फ्री बोरिंग योजना 2024 :अपने खेत में कराएं नि:शुल्क बोरिंग
नि:शुल्क बोरिंग योजना 2024 : जानें किन किसानों को मिलेगा फ्री बोरिंग कराने का अवसर
केंद्र और राज्य सरकारें कई सिंचाई योजनाओं के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का कार्य कर रही है। लेकिन अधिकांश किसानों को इन सिंचाई योजनाओं की सही जानकारी नहीं है, जिसके कारण वे योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते हैं। केंद्र सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना (PMKSY) है। पीएम कृषि सिंचाई योजना के तहत सरकार प्रति बूंद अधिक उपज, हर खेत को पानी और वाटर शेड डवलपमेंट योजनाओं के माध्यम से किसानों को फायदा पहुंचा रही है।
ट्रैक्टर गुरु की इस पोस्ट में आपको फ्री बोरिंग योजना के बारे में जानकारी दी जा रही है। अगर आप अपने खेत में नि:शुल्क बोरिंग लगवाना चाहते हैं तो इस पोस्ट को अंत तक जरूर पढ़ें।
फ्री बोरिंग योजना 2024 : इन किसानों को मिलेगा लाभ
देश में लघु और सीमांत श्रेणी के किसानों की संख्या सबसे अधिक है, लेकिन इनके पास सिंचाई की सुविधाओं का अभाव है। इन किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए सरकार हर साल करोड़ों रुपए खर्च करती है। ऐसी ही एक योजना है फ्री बोरिंग योजना जिसके तहत नि:शुल्क बोरिंग लगाए जाते हैं। इस योजना का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए हर साल सरकार की ओर से लक्ष्य निर्धारित किए जाते हैं। सरकार का मानना है कि अगर एक खेत में बोरिंग कराई जाती है तो उससे 5 हेक्टेयर में सिंचाई की जा सकती है। लघु सिंचाई योजना के माध्यम से किसानों को फ्री बोरिंग योजना का लाभ दिया जाता है।
नि:शुल्क बोरिंग योजना के लिए पात्रता
- फ्री बोरिंग योजना / नि:शुल्क बोरिंग योजना सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग के लघु और सीमांत किसान योजना में आवेदन कर सकते हैं।
- इस योजना का लाभ केवल उन किसानों को मिलेगा जिन्होंने पहले किसी सिंचाई योजना का लाभ नहीं लिया हो।
- योजना का लाभ उठाने के लिए सामान्य वर्ग के किसान के पास कम से कम 0.2 हेक्टेयर भूमि होनी चाहिए। यदि किसान के पास 0.2 हेक्टेयर भूमि नहीं है तो समूह बनाकर योजना का लाभ उठाया जा सकता है।
- एसटी/एससी वर्ग के लिए न्यूनतम भूमि की कोई सीमा निर्धारित नहीं है।
- योजना का लाभ केवल उत्तरप्रदेश के किसानों को मिलेगा।
फ्री बोरिंग योजना में कितनी मिलेगी सब्सिडी
फ्री बोरिंग योजना, उत्तरप्रदेश के तहत किसानों को 5 हजार रुपए से लेकर 10 हजार रुपए तक की सब्सिडी मिलती है। लघु किसानों को 5 हजार रुपए, सीमांत किसानों को 7 हजार व अनुसूचित जाति/जनजाति के किसानों को 10 हजार रुपए का अनुदान राज्य सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जाता है। अनुदान के अतिरिक्त धनराशि की व्यवस्था किसान को खुद ही करनी होती है। नि:शुल्क बोरिंग योजना के तहत पंपसेट लेना अनिवार्य नहीं है। अगर किसान पंपसेट स्थापित करता है तो उस पर भी सब्सिडी मिलती है। सरकार ने लघु किसानों के लिए 4500 रुपए, सीमांत किसानों के लिए 5 हजार तथा अजा/जजा किसानों के लिए 9 हजार रुपए का अनुदान मान्य किया है। किसान पंप सेट को या तो नकद राशि खर्च करके बाजार से खरीद सकता है या इसके लिए बैंक से लोन ले सकता है। साथ ही किसान किराए पर भी पंप सेट स्थापित कर सकता है।
आवश्यक दस्तावेज
नि:शुल्क बोरिंग योजना, उत्तरप्रदेश में आवेदन के लिए कुछ दस्तावेजों की आवश्यकता होगी जो इस प्रकार है :
- आय प्रमाण पत्र
- जाति प्रमाण पत्र
- निवास प्रमाण पत्र
- आधार कार्ड
- राशन कार्ड
- बैंक पासबुक की प्रति
- पासपोर्ट साइज फोटो
फ्री बोरिंग योजना में कहां करें आवेदन
फ्री बोरिंग योजना के तहत किसानों को बोरिंग, पंपसेट, पाइप और जल वितरण प्रणाली के लिए सब्सिडी दी जाती है। इस योजना में ऑफ लाइन आवेदन ही स्वीकार किए जाते हैं। लेकिन आपको आवेदन फार्म ऑनलाइन ही मिलेगा। फ्री बोरिंग योजना में ऑन लाइन आवेदन फार्म के लिए आधिकारिक बेवसाइट https://minorirrigationup.gov.in/MediaGallery/Nishulk%20Boring.pdf पर क्लिक करें। इस लिंक पर आपको आवेदन फार्म मिल जाएगा। इसका प्रिंट निकालकर इसे सभी आवश्यक जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद इस आवेदन प्रपत्र को कार्यालय खण्ड विकास अधिकारी/सहायक अभियन्ता लघु सिंचाई में सम्पर्क करके जमा कराना होगा।
इन क्षेत्रों में लागू नहीं होगी योजना
नि:शुल्क बोरिंग योजना का लाभ कई क्षेत्रों के किसान नहीं उठा सकते हैं। राज्य सरकार ने इस योजना को अतिदोहन या क्रिटिकल विकास खंडों को छोड़कर सभी जनपदों में लागू किया है। अगर आप बिना किसी खर्च के फ्री बोरिंग योजना का लाभ उठाना चाहते हैं तो स्थानीय स्तर पर संबंधित कार्यालय में संपर्क करें।
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