरूप इकाई लागत का 1.40 करोड़ रुपए तक अनुदान मिलेगा।
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क्र.सं |
विवरण |
लागत मॉडल |
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1. |
कोल्ड स्टोरेज यूनिट टाइप 1 - मूल मेजनीन संरचना 250 मी.टन से बड़े चेम्बर टाइप सिंगल टेम्प्रेचर जोन सहित |
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2. |
शीत भंडारण गृह इकाईयां टाइप 2 - प्री इंजीनियरिंग बिल्डिंग (पीइबी) टाईप उत्पाद उपयोग और बहु तापमान के लिए, 250 मी.टन के 6 चेम्बरों से अधिक तथा मूल सामग्री प्रबंधन उपकरण |
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3. |
कोल्ड स्टोरेज इकाईयां टाईप 2 कंट्रोल एनवायरनमेंट करने की टेक्नोलॉजी के साथ |
घटकवार लागत के अनुसार (परिशिष्ट -1- घ) नियंत्रित वातावरण टेक्नालॉजी के एडिशनल कंपोनेंट के लिए अतिरिक्त लागत 10000 रु. प्रति मी.टन की दर से होगी |
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4. |
प्रौद्योगिकी का प्रवेश और कोल्ड-चेन का आधुनिकीकरण |
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क्रेडिट-लिंक्ड परियोजनाओं के लिए, परियोजना के वित्त पोषण के साधन के रूप में ऋण घटक बैंकिंग अथवा गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों से सावधि ऋण होना चाहिए और रा.बा.बो की क्रेडिट-लिंक्ड परियोजनाओं में सहायिकी राशि को ऋणदाता बैंकों/वित्तीय संस्थानों द्वारा मंजूर किए गए सावधि ऋण के बराबर सीमित किया जाएगा। नए कोल्ड स्टोरेज अवसंरचना की स्थापना के लिए, प्रौद्योगिकियां सहित मल्टी-चेम्बर कोल्ड स्टोरेज इकाईयां जो उर्जाक्षम हो, थर्मल इंसुलेशन, नमी नियंत्रण, एडवांस कुलिंग सिस्टम, आटोमेशन आदि के प्रावधानों सहित हो, इनके विनिर्देशन तथा मानक मंत्रालय द्वारा अनुमोदित हो, को सहायता उपलब्ध होगी।
अधिसूचित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए, सभी प्रोजेक्ट राबाबो एम्पैनलड तकनीकी मूल्यांकन एजेन्सी द्वारा तकनीकी जांच के अधीन होंगे। परियोजनाओं का अनुमोदन करते समय कोल्ड स्टोरेज और शीत-कड़ी कंपोनेंट्स पर प्रचलित विशिष्ट मानको और प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।
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