उन्नत किस्मों के पौधे के लिए आर्गेनिक टेस्टिंग लैब तथा टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना

पोस्ट -13 जनवरी 2025 शेयर पोस्ट

अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार होगी कृषि उत्पादों के लिए आर्गेनिक टेस्टिंग लैब तथा टिश्यू कल्चर लैब स्थापना 

Organic Testing Laboratory and Tissue Culture Lab : केंद्र एवं राज्य दोनों सरकारों द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके तहत सरकार द्वारा कृषि में नई टेक्नोलॉजी के उपयोग को बढ़ावा भी दिया जा रहा है। अधिक से अधिक किसान अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कृषि उत्पादों का उत्पादन कर सके, इसके लिए सरकार द्वारा प्रोसेसिंग यूनिट एवं टेस्टिंग प्रयोगशाला (Testing Laboratory) स्थापित की जा रही है। इस कड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य में आर्गेनिक टेस्टिंग लैब तथा टिश्यू कल्चर लैब की स्थापना की जाएगी। शुक्रवार को विधान भवन में इसको लेकर एक प्रस्तुतीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। 

कार्यक्रम के दौरान राज्य के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि टिश्यू कल्चर लैब प्रदेश में कृषि क्षेत्र का कायाकल्प करने तथा आर्गेनिक टेस्टिंग लैब कृषि उत्पादों की जांच कर अंतर्राष्ट्रीय बाजारों के मानकों के अनुसार वैश्विक बाजार से अधिक लाभ कमाने का मौका देंगे। इससे प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली आएगी।

कृषि उत्पादों को मिलेगा वैश्विक बाजार (Agricultural products will get global market)

प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही ने कहा कि उत्तर प्रदेश में केला, आलू, गन्ना, बांस तथा अंजीर की खेती (Farming) को कृषकों के लिए पहले से अधिक लाभदायी बनाने के मकसद से प्रदेश के कृषि विश्वविद्यालयों (Agricultural Universities) में टिश्यू कल्चर (Tissue Culture) प्रयोगशाला (lab) की स्थापना की जानी प्रस्तावित है। इसके साथ ही यूपी के कृषि उत्पादों (Krishi products) को अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप वैश्विक बाजार (Global Market) में उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आर्गेनिक टेस्टिंग लैब (Organic Testing Lab) भी स्थापित की जानी हैं। इन दोनों प्रकार की प्रयोगशालाओं (Laboratory) की स्थापना (Establishment) पर सभी संबंधित विश्वविद्यालयों द्वारा मंत्री जी के समक्ष प्रेजेंटेशन किया गया।

किसानों की मांग को कर सकेंगे पूरा (Will be able to fulfill the demands of farmers)

उक्त दोनों प्रयोगशालाओं की प्रस्तावित स्थापना पर कृषि मंत्री शाही ने कहा कि आर्गेनिक उत्पादों की टेस्टिंग के लिए अभी तक हमें अन्य प्रदेशों पर आश्रित रहना पड़ता था, जिससे अंतर्राष्ट्रीय मानकों (international standards) पर खरे कृषि उत्पाद पैदा करने वाले प्रदेश के किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पाता था। यह आर्गेनिक टेस्टिंग लैब एन.बी.एल. सहित यूरोप तथा अमेरिका के मानकों के अनुसार, कृषि उत्पादों (Agricultural Products) की टेस्टिंग कर सकेगी। इसके साथ ही टिश्यू कल्चर लैब अच्छी गुणवत्ता वाले केले, आलू, गन्ना, बांस और अंजीर की उन प्रजातियों को विकसित करने में सहायक सिद्ध होंगी, जो किसानों की मांग (Demand) को पूरा कर सकेंगे।

किसानों तक विभागीय योजनाओं का लाभ (Benefits of departmental schemes reach farmers)

कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही (krishi mantri surya pratap shahi) ने बांदा, अयोध्या एवं मेरठ कृषि विश्वविद्यालयों में प्रस्तावित ऑडिटोरियम का प्रस्तुतीकरण भी देखा। उन्होंने अपेक्षित सुधारों पर सुझाव दिए और अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऑडीटोरियम के निर्माण में गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाना चाहिए। मंत्री ने विश्वविद्यालयों के उप-कुलपतियों को निर्देश दिए की वे अपनी समस्त प्रॉपर्टी का रजिस्टर बनाएं तथा अपनी कृष्य भूमि का विवरण भी दर्ज करें। इस मौके पर उन्होंने अधिकारियों को इस बात के लिए भी निर्देशित किया की यह वर्ष कृषि विभाग की स्थापना का 150वां वर्ष है, इसलिए इस अवसर पर ऐसे कार्यक्रम का आयोजन किया जाना चाहिए, जिससे विभागीय योजनाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाने में और अधिक सक्रियता तथा पारदर्शिता आ सके।

सरकार गन्‍ना किसानों को दे सकती है बड़ा तोहफा (Government can give a big gift to sugarcane farmers)

वहीं, उत्तर प्रदेश के गन्ना मंत्री के अनुसार, आने वाले 15 तारीख तक राज्य मंत्रिमंडल की बैठक होनी है। इस कैबिनेट मीटिंग में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के गन्‍ना किसानों को बड़ा तोहफा देने की तैयारी में है। योगी सरकार प्रदेश में इस साल (2024-25) के लिए गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य (SAP) बढ़ा सकती है। प्रदेश सरकार के गन्ना मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने बताया कि जनवरी महीने के दूसरे सप्ताह में जब भी मंत्रिमंडल की बैठक होगी, इसमें फैसला लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गन्ना रिसर्च सेंटर और एक्सपर्ट की रिपोर्ट आ गई है। ऐसी उम्मीद हैं कि आगामी कैबिनेट मीटिंग में इस पर चर्चा करके गन्‍ने का समर्थन मूल्‍य बढ़ाने का ऐलान किया जा सकता है।  वहीं कितना गन्‍ने का समर्थन मूल्‍य कितना बढ़ाया जाएगा, इस पर गन्ना मंत्री ने कोई भी बयान नहीं दिया है। इससे पहले यूपी सरकार ने गन्‍ने का समर्थन मूल्‍य 20 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ाया था। 

बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ सरकार ने 2017 में गन्‍ने के समर्थन मूल्‍य में 10 रुपए प्रति क्विंटल की वृद्धि की थी। इसके बाद 2022 विधानसभा चुनाव से पहले 2021 में गन्‍ने के परामर्श  मूल्‍य में 25 रुपए प्रति क्विंटल तक बढ़ाया गया था। इस तरह पिछले सात सालों में योगी सरकार ने गन्‍ने का समर्थन मूल्‍य करीब 55 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ाया है। 

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