गन्ना विकास विभाग का नया पोर्टल लॉन्च, किसानों को सीधा लाभ
गन्ना विकास विभाग का नया निरीक्षण पोर्टल लॉन्च, 46.50 लाख किसानों को मिलेगा सीधा लाभ
Sugarcane Inspection Portal : एआई-आधारित गन्ने की कटाई और रिमोट सेंसिंग तकनीक से चीनी पुनःप्राप्ति में महत्वपूर्ण वृद्धि और संचालन लागत में कमी आई है। इसके अतिरिक्त, सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से किसानों को बेहतर फसल प्रबंधन और उपज सुधारने में भी काफी मदद मिली है। इस कड़ी में अब उत्तर प्रदेश में गन्ने की उत्पादकता बढ़ाने, लागत घटाने एवं किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए उन्नत तकनीकों का उपयोग होगा। प्रदेश के गन्ना एवं चीनी आयुक्त प्रमोद कुमार उपाध्याय ने कहा है कि विभागीय कार्यों को गति प्रदान करने के उद्देश्य से विभागीय अधिकारियों के फील्ड दौरे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु नया पोर्टल लॉन्च किया गया है। इससे पारदर्शिता और लाभ सीधे 46.50 लाख किसानों काे मिलेगा। बता दें कि उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (mukhyamantri yogi adityanath) सरकार गन्ना किसानों के प्रति गंभीरता से काम कर रही है। मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से गन्ना किसानों (Sugarcane Farmers) को प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है, ताकि उत्पादकता को बढ़ाया जा सके।
अधिकारियों को फोटो, वीडियों और कमेंट अपलोड के निर्देश (Instructions to officials to upload photos, videos and comments)
गन्ना एवं चीनी आयुक्त ने बताया कि इस पोर्टल पर कार्य सत्यापन की व्यवस्था (work verification system) से किसानों के बीच में उनकी उपस्थिति आवश्यक होगी। परस्पर संवाद से विभाग के प्रति विश्वास के साथ-साथ कार्य की गुणवत्ता भी बढ़ेगी। फील्ड में जाने वाले विभाग के अपर आयुक्त से लेकर गन्ना पर्यवेक्षक (Sugarcane Supervisor) तक सभी अधिकारी फील्ड विजिट के समय मौके की फोटो, वीडियो और कमेन्ट गन्ना विकास विभाग (Sugarcane Development Department) द्वारा विकसित निरीक्षण पोर्टल (Inspection Portal)
पर अपडेट करेंगे। इसके लिए सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों को यूजर आईडी-पासवर्ड (User ID and Password to the officials)
आयुक्त ने यह भी बताया कि निरीक्षण रिपोर्ट के साथ गोष्ठी, प्रदर्शनी आदि पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। इस निरीक्षण रिपोर्ट में निरीक्षण का उद्देश्य तत्समय पाई गई स्थितियों का सूक्ष्म विवरण के साथ-साथ अगर कोई कमी पाई जाए तो उसका विवरण तथा उसे दूर करने के संबंध में दिए गए निर्देश, सुझाव आदि का विवरण भी इस वेब पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सभी अधिकारियों को वेब पोर्टल को उपयोग करने के लिए यूजर मैनुअल एवं यूजर आईडी-पासवर्ड भी जारी कर दिए गए हैं। विभागीय अधिकारी वेब पोर्टल पर पहली बार लॉगिन करते हुए अपनी सुविधानुसार अपना पासवर्ड बदल सकते हैं, जिससे कोई अन्य व्यक्ति इसका दुरुपयोग ना कर सके।
विभागीय कार्यों को मिलेगी गति (Departmental work will get speed)
चीनी आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि इस वेब पोर्टल के विकसित होने से अब निरीक्षण के बाद तत्काल रिपोर्ट उपलब्ध होने पर मुख्यालय स्तर से भी आवश्यक आदेश जल्द जारी किए जा सकेंगे, जिससे गन्ना किसानों को स्थानीय स्तर पर जानकारी मिलेगी व आमदनी बढ़ेगी तथा खेती के स्तर में भी सुधार होगा। इस वेब पोर्टल के माध्यम से विभागीय कार्यों को गति मिलेगी, साथ ही कार्यों में पारदर्शिता भी आएगी। इसके अलावा, विभाग को पेपर लेस किए जाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम होगा तथा इससे पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा। बता दें कि योगी सरकार गन्ने के उप–उत्पादों के बेहतर उपयोग एवं चीनी मिलों की कार्यप्रणाली में सुधार करने के लिए एक नए मास्टर प्लान पर काम भी कर रही है। इस प्लान के माध्यम से इथेनॉल उत्पादन, गन्ने से जैविक खाद एवं अन्य बायो–प्रोडक्ट्स तैयार करने पर काम किया जाएगा। इससे चीनी मिलों को अतिरिक्त आय मिलेगी, जिससे किसानों को उपज के लिए समय से भुगतान सुनिश्चित किया जा सकेगा।
गन्ना किसानों को 2.80 लाख करोड़ का भुगतान (Payment of Rs 2.80 lakh crore to sugarcane farmers)
बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रयासों से प्रदेश के गन्ना किसानों की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया है। मुख्यमंत्री के दिशा-निर्देश पर सभी विभागीय अधिकारियों द्वारा गन्ना किसानों के प्रति गंभीरता से काम किया जा रहा है। प्रत्येक जनपद में मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से उत्पादक किसानों (Sugarcane Farmers) को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, जिसके लिए उन्हें स्थानीय कृषि विज्ञान केंद्रों से जोड़ा रहा है। मुख्यमंत्री योगी की जानकारी के अनुसार, गन्ना पेराई सत्र 2024-25 में अब तक 23,173 करोड़ रुपए से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान (Sugarcane price payment) किया जा चुका है, जो कुल देय का 82 फीसदी है।
सरकार ने पिछले आठ वर्षों में 46.50 लाख गन्ना किसानों को कुल 2,80,223 करोड़ रुपए का गन्ना मूल्य भुगतान किया है, जिससे गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक निजी चीनी मिलें है। यहां कुल 120 चीनी मिलों में से निजी क्षेत्र में 93 चीनी मिलें हैं, सहकारी क्षेत्र में 24 मिलें हैं और यूपी राज्य चीनी निगम (यूपीएसएससी) में 3 इकाई हैं। यूपी में लगभग 50 लाख किसान परिवार सीधे गन्ने की खेती से जुड़े हुए हैं।
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