महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ ही उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें लगातार प्रयास कर रही हैं। इन प्रयासों का लक्ष्य सिर्फ रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमशील बनाना है, ताकि वे न केवल अपना व्यवसाय शुरू कर सकें, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा करें। इसी सोच के तहत राजस्थान सरकार ने महिलाओं के लिए एक विशेष योजना की शुरुआत की है, जो उन्हें सिर्फ वित्तीय सहायता ही नहीं देती, बल्कि आत्मविश्वास, पहचान और नेतृत्व की शक्ति भी प्रदान करती है। इस योजना का नाम ‘मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना’ है। यदि कोई महिला इस योजना के तहत अपने नाम से छोटा या बड़ा व्यवसाय शुरू करती है, तो सरकार की ओर से उसे 15 लाख रुपए तक की सब्सिडी प्रदान की जाती है। यह सहायता महिलाओं को उद्योग शुरू करने में आर्थिक संबल देती है, जिससे वह खुद के पैरों पर खड़ी हो सके। इस लेख में हम जानेंगे इस योजना से जुड़ी जानकारी जैसे - पात्रता मानदंड, आवेदन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और लाभ लेने की शर्तें आदि।
राजस्थान सरकार द्वारा शुरू की गई “मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना” राज्य की महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वाकांक्षी और निर्णायक पहल के रूप में स्थापित हो चुकी है। इस योजना की शुरूआत 18 दिसंबर 2019 में हुई थी, और यह अब तक महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए सबसे बड़ी ऋण अनुदान योजनाओं में से एक मानी जाती है। इस योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत महिला उद्यमियों या स्वयं सहायता समूहों को 50 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है। वहीं, अगर कोई क्लस्टर या फेडरेशन के रूप में कार्यरत समूह इस योजना के तहत आवेदन करता है, तो उन्हें 1 करोड़ रुपए तक की ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
'मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना' के तहत महिलाओं को ऋण राशि पर 25 प्रतिशत अनुदान और वंचित वर्ग को 30 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जाती है। योजना के तहत सामान्य महिला उद्यमियों को 50 लाख की ऋण राशि पर 25 प्रतिशत सब्सिडी (12.5 लाख रुपए तक) मिलती है। वहीं, एससी, एसटी, विधवा, दिव्यांग और हिंसा पीड़ित महिलाओं को 30 प्रतिशत (अधिकतम 15 लाख रुपए तक) की सब्सिडी दी जाती है। अगर आपकी पत्नी, बहन, बेटी या आप खुद कोई महिला हैं और व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रही हैं, तो यह योजना आपके लिए सुनहरा मौका है। इस योजना के तहत सरकार से 15 लाख रुपये तक की मदद मिल सकती है, जिससे बिना आर्थिक दबाव के व्यापार शुरू किया जा सकता है।
योजना के तहत जब महिला का लोन स्वीकृत हो जाता है और व्यवसाय शुरू कर लिया जाता है, तो सरकार द्वारा तय की गई सब्सिडी की राशि तीन साल के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (TDR) के रूप में बैंक में हस्तांतरित कर दी जाती है। इस दौरान महिला व्यवसाय चला सकती है। तीन साल बाद यह सब्सिडी लोन की किश्तों में समायोजित कर दी जाती है। इसका लाभ यह होता है कि महिला को ऋण राशि पर कम ब्याज देना पड़ता है और उसके द्वारा लिया गया ऋण भी जल्दी चुकता हो जाता है।
राजस्थान सरकार की यह योजना 2028-29 तक सक्रिय है। योजना में वर्ष 2024 तक लगातार संशोधन कर इसे और भी उपयोगी और सरल बनाया गया है। यह हजारों महिलाओं तक पहुंच चुकी है और सड़क से लेकर बैंकिंग व्यवस्था तक, सरकार पूरी सहायता उपलब्ध करा रही है। अब तक इस योजना में लगभग 38 हजार महिलाओं ने आवेदन किया है, जिनमें से करीब 4 हजार महिलाओं को ऋण और सब्सिडी स्वीकृत की जा चुकी है। वर्ष 2023–24 में लगभग 1,400 से अधिक महिलाओं को 'मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना' में प्रत्यक्ष लाभ मिला है। इस योजना के तहत वर्तमान में भी आवेदन प्रक्रिया जारी है और प्रति माह सैकड़ों आवेदन आ रहे हैं।
यह योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान करती है, बल्कि महिलाओं को व्यवसाय शुरू करने, विस्तार करने और नेतृत्व की भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित करती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक इस योजना के तहत करीब 150 करोड़ रुपए की ऋण राशि वितरित की जा चुकी है, जो इसकी व्यापकता और प्रभाव को दर्शाता है। यह योजना उद्योग, सेवा, व्यापार, डेयरी, कृषि आधारित स्टार्टअप उद्यम आदि समस्त क्षेत्रों के लिए ऋण सुविधा देती है।
योजना में ऋण सुविधा का लाभ उठाने की समस्त प्रक्रिया ऑनलाइन है। इसके साथ ही, समस्या समाधान हेतु निरन्तर समन्वय और हेल्पलाईन की सुविधा भी है।
मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के तहत आवेदन करने के लिए महिला उद्यमियों या स्वयं सहायता समूहों को कुछ जरूरी दस्तावेजों की आवश्यकता होती है, सभी आवश्यक दस्तावेजों की सूची नीचे दी गई है:
Q1. मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना किसके लिए है?
ans. मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना राजस्थान राज्य की महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के लिए है, जो खुद का व्यवसाय या छोटा उद्योग शुरू करना चाहती हैं।
Q2. इस योजना में अधिकतम कितनी सब्सिडी मिल सकती है?
ans. इसमें सामान्य महिला उद्यमी को 25 प्रतिशत अधिकतम ₹12.5 लाख रुपए और एससी/एसटी/विधवा/दिव्यांग/हिंसा पीड़ित महिलाओं को अधिकतम ₹15 लाख रुपए (30%) तक की सब्सिडी मिल सकती है।
Q3. इस योजना के तहत कितनी ऋण राशि मिल सकती है?
ans. व्यक्तिगत महिला उद्यमियों या स्वयं सहायता समूह ( SHGs) को 50 लाख तक का ऋण, समूहों के समूह के रूप में विद्यमान क्लस्टर / फेडरेशन को 1 करोड़ रूपए तक की ऋण सुविधा
Q4. सब्सिडी राशि सीधे बैंक खाते में आती है या कोई अन्य प्रक्रिया है?
ans. सब्सिडी की राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक में 3 साल की TDR (फिक्स्ड डिपॉजिट) के रूप में जमा की जाती है। यह राशि बाद में ऋण की किश्तों में समायोजित की जाती है।
Q5. मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना में आवेदन कैसे करें?
ans. https://sso.rajasthan.gov.in पर जाकर SSO ID बनाएं, लॉगिन कर “नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना” पर क्लिक करें, आवेदन फॉर्म भरें, दस्तावेज अपलोड करें और सबमिट करें
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