e krishi yantra anudan Scheme : देश के केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों में अलग-अलग नामों से कृषि यंत्र अनुदान योजनाएं चलाई जा रही हैं। सरकार इस योजना के तहत किसानों को अनुदान पर खेती में उपयोगी कृषि यंत्र (जैसे– रोटावेटर, थ्रेशर, पानी की पंपसेट मशीन, हैप्पी सीडर, सुपर सीडर, स्मार्ट सीडर आदि) उपलब्ध कराती है, जिससे किसान कम समय और कम लागत में कृषि कार्यों को पूरा कर अपनी आमदनी बढ़ा सकें। इसी कड़ी में मध्यप्रदेश सरकार की ओर से किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि यंत्र अनुदान योजना 2025 शुरू की गई है। योजना के तहत किसानों को कृषि यंत्र खरीदने पर भारी सब्सिडी दी जाएगी। कृषि अभियांत्रिकी विभाग ने किसानों से अनुदान पर कृषि यंत्र प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक किसान विभागीय पोर्टल पर ट्रैक्टर से चलने वाले और बिना ट्रैक्टर से चलने वाले विभिन्न कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसानों को थ्रेशर सहित विभिन्न कृषि यंत्र सब्सिडी पर मिलेंगे। सब्सिडी लाभ से किसानों को बड़ी राहत मिलेगी और उनकी खेती कार्य दक्षता में सुधार होगा। आइए जानते हैं कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन प्रक्रिया क्या है और इसके लिए आवश्यक दस्तावेज कौन-कौन से हैं।
कृषि अभियांत्रिकी विभाग, मध्य प्रदेश द्वारा अभी खरीफ फसलों की कटाई, गहाई और मढ़ाई के लिए आवश्यक कृषि यंत्रों के लिए लक्ष्य जारी किए गए हैं। विभाग ने ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर किसानों से अनुदान पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। इच्छुक किसान पोर्टल पर पैडी थ्रेशर (धान थ्रेशर), मेज़ शेलर (मक्का के लिए थ्रेशर), ट्रैक्टर से चलने वाले और बिना ट्रैक्टर से चलने वाले रीपर (स्वचलित रीपर) जैसे कृषि यंत्रों के लिए आवेदन कर अनुदान का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों के आधार पर लक्ष्य निर्धारण किया जाएगा और इसके बाद लॉटरी प्रक्रिया से चयनित किसानों की सूची प्रकाशित की जाएगी।
किसान पैडी थ्रेशर यानी धान थ्रेशर कृषि यंत्र, मेज शेलर यानी मक्का थ्रेशर कृषि यंत्र, श्रेडर/ मल्चर कृषि यंत्र, ट्रैक्टर चलित रीपर कृषि यंत्र, स्वचलित रीपर मशीन आदि के लिए आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश में किसानों को सब्सिडी पर कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए कृषि अभियांत्रिकी विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। जिसमें महिला एवं पुरुष वर्ग, जाति वर्ग तथा जोत आकार के अनुसार किसानों को अलग-अलग सब्सिडी दिए जाने का प्रावधान है। इसमें किसानों को 40 से 50 % तक की सब्सिडी दी जाती है। जो भी किसान भाई अनुदान पर कृषि यंत्र लेना चाहते हैं वे “ई-कृषि यंत्र अनुदान” पोर्टल पर उपलब्ध सब्सिडी कैलकुलेटर पर कृषि यंत्र की लागत के अनुसार उनको मिलने वाली सब्सिडी का विवरण देख सकते हैं।
प्रदेश में किसानों को अनुदान पर कृषि यंत्र लेने के लिए धरोहर राशि के रूप में डिमांड ड्राफ्ट देना होता है, जिससे वही किसान आवेदन करें जो वास्तव में कृषि यंत्र खरीदना चाहते हैं। इच्छुक किसान निर्धारित धरोहर राशि का डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर यंत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। किसानों को आवेदन से पहले डीडी यानी धरोहर राशि के रूप में डिमांड ड्राफ्ट “जिले के सहायक कृषि यंत्री” के नाम से बनाकर स्कैन करके अनुदान पोर्टल पर अपलोड करना होगा। किसानों को यह डिमांड ड्राफ्ट (डीडी) स्वयं के खाते से बनवाना होगा। पंजीयन में डिमांड ड्राफ्ट यानी डीडी निश्चित धनराशि से कम का होने पर आवेदन अमान्य किया जाएगा।
योजना के तहत अनुदानित दरों पर दिए जा रहे कृषि यंत्र/ उपकरणों के लिए किसानों को धरोहर राशि के रूप में डिमांड ड्राफ्ट यानी डीडी बनवाना होगा, जो नीचे इस प्रकार है:
किसानों के पास कुछ आवश्यक दस्तावेजों का होना आवश्यक है, जिनकी आवश्यकता किसानों को आवेदन करते समय और लॉटरी में चयन होने के बाद सत्यापन के समय होगी, जो इस प्रकार हैं:-
प्रदेश में किसानों को सभी प्रकार के कृषि यंत्रों को अनुदान (सब्सिडी) पर खरीदने के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। ऐसे में जो किसान यह कृषि यंत्र अनुदान पर लेना चाहते हैं वे किसान e-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। जो किसान पहले से पोर्टल पर पंजीकृत है वे आधार OTP के माध्यम से लॉगिन कर आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। जिन किसानों ने अभी तक पोर्टल पर अपना पंजीकरण नहीं किया है वे किसान एमपी ऑनलाइन या सीएससी सेंटर पर जाकर बायोमैट्रिक आधार अथेन्टिकेशन के माध्यम से अपना पंजीकरण कर कृषि यंत्र के लिए आवेदन कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए किसान अपने ब्लॉक या जिले के कृषि कार्यालय में संपर्क करें ।
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