PM Kisan Samman Nidhi Yojana : देश में छोटे और सीमांत किसानों की खेती में निवेश करने की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा पीएम किसान सम्मान निधि योजना संचालित की जा रही है। केंद्र प्रायोजित इस योजना के तहत देशभर में पंजीकृत किसानों को समान रुप से लाभ दिया जा रहा है। हाल ही में पीएम मोदी ने झारखंड के खूंटी से पीएम-किसान सम्मान निधि योजना की 15वीं किस्त जारी की। देशभर के 8.11 करोड़ किसानों के खाते में पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 15वीं किस्त के रूप में कुल 18.61 हजार करोड़ रुपए डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किए गए। इन सब के बीच 62 हजार किसान ऐसे हैं, जिन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 15वीं किस्त का लाभ नहीं मिला है। किस्त का पैसा पाने से वंचित किसान यह जानने के लिए स्थानीय कृषि भवन से संपर्क कर रहे हैं। आखिर किस वहज से उनके बैंक खाते में पीएम-किसान निधि की 15वीं किस्त का पैसा जमा नहीं हुआ। वहीं, बैंक खातों में किस्त का पैसा नहीं पहुंचने के कारण किसान अब अपना डाटा फीड करवाने स्थानीय कृषि कार्यालय पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि विभाग को डाटा फीड करने पर वंचित किसानों को योजना की किस्त का लाभ मिल जाएगा। आईए इस पोस्ट में इस खबर के बारे में विस्तार से जानें।
2 लाख 49 हजार 960 किसानों के बैंक खातों में पहुंचा पैसा
फतेहपुर जिले के कृषि उप निदेशक राम मिलन परिहार ने बताया कि विभाग को उपलब्ध करवाए गए बैंक खाते में आधार फीडिंग और ई-केवाईसी पूर्ण न होने के कारण किसानों को पीमए किसान सम्मान निधि योजना की 15वीं किस्त का पैसा नहीं मिल पाया है। जिले में पिछले साल से लगातार चल रहे लैंड सीडिंग अभियान के तहत 3 लाख 5 हजार किसानों की लैंड सीडिंग की जा चुकी थी। इसके साथ-साथ खाते की आधार फीडिंग और ई-केवाईसी पूरा करने के लिए लगातार अभियान हम लोगों ने संचालित किया। किस्त के लिए जो डाटा हम लोगों ने लॉक करके भेजा है, जो हमको प्राप्त हुआ था वह 2 लाख 49 हजार 960 है। इन पात्र किसानों के खाते में इस बार पीएम किसान की 15वीं किस्त का पैसा पहुंचा है।
इस तरह किसानों के खाते में आएगी रुकी हुई किस्त
कृषि उप निदेशक राम मिलन परिहार ने बताया कि जो किसान पीएम-किसान की 15वीं के लाभ से वंचित रह गए हैं। ऐसे सभी किसान जब तक विभाग को उपलब्ध करवाए गए अपने खाते में आधार फीडिंग व ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करेंगे तब तक के लिए उनकी किस्त रोक दी गई है। जैसे ही बाकी किसान यह दोनों प्रोसेस को पूरा कर लेंगे उनकी रुकी हुई किस्त खाते में आ जाएगी। हम इसके लिए लगातार अभियान चलाकर यह प्रक्रिया पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। जिले में लगभग 28 हजार किसान ऐसे हैं जिनके खाते में आधार फीड नहीं है। वहीं, 34 हजार ऐसे किसान हैं जिनका ई-केवाईसी प्रोसेस पूरा नहीं हुआ है। इस तरह जिले में कुल 62 हजार ऐसे किसान है जिन्हें पीएम -किसान सम्मान निधि योजना के तहत जारी 15वीं किस्त का पैसा नहीं मिला है।
किसानों के खाते में अब तक हस्तांतरित किया जा चुका इतना पैसा
उल्लेखनीय है कि “प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना” केंद्र की एक महत्वकांक्षी योजना है। इसके तहत देशभर के पात्र लाभार्थी किसानों को सालाना 6,000 रुपए दिए जाते हैं। यह धनराशि किसानों के अकाउंट में 2-2 हजार रुपए की तीन समान किस्तों में दी जाती है। योजना के तहत केंद्र सरकार डीबीटी के माध्यम सीधे किसानों के खाते में किस्त का पैसा भेजती है। देशभर में लाभार्थी किसानों के खाते में डीबीटी के माध्यम पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अब तक 15 किस्तों में 2 लाख 80 हजार करोड़ रुपए की धनराशि हस्तांतरित की जा चुकी है। अगर आप पीएम-किसान योजना के लाभार्थी हैa और फार्म में नाम, पता, जेंडर, आधार नंबर, एकाउंट नंबर जैसी किसी भी गलती से संबंधित किसी भी तरह की समस्या की जानकारी चाहते हैं, तो eMail ID - pm [email protected] पर मेल भेज सकते हैं और हेल्पलाइन नंबर- 155261 या 1800115526 या फिर 011-23381092 पर भी संपर्क कर सकते हैं।
4808 फर्जी लाभार्थियों के पास पहुंचे करीब 1 करोड़ 32 लाख 34 हजार
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में फर्जीवड़ा भी सामने आया है। बड़ी जोत और पेंशन भोगी अमीर किसान भी इस योजना में गलत तरीके से किस्त का लाभ उठा रहे हैं। इससे सरकार को तो आर्थिक नुकसान हो रहा है साथ ही पात्र किसानों को भी योजना से वंचित रहना पड़ रहा है। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में लगभग 4808 किसान ऐसे हैं, जो फर्जी तरीके से पीएम किसान योजना के तहत अभी तक 9 किस्तों का पैसा प्राप्त चुके हैं। बताया जा रहा है कि इन टैक्सपेयर्स किसानों ने केंद्र सरकार को लगभग 1 करोड़ 32 लाख 34 हजार रुपए का आर्थिक चूना लगाया है। अब केंद्र सरकार इन फर्जी टैक्सपेयर्स किसानों से पीएम किसान योजना की किस्त का पैसा वसूलने के लिए एक्शन मूड में है। इन फर्जी लाभार्थी किसानों को कृषि विभाग ने पीएम किसान की राशि वापस लौटाने के लिए नोटिस जारी करना भी शुरू कर दिया है। अगर ये किसान किस्त की राशि वापस नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ प्रशासन कानूनी कार्रवाई भी कर सकता है। बता दें कि इन फर्जी किसानों में कुछ मतृक किसानों का नाम भी शामिल है। मृतक 396 किसानों के परिवारजनों ने 26.24 लाख रुपए सरकार को वापस किए हैं। वहीं, 30 अन्य किसानों ने भी लाखों रुपए की राशि वापस की है, जबकि 4808 फर्जी लाभार्थियों ने अभी तक 1 करोड़ 32 लाख 34 हजार रुपए की धनराशि वापस नहीं की है।
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