गर्मी की शुरुआत के साथ ही देश में पानी की किल्लत शुरू हो जाती है। जहां आमजन को पेयजल के लिए भारी परेशान होना पड़ता है वहीं कई इलाकों में किसानों को खेती के लिए पानी नहीं मिल पाता है। ऐसे में सभी को बारिश से कुछ राहत की उम्मीद दिखाई देती है। अब सरकार ने भी बारिश के पानी को खेत में इकट्ठा करने की खास योजना बनाई है। इस योजना का लाभ उठाकर जो किसान खेत में तालाब या पॉण्ड का निर्माण कराता है और उसमें बारिश के पानी का संचयन करता है तो उसे सरकार की ओर से 1.35 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। योजना में आवेदन शुरू हो गए हैं। आइए, ट्रैक्टर गुरु की इस पोस्ट से फार्म पॉण्ड योजना के बार में विस्तार से जानते हैं।
फार्म पॉण्ड योजना भूजल के लिए वरदान साबित हो रही है। सरकार की ओर से किसानों को इस योजना को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। योजना के तहत बारिश का पानी संरक्षित करने पर सब्सिडी दी जाती है। बारिश के पानी के संरक्षण और उसके प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार कृषि विभाग के जरिये से साल 2025-26 में भी योग्य किसानों को सब्सिडी प्रदान करेगी। योजना का लाभ “पहले आओ-पहले पाओ” के आधार पर दिया जाएगा।
फार्म पॉण्ड योजना के तहत राजस्थान के किसान 30 सितंबर से पहले आवेदन कर सकते हैं। इस योजना में किसानों को खेत में तालाब बनाने के लिए 1.35 लाख रुपये तक की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है। यह सब्सिडी किसान वर्ग के अनुसार-अनुसार अलग-अलग होती है। योजना का लाभ या सब्सिडी का फायदा उठाने के लिए किसान के नाम पर न्यूनतम 0.3 हेक्टेयर जमीन पर मालिकाना हक और सह खातेदार होने पर उनके हिस्से में एक स्थान पर 0.3 हेक्टेयर भूमि का स्वामित्व होना जरूरी है।
यदि खेत संयुक्त रूप से कई खातेदारों के नाम पर है, तो आपसी सहमति से प्रत्येक किसान को प्रति 0.3 हेक्टेयर भूमि पर एक-एक फार्म पॉण्ड के लिए अनुदान का पात्र माना जाएगा, बशर्ते कि दोनों फार्म पॉण्ड एक ही खसरा संख्या में हों और उनके बीच कम से कम 50 फीट की दूरी हो। हालांकि, एक ही किसान को यदि दूसरा फार्म पॉण्ड बनाना है, तो उसे अन्य खसरा संख्या या अन्य भूमि पर ही अनुदान मिलेगा। साथ ही, फार्म पॉण्ड निर्माण के बाद ही फव्वारा या ड्रिप सिंचाई प्रणाली की स्थापना पर अनुदान दिया जाएगा, यानी इन संयंत्रों की स्थापना फार्म पॉण्ड पूरा होने के बाद ही अनुदान के लिए मान्य होगी।
फार्म पॉण्ड योजना में आवेदन के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज़ प्रस्तुत करना अनिवार्य है:
अगर किसान के पास उपरोक्त दस्तावेजों में से किसी दस्तावेज कमी है तो उसे योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
किसान ई-मित्र केंद्र के माध्यम से या स्वयं राज किसान साथी पोर्टल पर जाकर, किसान नागरिक लॉगिन के अंतर्गत जनाधार नंबर के माध्यम से फार्म पॉण्ड योजना में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर निर्धारित की गई है।
फार्म पॉण्ड योजना के तहत किसानों को खेत में तालाब निर्माण पर अनुदान प्रदान किया जाता है, जिसकी राशि उनकी श्रेणी और पॉण्ड के प्रकार पर निर्भर करती है। लघु, सीमांत, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसान यदि खेत में बिना प्लास्टिक लाइनिंग वाले फार्म पॉण्ड का निर्माण करते हैं तो उन्हें ₹1,05,000 की इकाई लागत पर 70 प्रतिशत अथवा अधिकतम ₹73,500 (जो भी कम हो) का अनुदान मिलता है, जबकि अन्य किसानों को इसी लागत पर 60 प्रतिशत या अधिकतम ₹63,000 तक का अनुदान प्रदान किया जाता है।
वहीं, प्लास्टिक लाइनिंग युक्त फार्म पॉण्ड के निर्माण पर लघु, सीमांत व एससी/एसटी किसानों को ₹1,50,000 की लागत पर 90 प्रतिशत या अधिकतम ₹1,35,000 तथा अन्य किसानों को 80 प्रतिशत या अधिकतम ₹1,20,000 का अनुदान मिलता है। यह अनुदान केवल उन्हीं पॉण्ड्स/तालाब पर लागू होगा जिनकी क्षमता 1200 घनमीटर या उससे अधिक होगी। यदि किसान द्वारा 400 घनमीटर से अधिक आकार का पॉण्ड बनाया जाता है, तो उसे प्रो-रेटा आधार पर (आकार के अनुसार अनुपातिक) अनुदान प्रदान किया जाएगा। यह भी आवश्यक है कि फार्म पॉण्ड का निर्माण कृषि विभाग द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार ही किया जाए।
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